भारतमाला मुआवजे में मालामाल हुआ चंद्राकर परिवार, 14 अधिकारी हैं लूट के जिम्मेदार
Arun Tiwari | Jun 17, 2026, 13:38 IST
भारतमाला मुआवजा घोटाला चंद्राकर परिवार 2026
छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत हुई जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में खूब लूट हुई। इस लूट में व्यापारी,नेता,अफसर सभी जिम्मेदार हैं। रसूखदारों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों का मुआवजा कमाया।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ के भारतमाला प्रोजेक्ट में घोटाला
- चंद्राकर परिवार मुआवजे में हुआ मालामाल
- राजनांदगांव और दुर्ग जिले में की कमाई
- जिले के भूअर्जन अधिकारी और तहसीलदार जिम्मेदार
14 अधिकारी हैं लूट के जिम्मेदार
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर से जुड़े इस परिवार के कई लोगों ने इस प्रोजेक्ट से मुआवजा कमाया। खासतौर से राजनांदगांव और दुर्ग जिले में इस परिवार को फर्जी मुआवजे की खूब कमाई हुई।
द सूत्र आपको बता रहा है कि इस प्रोजेक्ट के दौरान वे कौन से अधिकारी थे जो इस लूट के लिए जिम्मेदार हैं। लूट के गुनहगार अधिकारियों में राजनांदगांव और दुर्ग के 14 भूअर्जन अधिकारी और तहसीलदार शामिल हैं। सरकार की रिपोर्ट में यह नाम हैं। अब यह ईडी की रडार पर आ गए हैं।
लूट के गुनहगार :
इनसे ज्यादा वे सरकारी अधिकारी जिम्मेदार हैं जिन्होंने फर्जी तरीके से यह सब काम किया। चंद्राकर परिवार ने राजनांदगांव और दुर्ग जिले में जमीन की बंदरबांट ज्यादा की। इनको साथ दिया तत्कालीन भूअर्जन अधिकारी और तहसीलदारों ने। हम आपको बता रहे हैं कि इस दौरान इन दोनों जिलों में कौन कौन भूअर्जन अधिकारी और तहसीलदार पदस्थ रहे हैं जो इस फर्जीवाड़े के जिम्मेदार हैं।
राजनांदगांव जिले के जिम्मेदार अधिकारी :
- भूअर्जन अधिकारी अतुल विश्वकर्मा का कार्यकाल 5 जून 2017 से 8 मार्च 2019
- भूअर्जन अधिकारी मुकेश रावते का कार्यकाल 8 मार्च 2019 से 22 अक्टूबर 2021
- भूअर्जन अधिकारी अरुण कुमार वर्मा का कार्यकाल 22 अक्टूबर 2021 से 4 मार्च 2024
- तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे का कार्यकाल 17 मई 2017 से दिनांक 27 अगस्त 2018
- तहसीलदार रमेश कुमार मोर का कार्यकाल 28 अगस्त 2018 से 31 अगस्त 2021
- तहसीलदार प्रफुल्ल कुमार गुप्ता का कार्यकाल 1 सितंबर 2021 से 31 जुलाई 2023
- तहसीलदार मनीष कुमार वर्मा का कार्यकाल 1 अगस्त 2023 से 28 फरवरी 2024
दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी :
- भूअर्जन अधिकारी ज्योति पटेल का कार्यकाल 1 जुलाई 2018 से 9 मार्च 2019
- भूअर्जन अधिकारी विनय कुमार पोयाम का कार्यकाल 9 मार्च 2019 से 22 मार्च 2021
- भूअर्जन अधिकारी विपुल कुमार गुप्ता का कार्यकाल 22 मार्च 2021 से 5 जनवरी 2023
- भूअर्जन अधिकारी दीपक कुमार निकुंज का कार्यकाल 10 जनवरी 2024 से 29 जुलाई 2024
- भूअर्जन अधिकारी लवकेश कुमार ध्रुव का कार्यकाल 30 जुलाई 2024
दुर्ग के जिम्मेदार अधिकारी :
- भूअर्जन अधिकारी कैलाश वर्मा का कार्यकाल दिनांक 16 जनवरी 2017 से 22/02/2019
- तहसीलदार नारायण सिंह चंद्राकर का कार्यकाल दिनांक 24 अक्टूबर 2018 से 27 फरवरी 2019
भारतमाला मुआवजा घोटाला चंद्राकर परिवार
ये है चंद्राकर परिवार जिन्होंने लिया मुआवजा :
- भूपेंद्र चंद्राकर - चचेरा भाई
- दीप्ति चंद्राकर - भूपेंद्र की पत्नी
- रोशन चंद्राकर - राइस मिलर करोबारी
- सीमा - रोशन चंद्राकर की पत्नी
- सौरभ चंद्राकर - भतीजा
- अरुणा चंद्राकर - भाभी
- रंजीता - सौरभ की पत्नी
- भरतलाल चंद्राकर - मामा परिवार
- राजकुमार चंद्राकर - मामा परिवार
- सुषमा - राजकुमार की पत्नी
- विशाखा - मामा परिवार
- योगेश - भरतलाल का पुत्र
- योगेश चंद्राकर - मामा परिवार
- रेखा - योगेश चंद्राकर की पत्नी
- मीना बाई - भरतलाल चंद्राकर की पत्नी
- गायत्री - भूपेंद्र चंद्राकर की भाभी
- विनोद - भूपेंद्र चंद्राकर का भाई
- विश्वनाथ - भूपेंद्र चंद्राकर का भाई
ये है भारतमाला घोटाला :
इससे दूरी कम और यात्रा आसान हो जाएगी। इस एक्सप्रेस वे के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया गया। जमीनों के अधिग्रहण के बदले मुआवजा दिया गया। इसी मुआवजे में रसूखदारों के साथ मिलकर सरकारी अधिकारियों ने करोड़ों का भ्रष्टाचार कर दिया। इसकी जांच अब ईओडब्ल्यू और ईडी जांच एजेंसियां कर रही हैं। इनकी जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
निष्कर्ष
FAQ
- भारतमाला घोटाला क्या है?
भारतमाला घोटाला भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजे में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। आरोप है कि कुछ लोगों ने प्रोजेक्ट की जानकारी मिलने के बाद जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कराकर और फर्जी तरीके से नामांतरण कराकर अधिक मुआवजा लिया, जिससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान हुआ। - भारतमाला घोटाले में चंद्राकर परिवार पर क्या आरोप हैं?
आरोप है कि चंद्राकर परिवार ने जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कराकर भूमि अधिग्रहण के दौरान नियमों का दुरुपयोग किया और करोड़ों रुपये का अधिक मुआवजा प्राप्त किया।
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