भिलाई स्टील प्लांट पर सियासत
अडानी की नजर अब बीएसपी पर, भूपेश बघेल बोले- छत्तीसगढ़ की आत्मा नहीं बिकने देंगे
Arun Tiwari | Oct 14, 2026, 22:27 IST
भिलाई स्टील प्लांट पर सियासत
रायपुर : छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भिलाई स्टील प्लांट में अडानी समूह के संभावित दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर अब छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम भिलाई स्टील प्लांट पर है।
बघेल ने इसे देश की सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की मुहिम से जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़वासी बीएसपी को किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा कि जानकारी मिली है कि अडानी समूह भिलाई स्टील प्लांट को देखने आने वाला है। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि अडानी के बीएसपी पहुंचने का क्या मतलब है, यह समझा जा सकता है। बघेल ने आरोप लगाया कि देश की संपत्तियों को बेचने का अभियान चल रहा है और अब प्रधानमंत्री की नजर भिलाई स्टील प्लांट पर है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में अदाणी समूह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रिय खरीदार बताते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यह समझ लें कि बीएसपी छत्तीसगढ़ की आत्मा है और प्रदेश के लोग इसे किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं को भी संदेश देते हुए कहा कि वे समझ लें कि बीएसपी बिकाऊ नहीं है।
भिलाई स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी स्थापना के बाद से ही इस संयंत्र ने भिलाई शहर के विकास, रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाई है। हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस औद्योगिक व्यवस्था से जुड़ी रही है।भिलाई स्टील प्लांट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाइयों में शामिल है। यहां रेल पटरियों सहित विभिन्न प्रकार के इस्पात उत्पादों का निर्माण किया जाता है। देश के बुनियादी ढांचे, रेलवे और औद्योगिक विकास में भी संयंत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
ऐसे में बीएसपी को लेकर किसी भी संभावित निजी भागीदारी, प्रबंधन में बदलाव या निजीकरण की आशंका राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन जाती है। संयंत्र से जुड़े कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार की सुरक्षा, औद्योगिक विकास और सार्वजनिक क्षेत्र में इसकी भूमिका प्रमुख चिंता के विषय हैं।
![भिलाई स्टील प्लांट पर सियासत]()
भूपेश बघेल का यह बयान केंद्र सरकार की सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़ी नीतियों पर कांग्रेस के विरोध के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक उपक्रमों में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे सरकारी संस्थानों, कर्मचारियों और आम लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
बीएसपी को लेकर बघेल की टिप्पणी इसी राजनीतिक विरोध का हिस्सा मानी जा सकती है। उन्होंने अपने बयान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संपत्तियों को लेकर स्थानीय भावनाओं को सामने रखने की कोशिश की है। उनका जोर इस बात पर है कि भिलाई स्टील प्लांट को केवल आर्थिक या व्यावसायिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके साथ प्रदेश की पहचान और लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हैं।
दूसरी ओर, अदाणी समूह के संभावित दौरे और उसके उद्देश्य को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। किसी औद्योगिक इकाई का दौरा अपने आप में उसके अधिग्रहण या निजीकरण का प्रमाण नहीं होता। इसलिए इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी और निर्णयों को देखना महत्वपूर्ण होगा।
भूपेश बघेल के बयान के बाद भिलाई स्टील प्लांट को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। कांग्रेस इस मुद्दे को सार्वजनिक संपत्तियों और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक हितों से जोड़कर उठा सकती है। वहीं, इस पूरे मामले में अदाणी समूह के संभावित दौरे की वास्तविक वजह और केंद्र सरकार या सेल की ओर से किसी आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
फिलहाल, बघेल ने अपने बयान के जरिए साफ कर दिया है कि बीएसपी के मुद्दे पर कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है। उनका संदेश स्पष्ट है कि भिलाई स्टील प्लांट को लेकर किसी भी संभावित बदलाव का विरोध किया जाएगा। अब देखना होगा कि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर क्या जानकारी सामने आती है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
भूपेश बघेल का पोस्ट
बीएसपी को लेकर क्यों गरमाई राजनीति
ऐसे में बीएसपी को लेकर किसी भी संभावित निजी भागीदारी, प्रबंधन में बदलाव या निजीकरण की आशंका राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन जाती है। संयंत्र से जुड़े कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार की सुरक्षा, औद्योगिक विकास और सार्वजनिक क्षेत्र में इसकी भूमिका प्रमुख चिंता के विषय हैं।
कांग्रेस ने निजीकरण के मुद्दे पर केंद्र को घेरा
बीएसपी को लेकर बघेल की टिप्पणी इसी राजनीतिक विरोध का हिस्सा मानी जा सकती है। उन्होंने अपने बयान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संपत्तियों को लेकर स्थानीय भावनाओं को सामने रखने की कोशिश की है। उनका जोर इस बात पर है कि भिलाई स्टील प्लांट को केवल आर्थिक या व्यावसायिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके साथ प्रदेश की पहचान और लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हैं।
दूसरी ओर, अदाणी समूह के संभावित दौरे और उसके उद्देश्य को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। किसी औद्योगिक इकाई का दौरा अपने आप में उसके अधिग्रहण या निजीकरण का प्रमाण नहीं होता। इसलिए इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी और निर्णयों को देखना महत्वपूर्ण होगा।
बीएसपी पर आगे क्या होगा, नजरें टिकीं
फिलहाल, बघेल ने अपने बयान के जरिए साफ कर दिया है कि बीएसपी के मुद्दे पर कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है। उनका संदेश स्पष्ट है कि भिलाई स्टील प्लांट को लेकर किसी भी संभावित बदलाव का विरोध किया जाएगा। अब देखना होगा कि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर क्या जानकारी सामने आती है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ने पर सियासी घमासान, भूपेश बोले- जनता महंगाई से परेशान, दीपक बैज ने भर्ती परीक्षाओं पर उठाए सवाल
By Umeshwari Baghel
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें: लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में बड़ी राहत
By Sandeep Kumar
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर DGP सख्त, नाकाबंदी में बॉडी कैमरे और साइबर अपराधों में जीरो FIR के निर्देश
By Jyoti Mahender Bhardwaj
जयपुर PWD में ठेकेदारों ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन, XEN जयप्रकाश यादव पर आरोप, अब तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
By Saurabh Mishra
MP में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बिना CPCT मिल सकेगा प्रमोशन, जानें कौन होगा पात्र
By Sumit Kumar
Rajasthan Top News: राजस्थान पंचायत चुनाव में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने भरे पर्चे
By Ashish Bhardwaj
CG Top News: साय कैबिनेट से धान खरीदी तक, कोयला-शराब घोटाले में बड़ा खुलासा, शिक्षक भर्ती और डिजिटल अरेस्ट समेत पढ़े दिनभर की बड़ी खबरें
By Umeshwari Baghel