अपने अफसरों को बचा रही विष्णुदेव साय सरकार , छत्तीसगढ़ में CBI को जांच के लिए लेनी होगी मंजूरी
Arun Tiwari | Sept 23, 2024, 14:39 IST
CBI No entry without chhattisgarh government consent
एक तरफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं तो दूसरी तरफ नया नियम बनाकर अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं।
एक तरफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं तो दूसरी तरफ नया नियम बनाकर अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। सरकार का नया नियम ये है कि सरकार की मर्जी के बिना सीबीआई प्रदेश के कर्मचारियों के खिलाफ जांच नहीं कर सकेगी।
यानी सरकार की मर्जी के बिना सीबीआई की प्रदेश में नो इंट्री रहेगी। सीबीआई प्रदेश के उन मामलों की जांच ही कर पाएगी जो सरकार जांच के लिए सीबीआई को ट्रांसफर करेगी। इससे एक सवाल पैदा होता है कि क्या सरकार अपनों को बचाने के लिए ऐसा कर रही है। हालांकि सीबीआई को राज्य में इस बात की अनुमति होगी कि वे केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्रों के अधिकारियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में कहीं भी जांच करने के लिए स्वतंत्र होगी।
छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों के खिलाफ अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति के बिना किसी भी मामले में अपराध दर्ज करना तो दूर, जांच भी नहीं कर पाएगी। राज्य सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधान के मुताबिक यह अधिसूचित किया है।
अब राज्य सरकार जो मामले जांच के लिए सीबीआई को सौंपेगी, उन मामलों की ही जांच यह केंद्रीय संस्था कर पाएगी। अब सीबीआई भी राज्य के कर्मियों के खिलाफ जांच तभी कर पाएगी, जब उसे ऐसा करने के लिए राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति हासिल होगी। सरकार ने सीबीआई के लिए यह शर्त रखी है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियंत्रित लोकसेवकों से संबंधित मामलों में राज्य शासन की पूर्व लिखित अनुमति के बिना अन्वेषण नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के अधिनियम की धारा के अनुसरण में और समय- समय पर संशोधित इस अधिनियम की धारा 3 के अधीन अधिसूचित अपराध या अपराधों की श्रेणियां, जो कि कथित तौर पर केंद्र सरकार, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं, चाहे वे अलग से काम कर रहे हैं या केंद्र सरकार के उपक्रम के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम रहे हों, के अन्वेषण (जांच) के संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्तियों और कार्य क्षेत्र के विस्तार के लिए सशर्त सहमति दी है। इसका मतलब केंद्र सरकार या केंद्रीय उपक्रमों के कर्मियों के खिलाफ सीबीआई राज्य में कही भी जांच-पड़ताल करने के लिए स्वतंत्र होगी।
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यानी सरकार की मर्जी के बिना सीबीआई की प्रदेश में नो इंट्री रहेगी। सीबीआई प्रदेश के उन मामलों की जांच ही कर पाएगी जो सरकार जांच के लिए सीबीआई को ट्रांसफर करेगी। इससे एक सवाल पैदा होता है कि क्या सरकार अपनों को बचाने के लिए ऐसा कर रही है। हालांकि सीबीआई को राज्य में इस बात की अनुमति होगी कि वे केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्रों के अधिकारियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में कहीं भी जांच करने के लिए स्वतंत्र होगी।
अपनों को बचाने सरकार का नया नियम
छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों के खिलाफ अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति के बिना किसी भी मामले में अपराध दर्ज करना तो दूर, जांच भी नहीं कर पाएगी। राज्य सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधान के मुताबिक यह अधिसूचित किया है।
अब राज्य सरकार जो मामले जांच के लिए सीबीआई को सौंपेगी, उन मामलों की ही जांच यह केंद्रीय संस्था कर पाएगी। अब सीबीआई भी राज्य के कर्मियों के खिलाफ जांच तभी कर पाएगी, जब उसे ऐसा करने के लिए राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति हासिल होगी। सरकार ने सीबीआई के लिए यह शर्त रखी है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियंत्रित लोकसेवकों से संबंधित मामलों में राज्य शासन की पूर्व लिखित अनुमति के बिना अन्वेषण नहीं किया जाएगा।
इनके खिलाफ जांच कर सकेगी सीबीआई
राज्य सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के अधिनियम की धारा के अनुसरण में और समय- समय पर संशोधित इस अधिनियम की धारा 3 के अधीन अधिसूचित अपराध या अपराधों की श्रेणियां, जो कि कथित तौर पर केंद्र सरकार, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं, चाहे वे अलग से काम कर रहे हैं या केंद्र सरकार के उपक्रम के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम रहे हों, के अन्वेषण (जांच) के संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्तियों और कार्य क्षेत्र के विस्तार के लिए सशर्त सहमति दी है। इसका मतलब केंद्र सरकार या केंद्रीय उपक्रमों के कर्मियों के खिलाफ सीबीआई राज्य में कही भी जांच-पड़ताल करने के लिए स्वतंत्र होगी।
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