छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड की तरह बनेगा यूसीसी का मसौदा, अध्ययन के लिए जाएगी कमेटी

Arun Tiwari | Jun 27, 2026, 18:05 IST
Share
उत्तराखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में UCC
उत्तराखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में UCC

छत्तीसगढ़ सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई गई है। समिति उत्तराखंड के यूसीसी मॉडल का अध्ययन करेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur : छत्तीसगढ़ ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने के लिए आगे कदम बढ़ाया है। इसके लिए कमेटी भी बना दी गई है। छत्तीसगढ़ में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए दूसरे राज्यों का अध्ययन किया जाएगा। खासतौर पर कमेटी उत्तराखंड की तर्ज पर यहां का यूसीसी ड्राफ्ट तैयार कर सकती है। इसके लिए कमेटी के सदस्य यूसीसी का अध्ययन करने के लिए उत्तराखंड जाएंगे। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार उत्तराखंड के अनुभवों के आधार पर राज्य में यूसीसी लागू करने की रणनीति तैयार कर रही है।

इसके पीछे बड़ी वजह

छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार ने राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने और इसके लिए आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सुझाव देने के मकसद से पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।

इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। जस्टिस देसाई ने इससे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने वाली समिति का भी नेतृत्व किया था। ऐसा माना जा रहा है कि यहां भी उत्तराखंड के अनुभवों के आधार पर राज्य में यूसीसी लागू करने की रणनीति तैयार की जा रही है।

यह हैं कमेटी के सदस्य

समिति में न्यायिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र के अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्तामोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह सदस्य बनाए गए हैं। सरकार का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की मौजूदगी से यूसीसी का मसौदा व्यापक विचार-विमर्श और सभी पक्षों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा सकेगा।

पर्सनल लॉ की समीक्षा

सरकार ने समिति को राज्य में वर्तमान में लागू व्यक्तिगत कानूनों (पर्सनल लॉ) की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति यह अध्ययन करेगी कि विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, उत्तराधिकार, संपत्ति के अधिकार और गोद लेने जैसे विषयों पर वर्तमान कानूनी व्यवस्था किस प्रकार काम कर रही है और उसमें किन सुधारों की आवश्यकता है। इसके आधार पर समिति समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करेगी।

समिति केवल कानूनी अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करेगी। सरकार चाहती है कि यूसीसी का मसौदा तैयार करने से पहले समाज के विभिन्न वर्गों की राय ली जाए, ताकि कानून व्यावहारिक और व्यापक सहमति के साथ तैयार हो सके।

यूसीसी का उत्तराखंड मॉडल

समिति अन्य राज्यों में लागू या प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के मॉडल का भी अध्ययन करेगी। विशेष रूप से उत्तराखंड में लागू यूसीसी के अनुभवों और प्रावधानों का विश्लेषण कर यह देखा जाएगा कि उनमें से कौन-से प्रावधान छत्तीसगढ़ की सामाजिक और कानूनी परिस्थितियों के अनुरूप अपनाए जा सकते हैं।

इसके बाद समिति राज्य सरकार को अंतिम मसौदा, आवश्यक विधायी संशोधन और प्रशासनिक सिफारिशें सौंपेगी। समान नागरिक संहिता का मकसद सभी नागरिकों के लिए धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय एक समान नागरिक कानून लागू करना है।

इसमें विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू करने की परिकल्पना की जाती है। यूसीसी लंबे समय से देश में राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय रहा है। समर्थकों का तर्क है कि इससे कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित होगी, जबकि विरोधी पक्ष का कहना है कि विभिन्न धार्मिक समुदायों की परंपराओं और व्यक्तिगत कानूनों का भी सम्मान किया जाना चाहिए।

IMP FACTS

छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।

इसके लिए 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।

समिति की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी।

समिति उत्तराखंड यूसीसी मॉडल का अध्ययन करेगी।

विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार कानूनों की समीक्षा होगी।

आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे।

अंतिम मसौदा सरकार को सिफारिश के रूप में सौंपा जाएगा।

उत्तराखंड के बाद छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राज्य को उन चुनिंदा राज्यों की श्रेणी में ला सकता है, जिन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है। उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ इस दिशा में आगे बढ़ने वाला प्रमुख राज्य बन सकता है। राजनीतिक दृष्टि से भी इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीजेपी लंबे समय से अपने प्रमुख चुनावी वादों में समान नागरिक संहिता को शामिल करती रही है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा समिति का गठन इस दिशा में एक ठोस प्रशासनिक पहल माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें समिति की सिफारिशों और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर तय होगा कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने का स्वरूप और समय-सीमा क्या होगी।

FAQ

  1. यूसीसी क्या है?
    यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता। इसमें देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की व्यवस्था होती है। इसमें विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में धर्म आधारित अलग-अलग कानून खत्म करने की बात होती है।
  2. छत्तीसगढ़ में यूसीसी पर काम कौन कर रहा है?
    छत्तीसगढ़ सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई है। इस समिति में न्यायिक, प्रशासनिक और कानूनी क्षेत्र के अनुभवी लोग शामिल हैं। यह समिति राज्य के मौजूदा व्यक्तिगत कानूनों का अध्ययन कर रही है।
  3. समिति किस मॉडल का अध्ययन करेगी?
    समिति विशेष रूप से उत्तराखंड में लागू यूसीसी मॉडल का अध्ययन करेगी। इसके साथ ही अन्य राज्यों के अनुभवों को भी देखा जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और कानूनी परिस्थितियों के अनुसार बेहतर और संतुलित मसौदा तैयार किया जा सके।

यह खबरें भी पढ़े...

छत्तीसगढ़ सरकार सख्त : बहुमंजिला इमारतों में लागू हुए कड़े सुरक्षा नियम

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी: नर्सिंग ऑफिसर के 196 पदों पर बंपर भर्ती, करें आवेदन

साय सरकार का बड़ा फैसला : समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करेगी हाई लेवल कमेटी

रायगढ़ सट्टा केस: आरोपी शहबाज को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, सरकार को नोटिस

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • यूसीसी
  • उत्तराखंड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग