CGPSC Scam: सरनेम छिपाकर बहुओं को बनाया अफसर, पति सोनवानी की जगह लिखा पिता का नाम
Arun Tiwari | Oct 13, 2025, 16:39 IST
cgpsc-exam-scam-taman-singh-sonwani-cbi-investigation the sootr
छत्तीसगढ़ में हुए पीएससी घोटाले में चल रही सीबीआई जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और इस घोटाले के किंगपिन टामन सिंह सोनवानी ने पूरी होशियारी के साथ इस करतूत को अंजाम दिया था।
Raipur. छत्तीसगढ़ में हुए पीएससी घोटाले में चल रही सीबीआई जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और इस घोटाले के किंगपिन टामन सिंह सोनवानी ने पूरी होशियारी के साथ इस करतूत को अंजाम दिया था। लेकिन टामन सिंह की होशियारी धरी की धरी रह गई और वे जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए।
उनका साथ तत्कालीन एग्जाम कंट्रोलर आरती वासनिक और तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने भी कंधे से कंधा मिलाकर दिया। यह घोटाला पकड़ में न आए इसके लिए टामन सिंह ने अपनी बहुओं के सरनेम ही गायब कर दिए। इसमें होशियारी ये थी कि न सोनवानी सरनेम आएगा और न ही उन पर कोई शक जाएगा। बेटे को तो बिना इंटरव्यू के ही डिप्टी कलेक्टर बना दिया गया। आइए आपको दिखाते हैं जेब में अफसरी रखने की टामन सिंह की होशियारी।
ये खबर भी पढ़ें... CGPSC Scam: नीतेश-निशा बिना इंटरव्यू हुए सेलेक्ट,2020 में हुआ पेपर लीक... CBI जांच में बड़े खुलासे
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़ा एक भयावह घोटाला सामने आया है, जिसने राज्य की भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है। 2020-2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित तौर पर प्रश्न-पत्र लीक, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की साजिश रची गई।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में यह खुलासा हुआ कि वरिष्ठ अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों ने मिलकर योग्य उम्मीदवारों के हक को छीना और खुद को फायदा पहुंचाया। आइए, इस चौंकाने वाले मामले की पूरी कहानी को क्रम से जानते है। पहले आपको दो किरदार बताते हैं जिन्होंने बिना सोनवानी लिखे परीक्षा दी और अफसरी हासिल कर ली। इनके सरनेम सोनवानी इसलिए छिपाया गया ताकि कोई इस कारस्तानी पर शक न कर सके।
ये खबर भी पढ़ें... CGPSC Scam : टामन सिंह सोनवानी का साला और पत्नी गिरफ्तार
सोनवानी की बहू मिशा कोशले और उनकी भाई की बहू दीपा आदिल ने इसी नाम से परीक्षा में भाग लिया। दीपा ने अपने आवेदन में पति की जगह भरा NA यानी नाट एप्लीकेबल। जांच से पता चला कि दीपा ने 07 मई 2008 को विवाह की तारीख का उल्लेख किया। आगे जांच में पता चला कि दीपा ने अपने पति का नाम बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट की सुनवाई के दौरान CGPSC को पता चला कि दीपा टामन सिंह सोनवानी के भाई दिमन सिंह सोनवानी की बहू है।
ये खबर भी पढ़ें... CGPSC भर्ती घोटाला...योग्य कैंडिडेट्स होगी नियुक्ति, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश
जांच में यह पाया गया कि दीपा ने CGPSC में अपने आवेदन में अपने पति का नाम उल्लेख नहीं किया, जिसका इरादा टामन सिंह सोनवानी परिवार के साथ अपने संबंध को छिपाने का था। इस संबंध को छिपाने का इरादा CGPSC की 2020 परीक्षा में धोखा देने के लिए था। जांच से पता चला कि 14.02.2021 को CGPSC 2020 की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें मिशा कोसले और दीपा उत्तीर्ण हुईं।
मुख्य परीक्षा 26.07.2021 से 29.07.2021 के दौरान आयोजित की जानी थी, लेकिन तारीखों को CGPSC द्वारा पुनर्निर्धारित किया गया। जांच में यह खुलासा हुआ कि मिशा कोसले के पति नितीश सोनवानी ने भी सीजीपीएससी 2020 की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन वे इंटरव्यू में शामिल नहीं हुए ताकि पति-पत्नी दोनों के एक ही परीक्षा के माध्यम से चयन को लेकर कोई विवाद न हो, क्योंकि वे सोनवानी परिवार के सदस्य थे।
