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NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 4 आईएफएस अधिकारियों के तबादले किए।
- 2004 बैच के आईएफएस नवीद शुजाउद्दीन को एपीसीसीएफ स्तर पर नया प्रभार मिला।
- रमेश कुमार जांगड़े को नवा रायपुर से बीजापुर भेजा गया।
- रंगानाथा रामाकृष्णा का तबादला बीजापुर से दंतेवाड़ा किया गया।
- जाधव सागर रामचंद्र को दंतेवाड़ा से रायपुर पदस्थ किया गया।
NEWS IN DETAIL
Raipur. छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आईएफएस यानी भारतीय वन सेवा के चार अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक स्तर पर किए गए इस फेरबदल को विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तबादला सूची में एक एपीसीसीएफ यानी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, जिससे इस आदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एपीसीसीएफ का नया प्रभार
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापन से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला होने वाले अधिकारियों में वर्ष 2004 बैच के आईएफएस अधिकारी नवीद शुजाउद्दीन का नाम है। हालांकि इनका तबादला अटल नगर स्थित अरण्य भवन में ही किया गया है लेकिन इनके प्रभार मे बदलाव कर दिया गया है। इनहे एपीसीसीएफ संयुक्त वन प्रबंधक, नीति विश्लेषण की जगह संयुक्त वन प्रबंधन एवं सामुदायिक वानिकी, संरक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
आदेश की कॉपी:
इन आधिकारियों का दबादला
लिस्ट में शामिल 2013 बैच के रमेश कुमार जांगड़े को नवा रायपुर से वन उप संरक्षक बनाकर बीजापुर भेजा गया है। 2015 बैच के रंगानाथा रामाकृष्णा वन उप संरक्षक बीजापुर से वन उप संरक्षक दंतेवाड़ा और 2017 बैच के जाधव सागर रामचंद्र दंतेवाड़ा से रायपुर लाया गया है। इन अधिकारियों को विभागीय आवश्यकता और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
समय-समय पर बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल वन विभाग के भीतर बेहतर समन्वय स्थापित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के उद्देश्य से किया गया है। राज्य सरकार समय-समय पर विभागीय जरूरतों और कार्य निष्पादन की समीक्षा के बाद ऐसे प्रशासनिक बदलाव करती रही है। विशेषकर वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यक्रमों और विकास कार्यों में गति लाने के लिए अनुभवी अधिकारियों की नई पदस्थापना को अहम माना जा रहा है।
निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी
वन विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस तबादले से फील्ड स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। साथ ही, वन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, इस प्रशासनिक फेरबदल से विभागीय कार्यों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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