PM आवास योजना में बड़ी गड़बड़ी, सचिव ने अपने नाम पर कर लिया घर...बैंक खाते में ट्रांसफर कराए पैसे
Kanak Durga Jha | Sept 22, 2024, 10:18 IST
Big mistake in PM housing scheme secretary got house own nam
PM Awas Yojana In Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के महासमुंद में प्रधानमंत्री आवास योजना का गलत फायदा उठाकर पंचायत सचिव ने खुद के नाम से आवास स्वीकृति करा लिया।
PM Awas Yojana In Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना में पंचायत सचिव ने बड़ी गड़बड़ी की है। प्रधानमंत्री आवास योजना का गलत फायदा उठाकर पंचायत सचिव ने खुद के नाम से आवास स्वीकृति करा लिया।
मामले का खुलासा होते ही जिला सीईओ ने तुरंत कार्रवाई की है। सीईओ ने सचिव को निलंबित कर दिया है। जबकि पीएम आवास योजना के पिथौरा विकास खण्ड समन्वयक, जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर एक साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
लेकिन, अब आवास स्वीकृति के सभी दस्तावेज भी गायब हो गए। दरअसल, महासमुंद जिले के विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम पंचायत कंटगतराई में चैतराम साहू पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ थे, जो कि वर्तमान में निलंबित है। बता दें कि सचिव चैतराम साहू पिथौरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बडेटेमरी का मूल निवासी है।
सचिव ने अपने गृह ग्राम बडेटेमरी में साल 2020-21 में एक शासकीय कर्मचारी होते हुए पीएम आवास योजना के नियमानुसार अपात्र है। यह जानते हुए भी अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर अपने नाम से पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति कराकर राशि आहरण कर लिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद सचिव को 1 दिसंबर 2023 को जिला पंचायत सीईओ ने निलंबित कर दिया था। जबकि, अपात्र हितग्राही सचिव के नाम से आवास स्वीकृति के संबंध में ग्राम पंचायत बडेटेमरी के सचिव जिसका पंजीयन प्रपत्र में हस्ताक्षर है। जनपद पंचायत पिथौरा में अधिकरियों के द्वारा पंजीयन प्रपत्र को स्वीकृति भी नहीं की गई और नोट सीट भी नहीं चलाया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पंचायत सचिव चैतराम साहू के द्वारा उक्त आवास के संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा में जमा किया गया। पंजीयन प्रपत्र उपलब्ध नहीं होना और नोट सीट भी नहीं चलाया जाना बताया गया।
इस मामले में कार्रवाई के दौरान सचिव चैतराम साहू ने जनपद सीईओ पिथौरा के सामने लिखित में जवाब पेश किया कि, गलती से उनके नाम से आवास स्वीकृति हो गया है। जिसकी दो किस्त की राशि 65 हजार रुपये उसके बैंक खाता में प्राप्त हुआ है। न ही उसके द्वारा राशि आहरण किया गया है और न ही आवास का निर्माण कराया गया है।
जबकि सचिव चैतराम साहू किसी अन्य व्यक्ति के निर्माणाधीन आवास में खड़े होकर जियो टैग कराया है। उक्त आवास से संबंधित प्रस्तुत पंजीयन प्रपत्र में सचिव की पत्नी कल्याणी साहू का बैंक खाता की जानकारी दी गई है। लेकिन जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों के द्वारा सचिव के बैंक खाता में 65 हजार रुपए भुगतान किया गया है। इस संबंध में पिथौरा जनपद पंचायत सीईओ से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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मामले का खुलासा होते ही जिला सीईओ ने तुरंत कार्रवाई की है। सीईओ ने सचिव को निलंबित कर दिया है। जबकि पीएम आवास योजना के पिथौरा विकास खण्ड समन्वयक, जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर एक साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
लेकिन, अब आवास स्वीकृति के सभी दस्तावेज भी गायब हो गए। दरअसल, महासमुंद जिले के विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम पंचायत कंटगतराई में चैतराम साहू पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ थे, जो कि वर्तमान में निलंबित है। बता दें कि सचिव चैतराम साहू पिथौरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बडेटेमरी का मूल निवासी है।
कई अधिकारी भी हैं शामिल
सचिव ने अपने गृह ग्राम बडेटेमरी में साल 2020-21 में एक शासकीय कर्मचारी होते हुए पीएम आवास योजना के नियमानुसार अपात्र है। यह जानते हुए भी अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर अपने नाम से पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति कराकर राशि आहरण कर लिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद सचिव को 1 दिसंबर 2023 को जिला पंचायत सीईओ ने निलंबित कर दिया था। जबकि, अपात्र हितग्राही सचिव के नाम से आवास स्वीकृति के संबंध में ग्राम पंचायत बडेटेमरी के सचिव जिसका पंजीयन प्रपत्र में हस्ताक्षर है। जनपद पंचायत पिथौरा में अधिकरियों के द्वारा पंजीयन प्रपत्र को स्वीकृति भी नहीं की गई और नोट सीट भी नहीं चलाया गया है।
नहीं मिल रहे दस्तावेज
मिली जानकारी के मुताबिक, पंचायत सचिव चैतराम साहू के द्वारा उक्त आवास के संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा में जमा किया गया। पंजीयन प्रपत्र उपलब्ध नहीं होना और नोट सीट भी नहीं चलाया जाना बताया गया।
अपने खाते में ट्रांसफर किए पैसे
इस मामले में कार्रवाई के दौरान सचिव चैतराम साहू ने जनपद सीईओ पिथौरा के सामने लिखित में जवाब पेश किया कि, गलती से उनके नाम से आवास स्वीकृति हो गया है। जिसकी दो किस्त की राशि 65 हजार रुपये उसके बैंक खाता में प्राप्त हुआ है। न ही उसके द्वारा राशि आहरण किया गया है और न ही आवास का निर्माण कराया गया है।
जबकि सचिव चैतराम साहू किसी अन्य व्यक्ति के निर्माणाधीन आवास में खड़े होकर जियो टैग कराया है। उक्त आवास से संबंधित प्रस्तुत पंजीयन प्रपत्र में सचिव की पत्नी कल्याणी साहू का बैंक खाता की जानकारी दी गई है। लेकिन जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों के द्वारा सचिव के बैंक खाता में 65 हजार रुपए भुगतान किया गया है। इस संबंध में पिथौरा जनपद पंचायत सीईओ से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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