/sootr/media/media_files/2026/02/10/chief-engineer-came-under-nankis-target-accused-of-corruption-2026-02-10-17-20-59.jpg)
Photograph: (the sootr)
RAIPUR. लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर विजय कुमार भतपहरी विवादों में घिर गए हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने उन पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए हैं।
इस मामले में कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य सचिव विकासशील और PWD सचिव कमलप्रीत सिंह को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पूरे प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की मांग भी की है।
क्या कहा ननकीराम कंवर ने
ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि विजय कुमार भतपहरी ने लोक निर्माण विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि विभागीय नियमों को ताक पर रखकर अपने पसंदीदा ठेकेदारों को बड़े-बड़े काम दिए गए, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और शासन-प्रशासन की छवि को गंभीर क्षति पहुंची।
पूर्व गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भतपहरी के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर शिकायतें और आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन राजनीतिक पहुंच और प्रभाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। कंवर के अनुसार, यही कारण है कि वर्षों बाद भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामले लंबित पड़े हुए हैं।
यह खबरें भी पढ़ें..
छत्तीसगढ़ में नहीं रहेगा चंडालपुर, 'नकटी' भी नहीं कहेंगे लोग
अफसरों की कमी से जूझ रहा छत्तीसगढ़, आईएएस और आईपीएस के कई पद रिक्त!
ननकी के पत्र में क्या
पत्र में उल्लेख किया गया है कि विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ वर्ष 2011 और 2015 में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर में अपराध क्रमांक 56/2011 और 45/2015 दर्ज किए गए थे। ये दोनों ही मामले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दर्ज हुए, लेकिन आज तक इनकी जांच पूरी नहीं हो सकी है और न ही किसी प्रकार की निर्णायक कार्रवाई सामने आई है।
ननकी राम कंवर ने लोक निर्माण विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया (DPC) पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 की स्थिति में अधीक्षण अभियंता (सिविल) के पद की रिव्यू डीपीसी आयोग के माध्यम से होनी थी, जिसकी तिथि 27 दिसंबर 2010 को तय हो चुकी थी। इसके बावजूद कथित रूप से लंबित मामलों को छिपाकर कुछ अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया, जिससे आयोग और विभागीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
चीफ इंजीनियर पर लगाए गंभीर आरोप
अपने पत्र में कंवर ने सड़क निर्माण से जुड़ी एक गंभीर अनियमितता का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि विजय कुमार भतपहरी की नियुक्ति वर्ष 1992 में विशेष भर्ती अभियान के तहत सहायक यंत्री पद पर हुई थी और वर्ष 2003 में उन्हें तदर्थ पदोन्नति देकर राजनांदगांव संभाग में कार्यपालन अभियंता के रूप में पदस्थ किया गया। इस दौरान मानपुर–संबलपुर मार्ग (51 किलोमीटर) के निर्माण में 6.95 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति के विरुद्ध लगभग 10 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की 4 जुलाई 2006 की रिपोर्ट में इस सड़क निर्माण कार्य में 4.37 करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च, साथ ही तीन माह की मस्टर रोल पुस्तिकाओं के गुम होने को गंभीर अनियमितता बताया गया था।
ननकी राम कंवर ने पत्र के अंत में मांग की है कि विजय कुमार भतपहरी को तत्काल उनके पद से हटाया जाए, सभी लंबित मामलों की CBI से गहन जांच कराई जाए और लोक निर्माण विभाग को हुए कथित वित्तीय नुकसान की रिकवरी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं है।
यह खबरें भी पढ़ें..
बच्चा नाजायज है फिर भी देना होगा गुजारा भत्ता, जानिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने क्यों सुनाया ये फैसला
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us