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News in Short
- गांव में किसी की बुराई या चुगली करने पर अब 5 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।
- सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में शराब पीने पर 10 हजार रुपए का दंड निर्धारित किया गया है।
- हाल ही में हुई मारपीट और दो पक्षों के बीच उपजे तनाव के बाद ग्रामीणों ने यह सख्त फैसला लिया है।
- जुर्माने से प्राप्त होने वाली राशि को गांव की बुनियादी सुविधाओं और विकास पर खर्च किया जाएगा।
- नियमों के पालन की निगरानी के लिए ग्रामीण हर महीने बैठक कर स्थिति का जायजा लेंगे।
News In Detail
बालोद.छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दिलचस्प और अनोखी खबर सामने आई है। यह इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। मेढ़की गांव में अब चुगलीबाजी महंगी पड़ने वाली है। गांव की पंचायत ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। यदि कोई भी व्यक्ति गांव में चुगली करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
क्यों बुलाई गई ग्रामीणों की सामूहिक बैठक?
दरअसल, बालोद जिले के मेढ़की गांव में पिछले कुछ समय से कान भरने और एक-दूसरे को भड़काने की वजह से विवादों का सिलसिला बढ़ गया था। हाल ही में चुगली के कारण दो पक्षों के बीच बात इतनी बिगड़ गई कि मामला मारपीट और तनाव तक पहुंच गया।
गांव की शांति भंग होते देख ग्रामीणों ने एक सामूहिक बैठक बुलाई। काफी विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकला कि विवादों की असली जड़ चुगली है, जिसे रोकने के लिए सख्त नियम जरूरी हैं।
शराब पीकर हुड़दंग मचाने पर 10 हजार जुर्माना
पंचायत ने सिर्फ चुगली पर ही नहीं, बल्कि नशाखोरी पर भी सख्त ऐक्शन लिया है। यह निर्णय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। किसी भी सामाजिक या धार्मिक भोज के दौरान यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर पहुंचता है या शराब का सेवन करता है, तो उसे 10 हजार रुपए की पेनाल्टी देना होगा। ग्रामीणों का मानना है कि नशा और गलत बातें ही समाज में मनमुटाव फैलाती हैं।
जुर्माने की राशि से संवरेगा गांव का भविष्य
इस फैसले की सबसे अच्छी बात यह है कि दंड के रूप में वसूली गई राशि का उपयोग किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि गांव के विकास के कार्यों में किया जाएगा। ग्रामीणों ने तय किया है कि हर महीने एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में नियमों के प्रभाव और विकास कार्यों की चर्चा होगी। सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में इस फैसले का स्वागत किया है और इसे गांव में सुख-शांति बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
मेढ़की गांव के लोगों का कहना है कि यह नियम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि आपसी सामंजस्य और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। तनावपूर्ण माहौल को खत्म कर एक बेहतर परिवेश तैयार करने की इस पहल की अब चारों ओर सराहना हो रही है।
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