बिलासपुर फोरलेन सड़क का घटिया निर्माण, चार साल में आई दरारें
Aishwarya Dwivedi | Jul 17, 2026, 15:21 IST
बिलासपुर-4 लेन-सड़क-दरार-समस्या
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 1261 करोड़ की लागत से बनी फोरलेन सड़क निर्माण के महज चार साल में ही जर्जर हो गई है। एनएचएआई की लापरवाही के कारण कंक्रीट पैनलों में गंभीर दरारें आ गई हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
चार साल में टूटी सड़क
भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप
चौंकाने वाली बात यह है कि इस लापरवाही पर कोई सख्त एक्शन नहीं हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों ने दोषी निर्माण एजेंसी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। एजेंसी पर अब तक न तो कोई जुर्माना लगा है और न ब्लैकलिस्ट किया गया है।
सेंदरी से पेंड्रीडीह के बीच कंक्रीट के पैनल कई जगहों पर बेहद चौड़े हो चुके हैं। कुछ जगहों पर तो दरारें इतनी लंबी हैं कि वे कई पैनलों को पार कर गई हैं। सूत्रों के मुताबिक निर्माण के दौरान तय तकनीकी मानदंडों की घोर अनदेखी की गई थी।
बिलासपुर फोरलेन सड़क का घटिया निर्माण
अफसरों की मॉनिटरिंग पर सवाल
सड़क पर वर्तमान में जगह-जगह पैचवर्क और मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस मरम्मत कार्य के कारण इस व्यस्त मार्ग पर आए दिन लंबा जाम लग रहा है। जाम की वजह से राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
सकरी बायपास पर बने फ्लाईओवर के दोनों छोर के पास भी यही हाल है। वहाँ भी कंक्रीट पैनलों में साफ तौर पर बड़ी क्रैक देखा जा सकता है। लोग अब इस निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
पहले भी जर्जर थी यह सड़क
स्थानीय जनता को उम्मीद थी कि भारी-भरकम राशि खर्च होने से संकट दूर होगा। उन्हें लगा था कि 1261 करोड़ खर्च होने के बाद इस संकट से मुक्ति मिलेगी। लेकिन घटिया निर्माण ने आम लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
बिलासपुर में यह तीसरा मामला
मंडी बोर्ड की सड़क के पैनलों में भी भारी दरारें आई थीं। तब ठेकेदार और स्थानीय अधिकारियों ने बिना अनुमति के उस पर डामरीकरण कर दिया था। उन्होंने उच्चाधिकारियों की अनुमति के बिना ही चालाकी से पर्दा डाल दिया था।
दूसरा मामला बिलासपुर हाई कोर्ट रोड का था, जिसका निर्माण साल 2013 में हुआ था। इसका निर्माण नेशनल हाईवे (NH – National Highway) द्वारा कराया गया था। इसके निर्माण के दौरान ही कंक्रीट सड़क के लगभग 300 पैनलों में दरारें आ गई थीं।
इन खराब पैनलों को आज तक ठीक नहीं किया जा सका है। लोक निर्माण विभाग (PWD – Public Works Department) को हैंडओवर होने के बाद अब इस पर काम होगा। अब इस सड़क पर इपॉक्सी तकनीक से डामरीकरण का कार्य किया जाएगा।
FAQ
- बिलासपुर फोरलेन सड़क के निर्माण में कुल कितनी लागत आई थी?
उत्तर: इस मेगा हाईवे प्रोजेक्ट के निर्माण में कुल 1261 करोड़ रुपये की लागत आई थी। यह सड़क सेंदरी से पतरापाली के बीच बनाई गई है। - भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव के लिए कौन सी शीर्ष संस्था जिम्मेदार है?
उत्तर: भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव की मुख्य जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की है। यह केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करता है। - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की स्थापना किस वर्ष हुई थी और इसका मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर: एनएचएआई (NHAI) की स्थापना संसद के एक अधिनियम के तहत वर्ष 1988 में हुई थी, हालांकि इसने 1995 में पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू किया। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
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