छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खारिज की ढाई साल के बच्चे के हत्यारे पिता की जमानत

Umeshwari Baghel | Jun 03, 2026, 19:24 IST
Share
bilaspur-hc-rejects-bail-yogesh-tandon
bilaspur-hc-rejects-bail-yogesh-tandon

छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाई कोर्ट ने ढाई साल के मासूम की हत्या के आरोपी पिता योगेश टंडन की जमानत और सजा निलंबन याचिका खारिज की। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए कोई राहत नहीं दी।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पिता की जमानत खारिज की
  • आजीवन कारावास की सजा पर हाई कोर्ट का कड़ा फैसला
  • मासूम की हत्या में दोषी पिता को कोई राहत नहीं
  • बिलासपुर हाई कोर्ट ने सजा निलंबन याचिका को ठुकराया
  • गंभीर अपराध पर कोर्ट ने साफ कहा: जमानत नहीं मिलेगी

NEWS IN DETAIL

Bilaspur। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सामने आया एक दर्दनाक मामला। ढाई साल के मासूम बच्चे की हत्या करने के आरोपी पिता योगेश टंडन ने निचली अदालत द्वारा दिए गए आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने और जमानत देने की याचिका हाई कोर्ट में दायर की थी।

योगेश पर आरोप था कि उसे संदेह था कि मृतक उसका बच्चा नहीं है और वह अपनी पत्नी की पवित्रता पर शक करता था। झगड़े के बाद पत्नी मायके चली गई, लेकिन बच्चा और अन्य तीन बच्चे उसी घर में रह रहे थे। 27 जुलाई 2022 को यह भयावह घटना हुई।

निचली अदालत का फैसला

दुर्ग के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने योगेश टंडन को IPC की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, जो न भरने पर छह महीने अतिरिक्त कठोर कारावास का प्रावधान था।

योगेश टंडन की याचिका

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि निचली अदालत का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों के विपरीत है। अधिवक्ता बी.के. चक्रवर्ती ने कहा कि कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।

याचिकाकर्ता का तर्क था कि वह 28 जुलाई 2022 से हिरासत में है और अपील की अंतिम सुनवाई के लिए लंबा समय लग सकता है। इसलिए सजा निलंबन और जमानत पर रिहाई की अनुमति दी जाए।

राज्य सरकार का रुख

राज्य सरकार की ओर से गर्वनमेंट एडवोकेट प्रियांक राठी ने जोर देकर कहा कि यह जघन्य अपराध है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि मृतक की मृत्यु गला घोंटने से हुई। अपीलकर्ता उसी घर में था, इसलिए मृत्यु की परिस्थितियों की जिम्मेदारी उसी पर थी।

हाई कोर्ट का निर्णय

बिलासपुर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच (चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु) ने सजा निलंबन और जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता, घटना का तरीका और उपलब्ध चिकित्सा साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि इस स्तर पर सजा निलंबन या जमानत का कोई आधार नहीं बनता।

कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या अधिवक्ता अंतिम बहस के लिए तैयार हैं, लेकिन अधिवक्ता ने कहा कि फिलहाल वे तैयार नहीं हैं और सजा निलंबन पर निर्णय लेने का अनुरोध किया।

Important Facts

घटना: 27 जुलाई 2022 को ढाई साल के मासूम की गला घोंटकर हत्या।

आरोपी: योगेश टंडन, पिता और मृतक का घर में देखभालकर्ता।

निचली अदालत का फैसला: दुर्ग की अदालत ने IPC धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपये जुर्माना सुनाया।

हाई कोर्ट याचिका: आरोपी ने सजा निलंबन और जमानत की मांग की।

हाई कोर्ट निर्णय: चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने याचिका खारिज की।

कारण: अपराध की गंभीरता, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना की परिस्थितियों के आधार पर सजा निलंबन या जमानत का कोई आधार नहीं।

परिवार की स्थिति: घटना के समय पत्नी मायके गई हुई थी, मृतक और अन्य तीन बच्चे घर में रहे।

अधिवक्ता का दावा: आरोप झूठे हैं और कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं।

राज्य सरकार का रुख: जघन्य अपराध होने के कारण जमानत और सजा निलंबन का विरोध।

कोर्ट का संदेश: गंभीर अपराधों में बच्चों की सुरक्षा प्राथमिक है और न्यायिक प्रक्रिया कठोर होगी।

निष्कर्ष

बच्चे की हत्या जैसे जघन्य अपराध में न्यायपालिका ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि कानून और साक्ष्यों के आधार पर सजा निलंबन और जमानत का कोई मामला नहीं बनता। यह फैसला छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा और गंभीर अपराधों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देता है।

FAQ

  1. योगेश टंडन की जमानत याचिका क्यों खारिज हुई?
    छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाई कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखते हुए सजा निलंबन और जमानत का कोई आधार नहीं बनता।
  2. निचली अदालत ने योगेश टंडन को क्या सजा सुनाई थी?
    दुर्ग की प्रथम अतिरिक्त सत्र अदालत ने उसे IPC की धारा 302 के तहत दोषी ठहराकर आजीवन कारावास और 500 रूपए जुर्माना सुनाया था।
  3. घटना का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
    आरोप है कि योगेश को संदेह था कि मृतक बच्चा उसका जैविक नहीं और पत्नी की पवित्रता पर शक था, जिससे झगड़ा और हत्या हुई।

यह खबरें भी पढ़े...

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, क्या अब बिना काम के भी मिलेगा पूरा वेतन?

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला : फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वालों की खैर नहीं; रुकेगी पेंशन और ग्रेच्युटी

कोरबा में भाजपा नेता की हत्या के आरोपी ने जेल से आकर उसी सीट पर ठोक दी चुनावी ताल

The Sootr Special | खौफ के साए में Chhattisgarh | 9 महीने की सरकार, 9 जघन्य अपराध

Tags:
  • बिलासपुर
  • छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
  • हत्या
  • याचिका
  • अपराध
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती