बस्तर में धर्मांतरण के आरोप पर बवाल; ओडिशा के पास्टर की बेदम पिटाई, थाने पहुंचा मामला

Harrison Masih | Apr 28, 2026, 18:02 IST
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बस्तर जिले के रेटावंड गांव में एक धार्मिक विवाद के बाद पास्टर की पिटाई कर दी गई, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। पास्टर और उनके परिवार पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया गया, जिसके चलते हिंसा का माहौल बन गया।

Bastar. बस्तर जिले के रेटावंड गांव में एक परिवार और ग्रामीणों के बीच धार्मिक विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बन गई है। जिसके बाद पास्टर की बेदम पिटाई की गई। घटना ने गांव में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। पास्टर और उनके परिवार पर धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगा है। इस आरोप को लेकर गांव में विवाद बढ़ा और मामला हिंसा में तब्दील हो गया।



क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि ओडिशा से आए यह परिवार कुछ समय से रेटावंड गांव में रह रहा था। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पास्टर द्वारा धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे गांव में धार्मिक असहमति और तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामवासियों ने मीटिंग आयोजित कर पास्टर और उनके परिवार से गांव छोड़ने की मांग की थी, लेकिन इस दौरान विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई।



मारपीट और तनावपूर्ण माहौल:

सालों से शांतिपूर्ण तरीके से रहने वाले रेटावंड गांव के ग्रामीणों ने जब पास्टर को गांव से बाहर जाने की चेतावनी दी, तो शुरुआत में मामला सामान्य लग रहा था। लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने पास्टर को बुरी तरह पीट दिया। पास्टर पर हुए इस हमले ने न सिर्फ गांव में तनाव को बढ़ाया, बल्कि स्थानीय समुदाय के बीच गहरी असहमति का संकेत भी दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया, जिससे प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।



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पुलिस का हस्तक्षेप:

घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच शिकायतें दर्ज की गईं। पास्टर और उनके परिवार ने मारपीट, गाली-गलौज और डराने-धमकाने के आरोप लगाए। वहीं, ग्रामीणों ने शिकायत में कहा कि बाहरी व्यक्ति गांव में स्थायी रूप से नहीं रह सकते और धर्म प्रचार जैसी गतिविधियां बंद की जानी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और गांव पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच समझाइश दी।



पुलिस की कार्यवाही:

पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की चेतावनी दी और उनके बीच सहमति बनने तक मामला शांत किया। इस दौरान, पास्टर ने यह आश्वासन दिया कि वे जल्द ही गांव छोड़ देंगे, खासकर तब जब उनके बच्चों की परीक्षा समाप्त हो जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और गांव में तनावपूर्ण हालात नहीं हैं।



समझाइश और भविष्य की रणनीति:

गांव में उत्पन्न तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया और गांव के प्रमुखों, सरपंच, कोटवार सहित दोनों पक्षों के साथ एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में सभी ने मिलकर यह सहमति व्यक्त की कि पास्टर का परिवार जल्द ही गांव छोड़ देगा, ताकि विवाद और तनाव को समाप्त किया जा सके। प्रशासन ने दोनों पक्षों को यह सलाह दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा दें। इसके साथ ही शांति बनाए रखने की हिदायत दी गई।



निष्कर्ष:

हालांकि यह मामला शांति से सुलझा लिया गया है, लेकिन रेटावंड गांव में धर्म परिवर्तन को लेकर तनावपूर्ण स्थिति ने यह साबित किया कि धार्मिक मुद्दों पर संवाद और समझाइश की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों को शांत रखने और समस्या के समाधान के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की जा रही है।



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