सिंहासन छत्तीसी : बीयर के एक ब्रांड पर बीजेपी में घमासान, खुलेआम कमीशन मांग रहा है मंत्री का आदमी

छत्तीसगढ़ बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। बीयर के ब्रांड को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। साथ ही एक मंत्री के आदमी की ओर से कमीशन की मांग का मामला भी सामने आया है। आज के सिंहासन छत्तीसी में पढ़िए इन घटनाओं के बारे में विस्तार से...

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Arun Tiwari
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Raipur. छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में फिर गर्मी तेज है। बियर के एक ब्रांड के नाम पर बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। चर्चा है कि पार्टी के एक प्रमुख पद पर बैठे नेता ने एक खास ब्रांड की बीयर को बाजार में खपाने की तैयारी कर ली है। यह ब्रांड पिछली सरकार में भी चर्चा में रहा है क्योंकि उसी सरकार में शराब घोटाला हुआ था।

वहीं एक मंत्री का आदमी खुलेआम कमीशन मांग रहा है। कोई कुछ कहता है तो वो जवाब दे देता है कि मैं मंत्री का आदमी हूं। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वहीं बीजेपी संगठन के एक अहम पदाधिकारी संगठन से दूर होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों से जुड़ी ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।   

बीयर तो यही चाहिए

छत्तीसगढ़ में इन दिनों शराब बाजार से लेकर राजनीतिक गलियारों तक एक ही नाम की चर्चा है। यह नाम एक बीयर के ब्रांड का है। प्रदेश की करीब-करीब  हर शराब दुकान में यह ब्रांड नजर आ रहा है। यह वही ब्रांड है जिसके नाम की चर्चा पिछली सरकार के समय भी खूब हुई थी। पिछली सरकार में भी यह ब्रांड कांग्रेस के एक प्रमुख नेता के जरिए शराब दुकानों में पहुंचा था।

सरकार बदल गई लेकिन ब्रांड की अहमियत नहीं बदली। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसके जरिए होने वाली मोटी कमाई को इधर-उधर कर पार्टी फंड मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि पुराने मॉडल पर ही काम हो रहा है।

चर्चा तो यह भी है कि यह सब काम में बीजेपी के एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी का हाथ है। उनके इशारे पर शराब दुकानों में इस ब्रांड की बीयर खूब बिकने लगी है। मामला संगठन तक पहुंचा तो बवाल मच गया। सुना है कि इससे कई पदाधिकारी नाराज बताए जा रहे हैं। अब पार्टी के अंदर साफ सफाई का दौर चल रहा है। इस सब मामले को बंगाल चुनाव में फंड के इंतजाम के तौर पर भी देखा जा रहा है। 

मंत्रीजी के आदमी को चाहिए कमीशन

छत्तीसगढ़ में एक बात की बहुत चर्चा है कि एक मंत्री ऐसे हैं जिन्होंने बाकायदा जिले स्तर तक कमीशन का नेटवर्क तैयार कर रखा है। जीपीएम जिले में इस बात पर मुहर लगाने वाला मामला भी सामने आया है। मामला एक कार्यकर्ता से नहीं बल्कि इंजीनियर से जुड़ा हुआ है।

इस इंजीनियर को विकास के कामों की फाइल पर कमीशन चाहिए। मंत्री का आदमी हूं कहकर दबाव बनाया जा रहा है। यह अपने आपको एक महत्वपूर्ण महकमें के मंत्री का खास बताता है। जब इसका कोई विरोध करता है तो कहता है कि मैं मंत्री का आदमी हूं मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। परेशान होकर वहां के कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत की है। इस शिकायत में यही सब बातें लिखी हुई हैं। अब देखना है कि मंत्रीजी के आदमी का कोई कुछ बिगाड़ पाता है या नहीं। 

नेताजी को मिलेगा प्रमोशन

छत्तीसगढ़ के बीजेपी संगठन के सबसे प्रमुख पदाधिकारी के प्रमोशन की इन दिनों बहुत चर्चा है। कुछ महीने से वे प्रदेश से बाहर ही चल रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने उनको एक राज्य के मोर्चे पर लगा रखा है। क्योंकि वे सीधे संघ से जुड़े हुए हैं इसलिए उन पर जिम्मेदारी ज्यादा रहती है। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक उन्होंने काम भी ज्यादा किया है।

ऐसी चर्चा है कि अब इस मेहनत का उनको इनाम मिलने वाला है। उनको प्रभार के तौर पर क्षेत्रीय पदाधिकारी बनाया जा सकता है। अब उनके समर्थक इसे प्रमोशन बता रहे हैं। लेकिन पार्टी के अंदर ये भी चर्चा है कि इस नाते उनको प्रदेश संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

कई लोगों ने इस बात को आगे बढ़ाया है कि संगठन में सारे प्रमुख पदों पर उनके ही आदमी बैठे हैं। उनके आगे किसी और की नहीं चलती इसलिए उनको संगठन से बाहर किया जा रहा है। वैसे भी पार्टी प्रमुख नितिन नबीन यहां की रग रग से वाकिफ हैं। अब उनके एक्शन का समय आ गया है।

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