रायपुर नकटी गांव में पीएम आवासों पर चला बुलडोजर, 77 अवैध निर्माण ध्वस्त

Aishwarya Dwivedi | Jun 30, 2026, 12:34 IST
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नक्ति गाँव में बुलडोज़र से ढाँचे गिराए गए
नक्ति गाँव में बुलडोज़र से ढाँचे गिराए गए

रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन ने 12 जेसीबी से 77 अतिक्रमण हटाए । 60 मकान ध्वस्त, पथराव और विरोध के बावजूद सुबह से शाम तक चली कार्रवाई। प्रभावित परिवार नवा रायपुर शिफ्ट हुए।

समझें क्या है पूरा मामला

राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में सोमवार तड़के प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। 12 से अधिक जेसीबी और बुलडोजर तीन दिशाओं से गांव में दाखिल हुए। वार्ड 16 और 17 में कुल 77 अतिक्रमण हटाए गए जिनमें करीब 60 मकान शामिल थे। ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया, पथराव हुआ, महिलाएं रोती-गिड़गिड़ाती रहीं, लेकिन सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस कार्रवाई को रोका नहीं जा सका। प्रभावित परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में अस्थायी रूप से बसाया गया।

रातभर धरना, सुबह से बुलडोजर

रविवार रात से ही ग्रामीण पीपल के पेड़ के नीचे धरने पर बैठे रहे। सोमवार सुबह करीब 4 से 6 बजे के बीच जेसीबी और भारी पुलिस बल प्रभावित क्षेत्र में पहुँच गया। सुबह 7 बजे लोगों ने जेसीबी के सामने बैठकर नारेबाजी की और पत्थर भी फेंके। पुलिस ने सुबह 8 बजे लोगों को हटाया और पहले मकान पर बुलडोजर चलाया।

मिनट-दर-मिनट कार्रवाई

  • सुबह 9 बजे मनवा यादव के घर से महिलाओं को बाहर निकालने के बाद तोड़फोड़ शुरू हुई।
  • 9:30 बजे भूषण नाम का एक युवक छत पर ईंट लेकर विरोध करता रहा, जिसे पुलिस ने नीचे उतारा।
  • 10 बजे साहू परिवार अपने नए मकान के दरवाजे-खिड़कियाँ खुद निकालकर बचाने में जुटा रहा।
  • दोपहर 12 बजे से सामान काऊ कैचर वाहनों से नवा रायपुर भेजा जाने लगा।
  • 12:30 बजे फिर पत्थरबाजी हुई जिसे पुलिस ने संभाला।
  • दोपहर 1 बजे कार्रवाई में लगे कर्मचारियों ने भोजन किया जबकि प्रभावित परिवारों के बच्चे भूखे रहे।
  • दोपहर 3 बजे तक तोड़फोड़ और सामान शिफ्टिंग लगातार जारी रही। शाम
  • 4 बजे बल लौटने लगा और शाम 5 बजे कार्रवाई पूरी हुई।
नकटी गांव अतिक्रमण
नकटी गांव अतिक्रमण


प्रशासन बनाम ग्रामीण

प्रशासन का कहना है कि 9 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर 77 अतिक्रमण थे। वहीं भारती साहू, सोनी यादव, मुकुंद साहू समेत सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह जमीन पहले चारागाह थी जो समय के साथ आबादी क्षेत्र बन गई और बाद में गांव में शामिल कर ली गई।

यहाँ बिजली, पानी जैसी सरकारी सुविधाएं भी मिलीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 22 मकान बने और पाँच नए हितग्राहियों के नाम भी स्वीकृत हुए थे। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ मिल चुका था, तो अब इसे अवैध अतिक्रमण कैसे बताया जा रहा है।

तीन स्तरीय बैरिकेडिंग — ड्रोन से निगरानी

बाहरी लोगों और राजनीतिक संगठनों को रोकने के लिए गांव के तीनों प्रवेश मार्गों पर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई। माना एयरपोर्ट मार्ग से मुख्य बस्ती तक पुलिस तैनात रही।

पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी हुई और ड्रोन से भी निगरानी रखी गई। टीम प्रहरी, कोटवार और नगर निगम के काऊ कैचर वाहनों से लोगों का सामान नवा रायपुर के सेक्टर-30 तक पहुँचाया गया।

छुट्टी के दिन क्यों हुई कार्रवाई

प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए जानबूझकर ऐसा समय चुना ताकि कोई कोर्ट जाकर स्टे ऑर्डर न ला सके। गुरुवार रात सभी अतिक्रमण वाले मकानों पर अंतिम नोटिस चस्पा किया गया। इसके बाद शुक्रवार को मोहर्रम की छुट्टी थी और सोमवार को कबीर जयंती की छुट्टी। प्रशासन ने कार्रवाई के लिए इस विशेष समय का चुनाव किया ताकि अदालत से रोक न लग सके।

जिस जमीन पर बुलडोजर — वहाँ था विधायक निवास का प्रस्ताव

चर्चा है कि जो रायपुर नकटी गांव खाली कराया गया, वहाँ पहले विधायकों के लिए निवास बनाने का प्रस्ताव था। प्रशासन ने इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर खाली करा लिया है।

धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कार्रवाई के दौरान कहा कि उन्हें पीड़ितों की चिंता है। उन्होंने सोमवार रात्रि भोजन की व्यवस्था कराई और मंगलवार को नाश्ता, दोपहर व रात्रि भोजन का इंतजाम सुनिश्चित किया।

उनके अनुसार पात्र 60 परिवारों का नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित आवासों में पुनर्वास कर दिया गया है। इन आवासों में बिजली, पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विधायक ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

FAQ

  1. नकटी गांव में कितने अतिक्रमण हटाए गए और कितने मकान टूटे?
    उ. प्रशासन ने वार्ड 16 और 17 में कुल 77 अतिक्रमण हटाए, जिनमें करीब 60 मकान और कुछ बाउंड्रीवाल-फेंसिंग से किए गए कब्जे शामिल थे। कार्रवाई सुबह 4 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चली। 9 हेक्टेयर सरकारी भूमि खाली कराई गई।
  2. नकटी गांव में प्रशासन ने कार्रवाई के लिए छुट्टी के दिन को क्यों चुना?
    उ. प्रशासन ने जानबूझकर ऐसा समय चुना ताकि प्रभावित परिवार कोर्ट जाकर स्टे ऑर्डर न ला सकें। गुरुवार रात नोटिस चस्पा किया गया, इसके बाद शुक्रवार को मोहर्रम और सोमवार को कबीर जयंती की छुट्टी थी।
  3. नकटी गांव में प्रभावित परिवारों के लिए क्या पुनर्वास व्यवस्था की गई है?
    उ. पात्र 60 परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाया गया है। इन आवासों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने सभी परिवारों के खाने-पीने की व्यवस्था का भी आश्वासन दिया है।

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