अबूझमाड़ में भू-माफिया सक्रिय, तीन विभागों की टीम लगाएगी रोक
Aishwarya Dwivedi | Jun 27, 2026, 09:12 IST
अबूझमाड़ भूमि अतिक्रमण पर संयुक्त टीम की रोक
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नक्सलवाद कमजोर होते ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और जंगलों की कटाई का खेल शुरू हो गया है, जिसे रोकने के लिए संयुक्त टीम बनाई गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
अबूझमाड़ में जमीन कब्जे का खेल
जंगल के भीतर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की कोशिशें तेज हो गई हैं। लोग बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है। वहां नए-नए मकान खड़े किए जा रहे हैं। ग्राम पदमकोट और नेलांगूर में यह खेल साफ देखा जा सकता है।
अबूझमाड़ में भू-माफिया सक्रिय
प्रशासन ने बनाई संयुक्त टीम
नौ साल में सिर्फ तीन फीसदी सर्वे
उस समय यह पूरा इलाका घने जंगलों और नक्सलियों के प्रभाव में था। इस वजह से सर्वे की रफ्तार बेहद धीमी रही। अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक नौ साल में महज 3 प्रतिशत क्षेत्र का ही सर्वे हो पाया है। आईआईटी रुड़की ने अब तक केवल 27 गांवों और 6 माजरा-टोलों का सर्वे किया है। इनमें से 12 गांवों का केवल सीमा सर्वे ही पूरा हो पाया है। विस्तृत सर्वे का काम अभी भी बाकी है।
ड्रोन तकनीक से दो महीने में समाधान
यह आधुनिक ड्रोन महज 30 मिनट में एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे कर सकता है। अगर पांच ड्रोन एक साथ काम पर लगाए जाएं तो रोज 80 वर्ग किलोमीटर का सर्वे होगा। इस रफ्तार से 4400 वर्ग किलोमीटर में फैले अबूझमाड़ का सर्वे दो महीने में पूरा हो सकता है। वन विभाग के पास पहले से ही पर्याप्त संख्या में यह ड्रोन उपलब्ध हैं।
उदंती-सीतानदी में मिली सफलता
पारंपरिक सर्वे पद्धति को छोड़कर अब अबूझमाड़ में भी इसे लागू करने की जरूरत है। जमीन का सर्वे पूरा होने के बाद ही राजस्व और वन विभाग अपनी कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे। समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो अबूझमाड़ के बेशकीमती जंगलों को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
FAQ
- अबूझमाड़ में राजस्व सर्वे पूरा क्यों नहीं हो सका है?
उत्तर: अबूझमाड़ इलाका लंबे समय तक घने जंगलों और नक्सलियों के प्रभाव में रहा है। सुरक्षा कारणों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से यहां पारंपरिक तरीके से सर्वे की रफ्तार बेहद धीमी रही है। - जमीन का सर्वे न होने से वहां क्या परेशानी हो रही है?
उत्तर: सर्वे न होने से यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सी जमीन किस विभाग की है। इसका फायदा उठाकर भू-माफिया और स्थानीय लोग जंगलों की अवैध कटाई कर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। - डीजीपीएस (DGPS) ड्रोन तकनीक से सर्वे कैसे आसान होगा?
उत्तर: यह ड्रोन 30 मिनट में एक वर्ग किलोमीटर की सटीक मैपिंग कर सकता है। पांच ड्रोन की मदद से 4400 वर्ग किलोमीटर के पूरे अबूझमाड़ का सर्वे महज दो महीने में पूरा किया जा सकता है।
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