CGPSC 2020 का अंतिम परिणाम 29.10.2021 को घोषित किया गया। मिशा कोसले,को डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए चुना गया, और दीपा को डिस्ट्रिक्ट एक्साइज ऑफिसर के पद के लिए चुना गया। दोनों ने छत्तीसगढ़ सरकार में अपने-अपने पदों पर कार्यभार संभाला।
ये खबर भी पढ़ें... CG PSC Scam में भूपेश बघेल के खास पूर्व IAS टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार
जांच में यह खुलासा हुआ कि टामन सिंह सोनवानी ने CGPSC 2020 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्रश्न-पत्रों को मिशा कोसले और दीपा आदिल को पहले से दिखाया। इन तथ्यों को मिशा और दीपा के सामने रखा। मिशा ने स्वीकार किया कि उनके पति नितेश और दीपा को प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र पहले से दिखाए गए थे, और टामन सिंह सोनवानी ने मुख्य परीक्षा के प्रश्न-पत्र भी दिखाए। इन तथ्यों के आधार पर, यह साफ हुआ कि टामन सिंह सोनवानी ने मिशा और दीप के साथ आपराधिक साजिश रची। जिसका मकसद परीक्षा में धोखाधड़ी करना था। इसी साजिश के कारण प्रश्नपत्र लीक किए गए।
उनका साथ तत्कालीन एग्जाम कंट्रोलर आरती वासनिक और तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने भी कंधे से कंधा मिलाकर दिया। यह घोटाला पकड़ में न आए इसके लिए टामन सिंह ने अपनी बहुओं के सरनेम ही गायब कर दिए। इसमें होशियारी ये थी कि न सोनवानी सरनेम आएगा और न ही उन पर कोई शक जाएगा। बेटे को तो बिना इंटरव्यू के ही डिप्टी कलेक्टर बना दिया गया। आइए आपको दिखाते हैं जेब में अफसरी रखने की टामन सिंह की होशियारी।
ये खबर भी पढ़ें... CGPSC Scam: नीतेश-निशा बिना इंटरव्यू हुए सेलेक्ट,2020 में हुआ पेपर लीक... CBI जांच में बड़े खुलासे
जाति छिपाकर बन गए अफसर :
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में यह खुलासा हुआ कि वरिष्ठ अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों ने मिलकर योग्य उम्मीदवारों के हक को छीना और खुद को फायदा पहुंचाया। आइए, इस चौंकाने वाले मामले की पूरी कहानी को क्रम से जानते है। पहले आपको दो किरदार बताते हैं जिन्होंने बिना सोनवानी लिखे परीक्षा दी और अफसरी हासिल कर ली। इनके सरनेम सोनवानी इसलिए छिपाया गया ताकि कोई इस कारस्तानी पर शक न कर सके।
ये खबर भी पढ़ें... CGPSC Scam : टामन सिंह सोनवानी का साला और पत्नी गिरफ्तार
सोनवानी की बहू मिशा कोशले और उनकी भाई की बहू दीपा आदिल ने इसी नाम से परीक्षा में भाग लिया। दीपा ने अपने आवेदन में पति की जगह भरा NA यानी नाट एप्लीकेबल। जांच से पता चला कि दीपा ने 07 मई 2008 को विवाह की तारीख का उल्लेख किया। आगे जांच में पता चला कि दीपा ने अपने पति का नाम बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट की सुनवाई के दौरान CGPSC को पता चला कि दीपा टामन सिंह सोनवानी के भाई दिमन सिंह सोनवानी की बहू है।
ये खबर भी पढ़ें... CGPSC भर्ती घोटाला...योग्य कैंडिडेट्स होगी नियुक्ति, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश
इसलिए छिपाया सरनेम :
मुख्य परीक्षा 26.07.2021 से 29.07.2021 के दौरान आयोजित की जानी थी, लेकिन तारीखों को CGPSC द्वारा पुनर्निर्धारित किया गया। जांच में यह खुलासा हुआ कि मिशा कोसले के पति नितीश सोनवानी ने भी सीजीपीएससी 2020 की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन वे इंटरव्यू में शामिल नहीं हुए ताकि पति-पत्नी दोनों के एक ही परीक्षा के माध्यम से चयन को लेकर कोई विवाद न हो, क्योंकि वे सोनवानी परिवार के सदस्य थे।
CGPSC 2020 का अंतिम परिणाम 29.10.2021 को घोषित किया गया। मिशा कोसले,को डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए चुना गया, और दीपा को डिस्ट्रिक्ट एक्साइज ऑफिसर के पद के लिए चुना गया। दोनों ने छत्तीसगढ़ सरकार में अपने-अपने पदों पर कार्यभार संभाला।
ये खबर भी पढ़ें... CG PSC Scam में भूपेश बघेल के खास पूर्व IAS टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार
पहले ही दिखा दिए थे प्रश्नपत्र :
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA