बस्तर में खुलेगा झीरम और भीमा मंडावी हत्याकांड का राज, एनआईए कोर्ट करेगी सुनवाई
Umeshwari Baghel | Jun 04, 2026, 16:01 IST
bastar-nia-special-court-jhiraam-case
जगदलपुर में बस्तर के लिए एनआईए स्पेशल कोर्ट शुरू हो गई है। झीरमकांड, भीमा मंडावी हत्याकांड और 21 बड़े मामलों की सुनवाई अब स्थानीय स्तर पर होगी। इससे लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा और न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
NEWS IN SHORT
- बस्तर में एनआईए स्पेशल कोर्ट की शुरुआत, लंबित मामलों में अब रफ्तार होगी
- झीरमकांड और भीमा मंडावी हत्याकांड की सुनवाई में मिलने लगी नई गति
- चार जिलों के 21 बड़े एनआईए मामलों की सुनवाई अब स्थानीय स्तर पर
- विशेष अदालत से बस्तर में न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी
- वरिष्ठ अधिवक्ता और जज की नियुक्ति से एनआईए मामलों में सुधार की उम्मीद
NEWS IN DETAIL
जिससे झीरमकांड, भीमा मंडावी हत्याकांड सहित बस्तर क्षेत्र के 21 बड़े एनआईए मामलों की सुनवाई अब स्थानीय स्तर पर तेज गति से हो सकेगी। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और राज्य सरकार की अनुशंसा पर इस विशेष अदालत की अधिसूचना जारी की है।
लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा
अब इन सभी मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में होगी, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों के जल्द निपटारे और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी। न्यायालय की स्थापना से नक्सल हिंसा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी तेज़ी आने की संभावना है।
झीरम और भीमा मंडावी हत्याकांड को नई रफ्तार
चार जिलों के मामलों की सुनवाई
न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव
इसके साथ ही एनआईए मामलों में अभियोजन संचालन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शुक्ला और दिनेश पाणिग्राही को नियुक्त किया गया है। यह कदम न्यायिक प्रक्रिया की गति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय न्यायिक नियंत्रण से पारदर्शिता
न्यायपालिका और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय
महत्वपूर्ण तथ्य
कोर्ट में झीरमकांड और भीमा मंडावी हत्याकांड समेत 21 बड़े मामले सुनवाई के लिए आएंगे।
चार जिलों-बस्तर, दक्षिण बस्तर, उत्तर बस्तर और कोंडागांव-के मामले शामिल हैं।
जिला सत्र न्यायालय में जज संगीता नवीन तिवारी की नियुक्ति हुई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शुक्ला और दिनेश पाणिग्राही एनआईए मामलों में अभियोजन करेंगे।
पहले इस तरह के मामले जिला और प्रथम न्यायाधीश सुनाते थे।
कोर्ट के गठन से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की संभावना बढ़ी।
न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर सुनवाई सुनिश्चित होगी।
नक्सल हिंसा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी आएगी।
विशेष अदालत की स्थापना बस्तर संभाग के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी है।
निष्कर्ष
FAQ
- एनआईए स्पेशल कोर्ट क्यों बनाई गई है?
बस्तर में लंबित नक्सल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए। - किन मामलों की सुनवाई इस अदालत में होगी?
झीरमकांड, भीमा मंडावी हत्याकांड समेत बस्तर संभाग के चार जिलों के कुल 21 बड़े एनआईए मामले। - अदालत में कौन-कौन से अधिकारी और वकील काम करेंगे?
जज संगीता नवीन तिवारी को स्पेशल कोर्ट में नियुक्त किया गया है। अभियोजन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शुक्ला और दिनेश पाणिग्राही जिम्मेदार होंगे।
यह खबरें भी पढ़े...
निकाय उपचुनाव परिणाम: बिलासपुर-जगदलपुर में कांग्रेस का कब्जा, सूरजपुर में खिला कमल
झीरम कांड वाले नक्सली सरेंडर फिर भी बरकरार सवाल, 13 साल पहले हुए नरसंहार का असली मास्टरमाइंड कौन
झीरम कांड के सबूत लेकर कांग्रेस भवन पहुंचे विकास तिवारी, नोटिस का दिया जवाब
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari