छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज और सियासत में हलचल, अदालतों के फैसलों ने भी खींचा ध्यान
Arun Tiwari | Oct 31, 2026, 13:49 IST
धान खरीदी से लेकर मौसम और सियासी हलचल तक, छत्तीसगढ़ में बीते सप्ताह की बड़ी घटनाएं
छत्तीसगढ़ में बीता सप्ताह कई बड़ी खबरों के नाम रहा। किसानों के लिए धान खरीदी की तारीख तय हुई। सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला लिया गया। वहीं, चक्रवात अर्नब ने मौसम का मिजाज बदल दिया। कई जिलों में स्कूल तक बंद करने पड़े। राजनीतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिली। भाजपा की संगठनात्मक बैठकें चर्चा में रहीं।
कांग्रेस ने सरकार और भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। दूसरी ओर, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से आए फैसलों ने भी सबका ध्यान खींचा। सीजीपीएससी पर जुर्माना लगा और पुलिस प्रशासन में भी बदलाव हुए। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ में बीते सप्ताह की 8 बड़ी खबरें।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी किसानों के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक है। इसी बीच सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तारीख तय कर दी है।
27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। इसमें 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का फैसला लिया गया। सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। एक एकड़ में अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।
इसके अलावा 360 नए धान खरीदी केंद्र भी खोले जाएंगे। इससे प्रदेश में कुल केंद्रों की संख्या 3100 हो जाएगी।
अब किसानों की नजर खरीदी व्यवस्था पर है। उन्हें टोकन मिलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। केंद्रों पर लंबी कतारें भी नहीं लगनी चाहिए। साथ ही भुगतान समय पर होना जरूरी है।
2. सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मंत्रिपरिषद ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा को मंजूरी दी है।
इससे इलाज के समय कर्मचारियों को अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, योजना का पूरा फायदा अस्पतालों की संख्या और इलाज में शामिल बीमारियों पर निर्भर करेगा।
यह भी देखना होगा कि इलाज के लिए कितनी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेंगी। सुविधा तभी उपयोगी होगी, जब जरूरत के समय बिना परेशानी इलाज मिल सके।
3.
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में छत्तीसगढ़ का मौसम अचानक बदल गया। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात 'अर्नब' के असर से रायपुर समेत कई इलाकों में बारिश हुई। तेज हवाएं भी चलीं।
मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया।
बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई। इस समय कई जगह धान की फसल कटाई के लिए तैयार होती है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता और भंडारण पर असर पड़ सकता है।
4.
प्रदेश भाजपा में भी बीता सप्ताह काफी सक्रिय रहा। पार्टी की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और संगठन के दूसरे नेताओं की बैठकों को लेकर चर्चा हुई।
25 और 26 अक्टूबर को भाजपा की संगठनात्मक बैठकें हुईं। इनमें पार्टी की रणनीति, पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
सत्ता में रहने वाली पार्टी के लिए संगठन को मजबूत रखना जरूरी है। इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी अहम है। जनता के बीच सरकार के कामों की जानकारी पहुंचाना पार्टी की प्रमुख चुनौती है।
पूर्व नौकरशाह अनिल टूटेजा से जुड़े मामलों में 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम घटनाक्रम हुआ।
शराब घोटाले और कस्टम राइस मिलिंग से जुड़े मामलों में उनकी जमानत के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने याचिकाएं लगाई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर कार्यवाही समाप्त कर दी।
अदालत ने कहा कि अगर सरकार के पास जमानत की शर्तों के उल्लंघन का आधार है, तो वह संबंधित हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग कर सकती है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत देते समय की गई टिप्पणियों का असर निचली अदालत में चल रहे मुकदमे पर नहीं पड़ना चाहिए।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
एक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिले थे। इस मामले में अदालत ने आयोग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही संबंधित अभ्यर्थी को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया।
यह मामला 27 अक्टूबर को सामने आया। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
सरकारी नौकरी के लिए युवा सालों मेहनत करते हैं। ऐसे में उत्तरपुस्तिका से पन्ने गायब होना गंभीर लापरवाही है। परीक्षा और मूल्यांकन में पारदर्शिता जरूरी है।
29 अक्टूबर को रायपुर से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई। प्रदेश के 116 राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती की गई।
सरकार की ओर से इसके पीछे नक्सलवाद में कमी और बदले हालात का तर्क दिया गया।
इसी दौरान रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में भी बदलाव हुए। यहां निरीक्षक समेत 30 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना प्रशासन का काम है। वहीं, पुलिस में बदलाव का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इन फैसलों का असली असर जमीन पर दिखना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ में बीते सप्ताह कई बड़े फैसले और घटनाएं सामने आईं। किसानों के लिए धान खरीदी की तैयारी हुई। कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला लिया गया। मौसम ने भी परेशानी बढ़ाई।
वहीं, भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियां चर्चा में रहीं। अदालतों ने भी अहम फैसले सुनाए। सीजीपीएससी की लापरवाही पर कार्रवाई हुई। पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए गए।
इन सभी घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन फैसलों का फायदा आम लोगों तक कितना पहुंचेगा।
किसानों को समय पर भुगतान चाहिए। कर्मचारियों को बिना परेशानी इलाज मिलना चाहिए। युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में फैसले और घोषणाएं लगातार हो रही हैं। लेकिन किसी भी सरकार के काम का असली Ground Impact तभी दिखता है, जब आम जनता को उसका फायदा मिले।
यही वजह है कि बीते सप्ताह की खबरों में सबसे अहम बात केवल फैसले नहीं, बल्कि उनका सही तरीके से लागू होना है।
1. किसानों के लिए बड़ी खबर, 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। इसमें 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का फैसला लिया गया। सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। एक एकड़ में अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।
इसके अलावा 360 नए धान खरीदी केंद्र भी खोले जाएंगे। इससे प्रदेश में कुल केंद्रों की संख्या 3100 हो जाएगी।
अब किसानों की नजर खरीदी व्यवस्था पर है। उन्हें टोकन मिलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। केंद्रों पर लंबी कतारें भी नहीं लगनी चाहिए। साथ ही भुगतान समय पर होना जरूरी है।
2. सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
इससे इलाज के समय कर्मचारियों को अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, योजना का पूरा फायदा अस्पतालों की संख्या और इलाज में शामिल बीमारियों पर निर्भर करेगा।
यह भी देखना होगा कि इलाज के लिए कितनी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेंगी। सुविधा तभी उपयोगी होगी, जब जरूरत के समय बिना परेशानी इलाज मिल सके।
3. चक्रवात अर्नब से बदला मौसम, कई जिलों में स्कूल बंद
मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया।
बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई। इस समय कई जगह धान की फसल कटाई के लिए तैयार होती है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता और भंडारण पर असर पड़ सकता है।
4. भाजपा संगठन में हलचल, स्मृति ईरानी की बैठकों की चर्चा
25 और 26 अक्टूबर को भाजपा की संगठनात्मक बैठकें हुईं। इनमें पार्टी की रणनीति, पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
सत्ता में रहने वाली पार्टी के लिए संगठन को मजबूत रखना जरूरी है। इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी अहम है। जनता के बीच सरकार के कामों की जानकारी पहुंचाना पार्टी की प्रमुख चुनौती है।
5. अनिल टूटेजा की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई समाप्त
शराब घोटाले और कस्टम राइस मिलिंग से जुड़े मामलों में उनकी जमानत के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने याचिकाएं लगाई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर कार्यवाही समाप्त कर दी।
अदालत ने कहा कि अगर सरकार के पास जमानत की शर्तों के उल्लंघन का आधार है, तो वह संबंधित हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग कर सकती है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत देते समय की गई टिप्पणियों का असर निचली अदालत में चल रहे मुकदमे पर नहीं पड़ना चाहिए।
6. CGPSC पर हाईकोर्ट ने लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना
एक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिले थे। इस मामले में अदालत ने आयोग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही संबंधित अभ्यर्थी को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया।
यह मामला 27 अक्टूबर को सामने आया। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
सरकारी नौकरी के लिए युवा सालों मेहनत करते हैं। ऐसे में उत्तरपुस्तिका से पन्ने गायब होना गंभीर लापरवाही है। परीक्षा और मूल्यांकन में पारदर्शिता जरूरी है।
7. 116 नेताओं की सुरक्षा में कटौती, पुलिस विभाग में तबादले
सरकार की ओर से इसके पीछे नक्सलवाद में कमी और बदले हालात का तर्क दिया गया।
इसी दौरान रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में भी बदलाव हुए। यहां निरीक्षक समेत 30 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना प्रशासन का काम है। वहीं, पुलिस में बदलाव का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इन फैसलों का असली असर जमीन पर दिखना जरूरी है।
8. बीते सप्ताह का सबसे बड़ा सवाल, जनता को कितना मिलेगा फायदा?
वहीं, भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियां चर्चा में रहीं। अदालतों ने भी अहम फैसले सुनाए। सीजीपीएससी की लापरवाही पर कार्रवाई हुई। पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए गए।
इन सभी घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन फैसलों का फायदा आम लोगों तक कितना पहुंचेगा।
किसानों को समय पर भुगतान चाहिए। कर्मचारियों को बिना परेशानी इलाज मिलना चाहिए। युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में फैसले और घोषणाएं लगातार हो रही हैं। लेकिन किसी भी सरकार के काम का असली Ground Impact तभी दिखता है, जब आम जनता को उसका फायदा मिले।
यही वजह है कि बीते सप्ताह की खबरों में सबसे अहम बात केवल फैसले नहीं, बल्कि उनका सही तरीके से लागू होना है।
राजस्थान के 5 दिग्गज पैरा खिलाड़ियों का सरकार को अल्टीमेटम, 10 दिन में समाधान नहीं तो लौटाएंगे पदक
By Jageshwar Prasad
ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़, CBI ने भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई पर उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा
By Manya Jain
IAS शिखर अग्रवाल के बाद IPS पत्नी प्रशाखा माथुर भी APO, 40 विला-कॉटेज की खरीदी से जुड़ा है मामला
By Ashish Bhardwaj
राजस्थान में सरकारी डॉक्टर बनने की राह मुश्किल, 600 पदों पर 18 हजार 700 दावेदार; एक पद के लिए 31 में मुकाबला
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान में पीजी एडमिशन का शेड्यूल बेपटरी, दिसंबर में परीक्षा तो नवंबर में होंगे दाखिले
By Ashish Bhardwaj
छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड बनवाना हुआ मुश्किल! अब देने होगी 40 तरह की जानकारी, जानें नया नियम
By Harrison Masih
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर एमपी के रिटायर्ड अफसर से 69 लाख की ठगी, 23 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, ऐसे खुला मामला
By Arohi Raj