अल्टीमेटम के बाद भी नहीं खत्म हुई एनएचएम कर्मियों की हड़ताल, अब छत्तीसगढ़ सरकार लेगी यह बड़ा निर्णय

Sanjay Dhiman | Sept 16, 2025, 15:46 IST
Share
NHM hadtaal
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत बेकार रही। अब सरकार ने 16 सितंबर तक काम पर न लौटने वाले कर्मचारियों को सेवा समाप्ति की चेतावनी दी है।

26 दिनों से हड़ताल पर चल रहे प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों पर सरकार के अल्टीमेटम का कोई असर नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को मंगलवार तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन मंगलवार शाम तक कोई भी कर्मचारी अपने काम पर नहीं लौटा।

अपने अल्टीमेटम में सरकार ने कहा था कि मंगलवार तक काम पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों को एक महीने का नोटिस देकर नौकरी से निकाल दिया जाएगा, साथ ही उनके पद को रिक्त मानकर नई भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

इधर, इस अल्टीमेटम का समय खत्म हो जाने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी एक भी मांग को लिखित रूप से स्वीकार नहीं किया है।

यह कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से हड़ताल पर हैं, मंगलवार को इस हड़ताल का 27वां दिन था। इधर, कांग्रेस ने सरकार के अल्टीमेटम को दमनकारी नीति बताते हुए वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।

कर्मचारियों की हड़ताल का असर

एनएचएम कर्मचारी हड़ताल छग के चलते स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। खासकर, डेटा एंट्री और डेली रिपोर्टिंग में भारी कमी आई है। इससे राज्य के स्वास्थ्य आंकड़ों पर असर पड़ा है, और विभागीय कामकाजी प्रक्रिया में भी रुकावट आई है। केवल 38% कर्मचारियों की उपस्थिति स्वास्थ्य केंद्रों में दर्ज की गई है, जबकि 60% से ज्यादा संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मियों के सामूहिक इस्तीफे, कर रहे जल सत्याग्रह, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

छत्तीसगढ़ में 16 हजार NHM कर्मचारियों की हड़ताल जारी,स्वास्थ्य विभाग ने दी अंतिम चेतावनी

हड़ताल से प्रभावित सेवाएं

एनएचएम के तहत कर्मचारियों का मुख्य कार्य शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, मलेरिया और टीबी की रोकथाम करना, और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इस हड़ताल के कारण प्रदेश में इन सभी कार्यों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेषकर, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से ठप पड़ी हैं।

एनएचएम कर्मचारी हड़ताल और सरकार के अल्टीमेटम को ऐसे समझें



स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: एनएचएम के 16 हजार कर्मचारियों को 16 सितंबर तक काम पर लौटने की चेतावनी, न लौटने पर एक महीने की नोटिस देकर नौकरी से निकाला जाएगा।

हड़ताल की वजह: कर्मचारियों की 10 सूत्री मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल जारी है, जिसमें संविलियन, स्थायीकरण, और लंबित वेतन वृद्धि शामिल हैं।

बर्खास्तगी और इस्तीफे: हड़ताल से न लौटने पर राज्य सरकार ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त किया, इसके बाद सभी एनएचएम कर्मचारियों ने इस्तीफा सौंपा।

सेवाओं पर असर: हड़ताल के कारण शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

प्रशासनिक चेतावनी का प्रभाव: प्रशासनिक चेतावनी के बाद कुछ कर्मचारी काम पर लौटे, लेकिन जो नहीं लौटे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

एनएचएम कर्मचारी संघ ने अपनी हड़ताल के दौरान सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगों को पूरा करने की मांग की है:

  • संविलियन और स्थायीकरण
  • पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
  • ग्रेड पे निर्धारण
  • कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता
  • 27% लंबित वेतन वृद्धि
  • नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण
  • अनुकंपा नियुक्ति
  • मेडिकल अवकाश की सुविधा
  • स्थानांतरण नीति का प्रावधान
  • न्यूनतम 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा

बर्खास्तगी और इस्तीफे की स्थिति

NHM संविदा कर्मचारीद्वारा हड़ताल से पीछे न हटने पर, राज्य सरकार ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद पूरे प्रदेश के एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी इस्तीफे की प्रतियां जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सौंप दी। यह कदम कर्मचारियों के बीच गहरे असंतोष का प्रतीक था।

यह खबरें भी पढ़ें...

NHM कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार का बड़ा दांव,25 नए संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति

छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों की हड़ताल को BJP सांसद विजय बघेल का समर्थन, सियासत गर्म, स्वास्थ्य सेवाएं ठप

चेतावनी से बढ़ सकता है संघर्ष

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दी गई बर्खास्तगी की चेतावनी से कर्मचारियों और सरकार के बीच संघर्ष और बढ़ सकता है। जानकारों के मुताबिक, कर्मचारी लंबे समय से अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। इस बार कर्मचारियों ने दबाव बनाने के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल का सहारा लिया है। इधर, बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं के चलते सरकार भी दबाव में है और वह लोगों को हो रही परेशानियों को जल्द ठीक करना चाहती है। इस अल्टीमेटम के चलते दोनों पक्षों के बीच संघर्ष बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  • एनएचएम कर्मचारी हड़ताल
  • NHM संविदा कर्मचारी
  • एनएचएम कर्मचारी हड़ताल छग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा