छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेता सीख रहे बंगाली, असम में भूपेश बता रहे मंहगी हुई थाली
Arun Tiwari | Mar 26, 2026, 13:50 IST
BJP Leaders Pawan Sai Cg Learning Bengali Bhupesh Baghel in Assam
बंगाल और असम में आने वाले चुनाव में बड़े पैमाने पर छत्तीसगढ़ के नेता ज़ोर आजमाइश कर रहे हैं। बीजेपी के पावन साय बंगाल में तो कांग्रेस के भूपेश बघेल असम में डेरा डाले है।
RAIPUR: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव को लेकर भाजपा ने खास रणनीति अपनाई है। छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री पवन साय को बंगाल में ‘पवन दा’ के रूप में पेश किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी के कई नेता अब बंगाली भाषा सीख रहे हैं, ताकि स्थानीय मतदाताओं से बेहतर जुड़ाव बनाया जा सके।
भाजपा महामंत्री पवन साय पिछले 6 महीने से पश्चिम बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। स्थानीय लोगों से बात करने के लिए उन्होंने बंगाली भी सीख ली है। लोग उनको पवन दा या पवन दादा के नाम से बुलाते हैं। वे वहां ग्रास रुट लेवल पर जमावट कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन चुनावों के बाद पवन साय को छत्तीसगढ़ के अलावा कोई दूसरी बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के करीब 150 नेताओं को पश्चिम बंगाल में चुनावी जिम्मेदारी दी गई है। इनमें मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारी शामिल हैं। पार्टी इन नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजकर स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।बीजेपी की रणनीति सिर्फ नेताओं की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति और भाषा से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि कई नेता बंगाली बोलने का अभ्यास कर रहे हैं, ताकि वे जनता के बीच सहजता से संवाद कर सकें।
कांग्रेस में छत्तीसगढ़ से पूर्व सीएम भूपेश बघेल को असम के मोर्चे पर लगाया है। भूपेश लोगों को मोदी सरकार के बाद बढ़ी मंहगाई के बारे में बता रहे हैं। इसके अलावा विदेश नीति, मोदी सरकार किसान नीति पर भी सवाल उठा रहे हैं। भूपेश का कहना है कि सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीतेगी।
इन नेताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। चुनावी क्षेत्रों में उनके ठहरने और प्रचार-प्रसार के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर नेताओं की आवाजाही पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने की बात भी सामने आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस बार बंगाल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। बाहरी राज्यों के नेताओं को उतारकर पार्टी चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि यह ‘पवन दांव’ चुनावी नतीजों में कितना असर दिखाता है।
पंचायत चुनावों की देरी का दिख रहा असर, 1900 करोड़ की अटकी केंद्रीय मदद
बंगाल चुनाव ने बढ़ाई हलचल, वोट कटने के डर से मजदूरों का पलायन, जयपुर के ज्वेलरी कारोबार पर संकट
SC के आदेश के बाद भी महिलाओं को नहीं दिया आरक्षण, रीवा बार चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
कांग्रेस का पंचायत चुनाव से पहले करेगी 25 हजार नियुक्तियां, जिलों में कार्यकारिणी नहीं तो कैसे पूरा होगा दावा?
पवन साय 6 महीने से बंगाल में:
बीजेपी के 159 नेता चुनावों में :
असम में भूपेश का दांव:
नेताओं के इंतज़ाम:
निष्कर्ष:
ये खबरें भी पढ़ें...
बंगाल चुनाव ने बढ़ाई हलचल, वोट कटने के डर से मजदूरों का पलायन, जयपुर के ज्वेलरी कारोबार पर संकट
SC के आदेश के बाद भी महिलाओं को नहीं दिया आरक्षण, रीवा बार चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
कांग्रेस का पंचायत चुनाव से पहले करेगी 25 हजार नियुक्तियां, जिलों में कार्यकारिणी नहीं तो कैसे पूरा होगा दावा?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari