निष्पक्ष चुनाव और वोटर लिस्ट में धांधली पर बवाल: रायपुर की सड़कों पर उतरे अमित जोगी, CEC के इस्तीफे पर अड़े
Umeshwari Baghel | Oct 10, 2026, 18:46 IST
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहनकर ज्ञानू-जानू की बारात निकाली। बैंड-बाजे के साथ निकली इस बारात में शादी की रस्में भी निभाई गईं।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। साथ ही कहा कि जनता अपने वोट के साथ किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी।
रायपुर में शनिवार 10 अक्टूबर को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने की। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ता सुभाष स्टेडियम में एकत्र हुए। इसके बाद शास्त्री चौक स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर रैली निकाली गई। इस दौरान बैंड-बाजे के साथ बारात निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाए।
पार्टी ने इस प्रदर्शन का नाम 'ज्ञानू और जानू की बारात' रखा। इसके जरिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बीच कथित नजदीकी को लेकर सवाल उठाए गए।
जनता कांग्रेस की रैली जैसे ही मोतीबाग के पास पहुंची तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने प्रतीकात्मक शादी की रस्में निभाईं। इस दौरान बैंड-बाजे भी बजाए गए।
कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं का आरोप था कि देश में चुनाव की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अमित जोगी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जबसे 'ज्ञानू और जानू' का प्यार शुरू हुआ है तबसे लोकतंत्र बीमार हो गया है।
जोगी ने आरोप लगाया कि देश में पिछले दस वर्षों से वोट चोरी होती रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार और चुनाव आयोग के बीच कथित नजदीकी अब जनता के सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि रायपुर में एक तरफ बारात निकाली जा रही है। दूसरी तरफ देश में लोकतंत्र की हालत लगातार खराब हो रही है। जोगी ने चेतावनी दी कि जनता के वोट से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। हालांकि वोट चोरी और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमित जोगी ने कहा कि भारत में सरकार चुनने का अधिकार हर नागरिक को मिला है। यह अधिकार संविधान ने दिया है। गरीब से लेकर किसान और मजदूर तक सभी अपने वोट से सरकार चुनते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो जनता का भरोसा कमजोर होता है। इसलिए चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह अपनी निष्पक्षता बनाए रखे।
जोगी के मुताबिक मतदाता सूची में गड़बड़ियों और कथित वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इन मामलों से जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। इसलिए उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए।
पार्टी नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों की पारदर्शी जांच कराई जाए। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी मतदाता के अधिकार का हनन नहीं होना चाहिए।
रायपुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कई नेता शामिल हुए। इनमें वरिष्ठ नेता संजीव अग्रवाल, अधिवक्ता भगवानू नायक और प्रदेश संगठन महामंत्री निलेश चौहान मौजूद रहे।
महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष संतोषी रात्रेऔर युवा प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा जहीर खान, माखन ताम्रकार, जितेंद्र बंजारे, नवीन अग्रवाल, शमशूल आलम, चेतन आदिल, सुनील केसरवानी और अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी ने इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कथित चुनावी गड़बड़ियों की जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया।
सुभाष स्टेडियम से निकाली अनोखी बारात
कार्यकर्ता सुभाष स्टेडियम में एकत्र हुए। इसके बाद शास्त्री चौक स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर रैली निकाली गई। इस दौरान बैंड-बाजे के साथ बारात निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाए।
पार्टी ने इस प्रदर्शन का नाम 'ज्ञानू और जानू की बारात' रखा। इसके जरिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बीच कथित नजदीकी को लेकर सवाल उठाए गए।
पुलिस ने रोका तो सड़क पर करा दी शादी
कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं का आरोप था कि देश में चुनाव की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अमित जोगी बोले- देश में लोकतंत्र बीमार हो गया
जोगी ने आरोप लगाया कि देश में पिछले दस वर्षों से वोट चोरी होती रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार और चुनाव आयोग के बीच कथित नजदीकी अब जनता के सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि रायपुर में एक तरफ बारात निकाली जा रही है। दूसरी तरफ देश में लोकतंत्र की हालत लगातार खराब हो रही है। जोगी ने चेतावनी दी कि जनता के वोट से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। हालांकि वोट चोरी और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो जनता का भरोसा कमजोर होता है। इसलिए चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह अपनी निष्पक्षता बनाए रखे।
जोगी के मुताबिक मतदाता सूची में गड़बड़ियों और कथित वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इन मामलों से जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। इसलिए उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
पार्टी नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों की पारदर्शी जांच कराई जाए। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी मतदाता के अधिकार का हनन नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता
महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष संतोषी रात्रेऔर युवा प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा जहीर खान, माखन ताम्रकार, जितेंद्र बंजारे, नवीन अग्रवाल, शमशूल आलम, चेतन आदिल, सुनील केसरवानी और अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी ने इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कथित चुनावी गड़बड़ियों की जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया।
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