छत्तीसगढ़ में कॉपियों के मूल्यांकन के लिए एआई तकनीक की शुरुआत
Umeshwari Baghel | Aug 10, 2026, 16:36 IST
AI से जांची जाएंगी कॉपियां
बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए AI आधारित ऑनलाइन मूल्यांकन व्यवस्था शुरू की है। अब कॉपियां स्कैन कर सॉफ्टवेयर के जरिए शिक्षकों को भेजी जा रही हैं। इससे जांच में तेजी आएगी और रिजल्ट समय पर जारी होंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- AI से होगी यूनिवर्सिटी की कॉपियों की जांच
- बिलासपुर में उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन का नया तरीका
- 80 हजार कॉपियों की जांच में AI की मदद
- ऑनलाइन सिस्टम से तेज होगा परीक्षा मूल्यांकन
- AI सुझाव देगा, अंतिम फैसला शिक्षक करेंगे
विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से कॉपियों की जांच में लगने वाला समय कम होगा और परीक्षा परिणाम भी जल्दी जारी किए जा सकेंगे। हालांकि, AI सिर्फ शिक्षकों की मदद करेगा, अंतिम मूल्यांकन और अंक देने का फैसला शिक्षक ही करेंगे।
50 हजार से ज्यादा छात्रों की कॉपियों में AI की मदद
लगभग 80 हजार से अधिक कॉपियों की जांच में ज्यादा समय लगने की संभावना थी। ऐसे में विश्वविद्यालय ने AI आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग शुरू किया। अब केवल प्रवेश परीक्षाओं की ही नहीं, बल्कि यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कॉपी की हार्ड कॉपी भेजने की जरूरत नहीं
इससे कॉपियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। विश्वविद्यालय के अनुसार इससे समय के साथ-साथ परिवहन खर्च में भी कमी आएगी।
उत्तर समझने में AI करेगा शिक्षकों की सहायता
हालांकि, AI के सुझाव के आधार पर सीधे अंक नहीं दिए जाएंगे। शिक्षक उत्तर की जांच करने के बाद अपनी समझ के अनुसार अंतिम अंक तय करेंगे। विश्वविद्यालय का दावा है कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
तीन मिनट में एक कॉपी जांचने का लक्ष्य
एक कॉपी जांचने के लिए करीब तीन मिनट का समय निर्धारित किया गया है। अगर किसी कारण से कोई शिक्षक तय समय में कॉपी जांच नहीं पाता है, तो सिस्टम उसे दूसरे शिक्षक की आईडी में ट्रांसफर कर देता है।
AI सिर्फ सहायक, फैसला शिक्षक का रहेगा
पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि ऑनलाइन मूल्यांकन व्यवस्था से समय की बचत होगी और परीक्षा परिणाम समय पर जारी करने में मदद मिलेगी। उनका कहना है कि भविष्य में शिक्षा क्षेत्र में ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल और बढ़ सकता है।
FAQ
- क्या अब यूनिवर्सिटी की सभी उत्तर पुस्तिकाएं AI ही जांचेगा?
नहीं, AI सिर्फ शिक्षकों की सहायता करेगा। अंतिम मूल्यांकन और अंक देने का फैसला शिक्षक ही करेंगे। - AI से उत्तर पुस्तिका जांचने का क्या फायदा होगा?
AI आधारित व्यवस्था से कॉपियों की जांच तेजी से होगी, समय और खर्च दोनों की बचत होगी। इससे परीक्षा परिणाम भी जल्दी जारी किए जा सकेंगे। - बिलासपुर विश्वविद्यालय में AI मूल्यांकन कैसे काम करेगा?
उत्तर पुस्तिकाओं को पहले स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक ऑनलाइन कॉपी देखकर अंक दर्ज करेंगे और जरूरत पड़ने पर AI की मदद ले सकेंगे।
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