हिंदू विरोधी टिप्पणी पर बिलासपुर में बवाल, पत्थरबाजी में TI का सिर फटा
VINAY VERMA | Aug 29, 2026, 11:15 IST
बिलासपुर में हिंदू विरोधी कमेंट पर बवाल
बिलासपुर के खपरगंज में सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी के बाद दो पक्ष भिड़ गए। पथराव में TI रवि तिवारी समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। 400 से ज्यादा जवान तैनात किए गए।
Bilaspur : सोशल मीडिया पर एक कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी ने बिलासपुर में शुक्रवार रात ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि पुलिस को हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। दो पक्ष आमने-सामने आए तो देखते ही देखते पत्थर चलने लगे। कई घरों, दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। भीड़ को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों और जवानों पर भी पथराव हुआ।
पत्थरबाजी में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी के सिर में गंभीर चोट लगी। एक आरक्षक समेत कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालात बिगड़ने के बाद जांजगीर-चांपा और मुंगेली के साथ सीएएफ से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ। टिप्पणी की जानकारी फैलने के बाद हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग खपरगंज पहुंच गए।
यहां दोनों पक्षों के बीच पहले बहस और फिर मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों तरफ से लोग बड़ी संख्या में जुट गए। तनाव बढ़ते ही स्थिति हाथ से निकल गई और पथराव शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने और युवकों की भीड़ जुटने की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से स्थिति बिगड़ती चली गई।
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर दोनों ओर से पत्थर चलने लगे और पुलिस को भी निशाना बनाया गया।
हालात बिगड़ने पर सीएसपी गगन कुमार भी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि सिविल ड्रेस में पहुंचे सीएसपी के साथ भीड़ ने धक्का-मुक्की और हाथापाई की। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती गई।
इसी दौरान पथराव की चपेट में तारबाहर TI रवि तिवारी आ गए। पत्थर लगने से उनके सिर में चोट आई और खून बहने लगा। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एक आरक्षक समेत कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले बातचीत के जरिए भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन सिटी कोतवाली चौक के आसपास दोबारा पथराव शुरू हो गया।
इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। बताया जा रहा है कि मौके पर गैस लॉन्च करने की सुविधा नहीं होने के कारण सरकंडा TI प्रदीप आर्या ने कुछ गोले हाथ से ही फेंके।पुलिस की ओर से लगातार कई आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन भीड़ काफी देर तक पीछे हटने को तैयार नहीं थी।
बवाल के दौरान स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब भीड़ सिटी कोतवाली थाने के अंदर तक पहुंच गई। थाने के भीतर गुस्साई भीड़ ने हंगामा और गाली-गलौज किया। भीड़ की मांग थी कि पथराव और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे।थाने के भीतर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने लोगों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
लगातार बढ़ती भीड़ और तनाव को देखते हुए एसएसपी ने पुलिस लाइन के साथ जिले के अलग-अलग थानों से पुलिस अधिकारियों और जवानों को मौके पर बुलाया। स्थिति को देखते हुए जांजगीर-चांपा और मुंगेली जिले से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया। इसके अलावा सीएएफ की टुकड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। रात करीब ढाई बजे तक इलाके में भीड़ जुटी रही। नारेबाजी और हंगामे के बीच पुलिस लगातार लोगों को पीछे हटाने की कोशिश करती रही।
![हिंदू विरोधी टिप्पणी पर बिलासपुर में भारी बवाल]()
बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह खुद सड़क पर उतर आए। थाना परिसर से भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई।
इसके बाद कलेक्टर और एसएसपी ने हेलमेट पहनकर इलाके में पैदल मार्च किया। पुलिस की बड़ी मौजूदगी देखकर धीरे-धीरे भीड़ तितर-बितर होने लगी। रात करीब तीन बजे तक पुलिस की टीमें इलाके में पेट्रोलिंग करती रहीं।
घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सिटी कोतवाली चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई। सुबह तक पुलिस की टीमें लगातार गश्त करती रहीं। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बनी। दोनों ओर से पथराव हुआ और इसमें कुछ लोगों को चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 400 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया। पड़ोसी जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पथराव, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है।
सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद किस तरह कुछ घंटों में हिंसक टकराव में बदल गया, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह भी सामने आएगा कि विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया क्या थी और भीड़ को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति बनाए रखना है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
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पत्थरबाजी में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी के सिर में गंभीर चोट लगी। एक आरक्षक समेत कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालात बिगड़ने के बाद जांजगीर-चांपा और मुंगेली के साथ सीएएफ से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ विवाद
यहां दोनों पक्षों के बीच पहले बहस और फिर मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों तरफ से लोग बड़ी संख्या में जुट गए। तनाव बढ़ते ही स्थिति हाथ से निकल गई और पथराव शुरू हो गया।
#WATCH बिलासपुर, छत्तीसगढ़: SP बिलासपुर रजनीश सिंह ने कहा, "हम इसे नियंत्रित कर रहे हैं। इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमने सभी स्थानों पर फोर्स तैनात की है... पत्थरबाजी की घटना हुई थी और इसमें कुछ लोगों को चोटे भी आई हैं लेकिन पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। आज सब ठीक है। हम… https://t.co/Zg81ofFAc1 pic.twitter.com/NbIhFsxjhJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 29, 2026
पुलिस पहुंची, लेकिन भीड़ बढ़ती गई
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर दोनों ओर से पत्थर चलने लगे और पुलिस को भी निशाना बनाया गया।
CSP से धक्का-मुक्की, TI का सिर फटा
इसी दौरान पथराव की चपेट में तारबाहर TI रवि तिवारी आ गए। पत्थर लगने से उनके सिर में चोट आई और खून बहने लगा। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एक आरक्षक समेत कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
लाठीचार्ज के बाद छोड़ी गई आंसू गैस
#WATCH बिलासपुर, छत्तीसगढ़: बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा, "यह एक व्यक्तिगत मामला था जिसके बाद यह विवाद 2 पक्षों का हुआ है। अब स्थिति नियंत्रण में है। फोर्स अभी पेट्रोलिंग करेगी। इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन सभी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" https://t.co/Zg81ofF2mt pic.twitter.com/daUFic05o4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 29, 2026
थाने में घुसी भीड़, जमकर हंगामा
बाहर से बुलाना पड़ा पुलिस बल
हिंदू विरोधी टिप्पणी पर बिलासपुर में भारी बवाल
SSP खुद सड़क पर उतरे
इसके बाद कलेक्टर और एसएसपी ने हेलमेट पहनकर इलाके में पैदल मार्च किया। पुलिस की बड़ी मौजूदगी देखकर धीरे-धीरे भीड़ तितर-बितर होने लगी। रात करीब तीन बजे तक पुलिस की टीमें इलाके में पेट्रोलिंग करती रहीं।
इलाका बना पुलिस छावनी
400 से ज्यादा जवान तैनात
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद किस तरह कुछ घंटों में हिंसक टकराव में बदल गया, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह भी सामने आएगा कि विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया क्या थी और भीड़ को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति बनाए रखना है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
FAQ
- बिलासपुर में विवाद किस वजह से शुरू हुआ?
सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हुआ। - पत्थरबाजी में कौन-कौन घायल हुए?
तारबाहर TI रवि तिवारी के सिर में चोट लगी। एक आरक्षक समेत कई लोग घायल हुए। - हालात काबू करने के लिए पुलिस ने क्या किया?
पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। 400 से ज्यादा जवान तैनात किए गए।
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