अब छात्र घर बैठे मुफ्त में सीखेंगे एआई, CBSE ने लॉन्च किए 19 कोर्स
Harrison Masih | Jul 06, 2026, 17:58 IST
CBSE की फ्री ऑनलाइन कोचिंग 2026
CBSE ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए AI, Python, Coding, Cyber Security समेत 19 फ्री ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किए हैं। NIELIT के सहयोग से तैयार किए गए ये कोर्स हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। बोर्ड ने छात्रों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और डिजिटल स्किल्स विकसित करने के उद्देश्य से 19 मुफ्त ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किए हैं। इन कोर्सों के माध्यम से छात्र घर बैठे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग और डेटा से जुड़े विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे।
सीबीएसई ने इन कोर्सों की सूची जारी करते हुए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस पहल की जानकारी छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
आमतौर पर AI, Python, Cyber Security और Coding जैसे एडवांस विषयों की ट्रेनिंग के लिए छात्रों को निजी संस्थानों या कोचिंग सेंटरों में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन CBSE की नई पहल के तहत ये सभी कोर्स पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बोर्ड का मानना है कि तकनीकी कौशल आज के दौर में करियर की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं। ऐसे में स्कूल स्तर से ही छात्रों को इन विषयों की जानकारी देना भविष्य के लिए उन्हें तैयार करेगा।
इन कोर्सों को उपलब्ध कराने के लिए CBSE ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के साथ साझेदारी की है। सभी 19 कोर्स NIELIT के डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म पर संचालित किए जाएंगे।
बोर्ड का उद्देश्य यह है कि जब छात्र स्कूल की पढ़ाई पूरी कर कॉलेज या पेशेवर दुनिया में प्रवेश करें, तब उन्हें AI, डेटा एनालिटिक्स, प्रोग्रामिंग और साइबर टेक्नोलॉजी जैसी चीजें नई न लगें। वे पहले से ही इन क्षेत्रों में बुनियादी और उन्नत ज्ञान हासिल कर चुके हों।
CBSE ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई कोर्स हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए हैं। इससे भाषा की बाधा दूर होगी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के छात्र समान रूप से इनका लाभ उठा सकेंगे।
बोर्ड का कहना है कि तकनीकी शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इन ऑनलाइन कोर्सों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो। किसी निश्चित समय पर ऑनलाइन उपस्थित रहने की अनिवार्यता नहीं होगी।
विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी लॉग-इन करके पढ़ाई कर सकेंगे। यही वजह है कि ये कोर्स स्कूल शिक्षा के साथ-साथ अतिरिक्त कौशल विकास का बेहतर अवसर प्रदान करेंगे।
CBSE द्वारा शुरू किए गए कोर्सों की अवधि विषय के अनुसार अलग-अलग रखी गई है। कुछ बेसिक कोर्स केवल 15 घंटे के हैं, जिन्हें कम समय में पूरा किया जा सकता है। वहीं, कोडिंग, वेब डिजाइनिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े कुछ कोर्स 100 घंटे से अधिक अवधि के भी हैं।
इससे छात्र अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार कोर्स का चयन कर सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि AI, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्कूल स्तर पर इन विषयों का ज्ञान छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा।
CBSE की यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP) के उस उद्देश्य के भी अनुरूप है, जिसमें छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक कौशल से लैस करने पर जोर दिया गया है।
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सीबीएसई ने इन कोर्सों की सूची जारी करते हुए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस पहल की जानकारी छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
हजारों रुपये वाले कोर्स अब मुफ्त में
बोर्ड का मानना है कि तकनीकी कौशल आज के दौर में करियर की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं। ऐसे में स्कूल स्तर से ही छात्रों को इन विषयों की जानकारी देना भविष्य के लिए उन्हें तैयार करेगा।
NIELIT के सहयोग से तैयार किए गए कोर्स
बोर्ड का उद्देश्य यह है कि जब छात्र स्कूल की पढ़ाई पूरी कर कॉलेज या पेशेवर दुनिया में प्रवेश करें, तब उन्हें AI, डेटा एनालिटिक्स, प्रोग्रामिंग और साइबर टेक्नोलॉजी जैसी चीजें नई न लगें। वे पहले से ही इन क्षेत्रों में बुनियादी और उन्नत ज्ञान हासिल कर चुके हों।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध होंगे कोर्स
बोर्ड का कहना है कि तकनीकी शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पढ़ाई के साथ आसानी से कर सकेंगे कोर्स
विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी लॉग-इन करके पढ़ाई कर सकेंगे। यही वजह है कि ये कोर्स स्कूल शिक्षा के साथ-साथ अतिरिक्त कौशल विकास का बेहतर अवसर प्रदान करेंगे।
15 घंटे से लेकर 100 घंटे तक की अवधि
इससे छात्र अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार कोर्स का चयन कर सकते हैं।
भविष्य के करियर में मिलेगा फायदा
CBSE की यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP) के उस उद्देश्य के भी अनुरूप है, जिसमें छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक कौशल से लैस करने पर जोर दिया गया है।
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