छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने उदय राव की अंतरिम जमानत की मंजूर, आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
Harrison Masih | Oct 01, 2026, 17:49 IST
सुप्रीम कोर्ट ने उदय राव को दी जमानत
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एन. उदय राव को अंतरिम जमानत दे दी है, जो कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित मामला है। अभियोजन पक्ष इसे सीएसएमसीएल मैनपावर घोटाला मानता है। एन. उदय राव ने इन सभी आरोपों का मजबूती से खंडन किया है और अपनी बेगुनाही का दावा किया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एन. उदय राव को अंतरिम जमानत दी।
- मामला शराब की दुकानों के मैनपावर बिलों में कथित अनियमितताओं का है।
- अभियोजन पक्ष के मुताबिक एक कंपनी को करीब 34 करोड़ 6 लाख रुपए एक्स्ट्रा मिले।
- राव ने इन आरोपों का खंडन किया है।
- राज्य ने कोर्ट से कहा कि राव के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है।
उदय राव की जमानत पर कोर्ट में क्या हुआ
सुनवाई में दो बातें अहम रहीं। पहली, कोर्ट ने प्रतिकूल रिपोर्ट के बारे में सीधे पूछा। दूसरी, राज्य ने किसी प्रतिकूल रिपोर्ट के होने से इनकार किया।
दलीलों और हालात को देखते हुए कोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। सुप्रीम कोर्ट अंतरिम जमानत का मतलब है मामला चलने तक की अस्थायी राहत। राव कोर्ट की शर्तों के साथ जमानत पर रहेंगे।
राव की ओर से कौन वकील पेश हुए
शराब दुकान मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट का विवाद
इन ठेकों का मकसद पूरे छत्तीसगढ़ की खुदरा दुकानों पर स्टाफ तैनात करना था। खुदरा यानी सीधे ग्राहक को बिक्री करने वाली दुकानें। अभियोजन पक्ष के आरोप इसी CSMCL scam के इर्द-गिर्द हैं।
मैनपावर सप्लाई यानी कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसियां। इनके बिल इस केस का केंद्र हैं। ये बिल सीएसएमसीएल को सौंपे गए थे। इन बिलों में कथित अनियमितताओं पर ही केस दर्ज हुआ है।
अभियोजन पक्ष के आरोप क्या हैं
आरोप है कि ए-2-जेड इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड को 34.06 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिले। यह लगभग 34 करोड़ रुपए अतिरिक्त भुगतान का आरोप है, यानी 3,406 लाख रुपए। इसमें से करीब 6.90 करोड़ रुपए कथित अवैध कमीशन के तौर पर गए।
यहां से कहानी राव के पक्ष की ओर मुड़ती है।
राव का पक्ष क्या है
उनका कहना है कि एफआईआर (FIR - First Information Report) में उनका नाम नहीं था। राव के मुताबिक वे ए-2-जेड इंफ्रासर्विसेज के न डायरेक्टर थे, न शेयरहोल्डर (हिस्सेदार)। कंपनी पर उनका कोई स्वतंत्र प्रबंधकीय या वित्तीय नियंत्रण नहीं था।
हाई कोर्ट जमानत खारिज से राहत तक
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 21 अगस्त, 2026 को कोर्ट ने सुनवाई की। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना थे। बेंच ने राव को अंतरिम जमानत दी। तारीख तय हुई 1 अक्टूबर।
अंतरिम जमानत और नियमित जमानत में फर्क
शराब घोटाला सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या
बेंच ने अंतरिम जमानत मंजूर की है। यह राहत अस्थायी है और कोर्ट की शर्तों के साथ मिली है। यह आदेश आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं है। आगे की सुनवाई में क्या होगा? यह अभी साफ नहीं है। क्या यह राहत आखिरी होगी? यह कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगा।
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