भिलाई में 12.66 करोड़ के पेवर ब्लॉक घोटाले की जांच तेज, 9 अफसरों को नोटिस, 19 ठेकेदारों से भी मांगा जवाब

Umeshwari Baghel | Oct 07, 2026, 15:38 IST
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भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक कार्यों की जांच तेज<br>
भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक कार्यों की जांच तेज

भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक के निर्माण कार्यों को लेकर चल रही जांच अब और आगे बढ़ गई है। करीब 12.66 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता के इस मामले में अब निगम के नौ अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों से पूरे मामले में उनका पक्ष और अभिमत मांगा गया है। इससे पहले उप अभियंताओं और ठेकेदारों से भी जवाब मांगा जा चुका है।

लगातार जारी हो रहे नोटिस के बाद नगर निगम में इस मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है। जांच का दायरा भी अब केवल निर्माण कार्य और ठेकेदारों तक सीमित नहीं रह गया है। अधिकारियों की भूमिका भी देखी जा रही है। हालांकि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में किस अधिकारी या ठेकेदार की कितनी जिम्मेदारी बनती है, यह जवाब मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।

इन 9 अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस

नगर निगम की ओर से जिन वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस दिया गया है, उनमें कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। कार्यपालन अभियंताओं में कुलदीप गुप्ता, बीके वर्मा, रवि सिन्हा, अखिलेश चंद्राकर और संजय बागड़े के नाम हैं।


वहीं सहायक अभियंता अरविंद शर्मा, वसीम खान, आलोक पसीना और आरएस राजपूत को भी नोटिस जारी किया गया है। इन सभी अधिकारियों से पेवर ब्लॉक से जुड़े निर्माण कार्यों को लेकर उनका पक्ष मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद जांच टीम आगे की स्थिति का आकलन करेगी।

अधिकारियों के जवाब के बाद साफ होगी तस्वीर

इस पूरे मामले में अभी सबसे अहम बात अधिकारियों और ठेकेदारों के जवाब हैं। नोटिस जारी होने के बाद ठेकेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल निगम आयुक्त से भी मिला था। ठेकेदारों ने पूछा था कि उन्हें नोटिस क्यों जारी किया गया है। इस पर निगम आयुक्त की ओर से उन्हें जांच की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।

अब अधिकारियों और ठेकेदारों से मिलने वाले जवाबों की जांच होगी। इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि पेवर ब्लॉक के कामों में वास्तव में कितनी अनियमितता हुई और इसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर बनती है।

शिकायतकर्ता की तरफ से इस मामले में अनियमितता की राशि ज्यादा होने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक राशि का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।


पेवर ब्लॉक के 33 काम जांच के दायरे में

नगर निगम में पेवर ब्लॉक से जुड़े कुल 33 निर्माण कार्यों की फाइलें जांच के दायरे में हैं। इनमें से 29 फाइलों का परीक्षण पूरा किया जा चुका है। जांच के दौरान तीन अन्य फाइलें भी सामने आई हैं। अब इन फाइलों की जांच लोक निर्माण विभाग से कराने की तैयारी की जा रही है।

इसके अलावा साल 2023 में इन कामों से जुड़े 19 ठेकेदारों को भी नोटिस जारी किया गया है। उनसे भी अपने पक्ष में जानकारी और जवाब देने के लिए कहा गया है। इस तरह जांच में अब निर्माण कार्यों की फाइलें, संबंधित अधिकारी और ठेकेदार तीनों शामिल हैं। सभी का पक्ष मिलने के बाद ही निगम आगे की कार्रवाई पर फैसला कर सकेगा।

नोटिस के बाद बिल और माप के काम पर असर

जांच शुरू होने और लगातार नोटिस जारी होने के बाद नगर निगम के रोजमर्रा के काम पर भी इसका असर दिखने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कुछ उप अभियंता अब ठेकेदारों के बिल तैयार करने और निर्माण कार्यों का माप लेने में सावधानी बरत रहे हैं।


इसकी वजह यह है कि बाद में किसी काम में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय हो सकती है। इसी डर के कारण कुछ अधिकारी निर्माण कार्यों के माप और भुगतान से जुड़े मामलों में जल्दबाजी नहीं करना चाहते।

दूसरी तरफ ठेकेदारों की चिंता भुगतान को लेकर है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्यों का माप समय पर नहीं हुआ और बिल आगे नहीं बढ़े तो उनका भुगतान अटक सकता है। त्योहारी सीजन को देखते हुए ठेकेदार इसे लेकर ज्यादा चिंतित हैं।

शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच

पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों का यह मामला एक शिकायत के बाद जांच के दायरे में आया था। भाजपा पार्षद संतोष मौर्य ने पेवर ब्लॉक के कामों को लेकर सांसद विजय बघेल से शिकायत की थी। इसके बाद सांसद विजय बघेल ने मामले की जांच कराने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा।

कलेक्टर के निर्देश के बाद जांच टीम बनाई गई। इसमें लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंताओं को शामिल किया गया। टीम ने पेवर ब्लॉक से जुड़े कार्यों और दस्तावेजों की जांच की।

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कलेक्टर ने भिलाई नगर निगम आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।इसके बाद नगर निगम की ओर से संबंधित लोगों को एक के बाद एक नोटिस जारी किए जा रहे हैं।


अभी अंतिम कार्रवाई पर फैसला नहीं

फिलहाल इस मामले में किसी अधिकारी या ठेकेदार की अंतिम जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। नगर निगम सभी संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों का जवाब लेने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।

जवाबों की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। यदि अनियमितता सामने आती है तो किस स्तर पर लापरवाही हुई और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी, इसका फैसला भी जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।

फिलहाल नौ वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस मिलने और 19 ठेकेदारों से जवाब मांगे जाने के बाद भिलाई नगर निगम में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। अब नजर इस बात पर है कि अधिकारियों और ठेकेदारों के जवाब में क्या सामने आता है और जांच के बाद निगम किस तरह की कार्रवाई करता है।
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