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NEWS IN SHORT
- बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आया।
- नाबालिग क्लासमेट छात्रा को रजही डैम ले गया, जहां दो युवकों ने अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया।
- करीब 5 घंटे तक छात्रा को बंधक बनाकर धमकाया, मारपीट की और दुष्कर्म किया गया।
- रात 9:30 बजे घर लौटने के बाद छात्रा ने परिजनों को घटना बताई, उसी रात FIR दर्ज हुई।
- पुलिस ने नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की है।
NEWS IN DETAIL
बहाने से डैम ले गया क्लासमेट
रविवार (1 मार्च) दोपहर करीब 2 बजे 10वीं की छात्रा को उसका नाबालिग क्लासमेट घुमाने के बहाने रजही डैम ले गया। सुनसान स्थान होने के कारण उसने छात्रा को झांसे में लेकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।।
दोपहर करीब 2:30 बजे वहां मौजूद दो स्थानीय युवकों, वासुदेव विश्वकर्मा (21) और लोमन गोंड (28) ने छिपकर इनका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो दिखाकर छात्रा और उसके साथी को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
बंधक बनाकर धमकाया और दुष्कर्म
आरोपियों ने छात्रा को दोपहर 3 बजे से रात 8:30 बजे तक डैम के पास ही बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई। अंत में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोनों युवकों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसे घर जाने दिया।
परिजन परेशान, स्कूटी मिली संदिग्ध हालात में
छात्रा ट्यूशन जाने की बात कहकर घर से निकली थी। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। गार्डन के पास उसकी स्कूटी खड़ी मिली, जिसके बाद परिवार ने थाने में सूचना दी।
रात में लौटी छात्रा, तुरंत दर्ज हुई FIR
रात 9:30 बजे छात्रा घर लौटी और मां को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी रात FIR दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सीएसपी विकास पाटले के अनुसार, मामले में बीएनएस की धारा 147/2, 127, 62, 49 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
Knowledge
- पॉक्सो एक्ट (POCSO) नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है।
- अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना गंभीर आपराधिक अपराध है।
- नाबालिग आरोपी का मामला जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बाल न्याय बोर्ड में चलता है।
- दुष्कर्म के मामलों में कठोर कारावास की सजा हो सकती है।
- कानून के अनुसार पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है।
Alert
- बच्चों को सुनसान स्थानों पर जाने से रोकें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।
- ब्लैकमेल या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
- सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो साझा करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
IMP FACTS
- घटना स्थल: रजही डैम, दल्लीराजहरा (बालोद)
- पीड़िता: 10वीं की नाबालिग छात्रा
- आरोपी: नाबालिग क्लासमेट + 21 और 28 वर्षीय युवक
- समयावधि: दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक
- धाराएं: बीएनएस की विभिन्न धाराएं व पॉक्सो एक्ट धारा 6
आगे क्या
पुलिस डिजिटल साक्ष्य, मेडिकल जांच और गवाहों के बयान के आधार पर चार्जशीट तैयार करेगी। नाबालिग आरोपी का मामला बाल न्याय बोर्ड में चलेगा, जबकि अन्य दो आरोपियों के खिलाफ सत्र न्यायालय में सुनवाई होगी।
निष्कर्ष
बालोद की यह घटना (Balod Gangrape Case) नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। ब्लैकमेलिंग और यौन अपराध जैसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई जरूरी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और कड़ी निगरानी अनिवार्य है।
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