CG Liquor scam : किस नेता के बारे में सवाल करने पर टूटा Tuteja

छत्तीसगढ़ में हुए लिकर स्कैम को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की शुरूआती रणनीति सफल रही है। सूत्रों के मुताबिक पॉलिटिकल लीडर और नेक्सस के मेंबर्स के बारे में आरोपी अनिल टुटेजा ने मुंह खोल दिया है।

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Jitendra Shrivastava
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CG Liquor scam

शिव शंकर सारथी, RAIPUR. PMLA कोर्ट के जज छुट्टी पर हैं इसीलिए रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा ( Retired IAS Anil Tuteja ) को 24 अप्रैल तक के लिए फिर जेल भेजा गया है। ED के वकील सौरभ पाण्डेय अदालत के समक्ष रिमांड की ही मांग करेंगे। 2200 करोड़ कथित में ED की गिरप्त में सबसे पहले अनिल टुटेजा आया है। डिस्ट्रिक्ट जज के सामने जब वीसी के जरिए अनिल टूटेजा को पेश किया गया, तब इसी तरह के तथ्य रखे गए। बचाव पक्ष के वकील एसके फरहान ने डिस्ट्रिक्ट जज को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में, मामले में कुछ भी नहीं पाया गया है। ऐसे में अनिल टुटेजा की गिरप्तारी ही अनुचित है। 

ACB में दर्ज FIR के आधार पर नई ECIR लिखी

सूत्रों ने बताया कि जवाब में प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पाण्डेय ने कहा, लिकर स्कैम में हमारे आग्रह पर एक जांच जारी है इसमें 70 से ज्यादा नामजद आरोपी हैं। नेक्सस की अहम कड़ियां अरुणपति त्रिपाठी, तत्कालीन विशेष सचिव, अनवर ढेबर, बिल्डकॉन के डायरेक्टर और अरविंद सिंह रिमांड और न्यायिक अभिरक्षा में हैं। आईएएस अनिल टुटेजा घोटाले के टॉप दस लोगों में शामिल है। ACB में दर्ज FIR के आधार पर नई ECIR लिखी गई है। जांच के लिए अनिल टुटेजा की हिरासत जरूरी है, जैसे तथ्य लिखित में दिए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट जज ने सक्षम अदालत के बैठने तक के लिए यानी 24 अप्रैल तक टुटेजा को जेल में रखे जाने का आदेश दिया है।

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टूटेजा को हिरासत के पहले दिन सोने ही नहीं दिया

ED के एक्शन और वर्किंग स्टाइल के जानने वालों का कहना है कि रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा को पुत्र यश टुटेजा समेत उठाकर मानसिक दबाव बना लिया गया है। यह मानसिक दबाव काम भी आया है। प्रवर्तन निदेशालय ने यश टूटेजा को रिहा किया है। बताया जा रहा है कि बेहद शातिर अनिल टूटेजा को हिरासत के पहले दिन सोने ही नहीं दिया गया है। यदि आरोपी को सोने नहीं दिया जाए तो इसके दो फायदे जांच अधिकारियों को मिलते हैं।

  1. जब नींद ही पूरी नहीं हुई हो तो सवालों का जवाब मिलना आसान होता है।
  2. अधूरी नींद का आरोपी मानसिक तौर पर कमजोर माना जाता है। (प्राथमिक जांच में मानसिकता की कमजोरी का सीधा फायदा ये है कि जवाब बरगलाने जैसे नहीं आते हैं)

प्रवर्तन निदेशालय के शुरूआती रणनीति सफल रही है। सूत्रों के मुताबिक पॉलिटिकल लीडर और नेक्सस के मेंबर्स के बारे में आरोपी अनिल टुटेजा ने मुंह खोल दिया है।

पत्रकारों के सवालों पर भड़क गए भूपेश

ACB और ED जिस समय को "घोटाला काल" मान रहा है उस समय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल थे। भूपेश बघेल के बारे में छत्तीसगढ़ में ही एक बयान देकर प्रियंका गांधी ने भूपेश बघेल के सामने अचरज की स्तिथि पैदा कर दी है। प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि भूपेश भाजपा में चले जाएं तो वो ईमानदार भूपेश बघेल कहे जाएंगे। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और राजनांदगांव लोकसभा सीट से उम्मीदवार भूपेश बघेल से सवाल भी पूछा गया। पत्रकारों के सवाल का आधार बीजेपी नेताओं की चिठ्ठी थी। नेताओं ने चिठ्ठी के जरिए पूछा है कि क्या सौम्या चौरसिया आपके लिए वसूली करती थीं? सवाल सुनते ही भूपेश बघेल भड़क गए और कहा- मुझसे नहीं पूछते हुए दिखाया और छापा तो जा रहा है मुझसे पूछने की जरूरत क्या है? यदि आप लोगों के पास है तो दिखाओ और छापो।

The sootr अपने पाठकों को बता चुका है कि अनिल टुटेजा टॉप दस आरोपियों में से एक है। ED ने अपनी चार्जशीट में अनिल टुटेजा के लिए Architectur of scam लिखा है। 24 अप्रैल को जब PMLA के जज के सामने रिटायर्ड आईएएस अनिल टूटेजा को पेश किया जाएगा तो, 14 दिनों की रिमांड मांगी जाएगी। 24 अप्रैल से पहले ही कुछ और गिरफ्तारियों की भी संभावना है।

CG liquor scam रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा