CGPSC घोटाला : सीबीआई की दलीलों के बाद पूर्व सचिव जीवन ध्रुव को नहीं मिली राहत
Umeshwari Baghel | Aug 05, 2026, 20:56 IST
CGPSC घोटाले में पूर्व सचिव को झटका
CGPSC घोटाले में हाईकोर्ट ने पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने पेपर लीक को लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए इसे गंभीर अपराध माना। सीबीआई ने उन पर बेटे को गोपनीय प्रश्नपत्र देने का आरोप लगाया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- CGPSC पेपर लीक केस में पूर्व सचिव को झटका
- हाईकोर्ट ने खारिज की जीवन किशोर ध्रुव की जमानत
- पेपर लीक पर कोर्ट सख्त, नहीं मिली राहत
- CGPSC घोटाले में पूर्व सचिव की मुश्किलें बढ़ीं
- लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ पर हाईकोर्ट सख्त
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करना लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। ऐसे अपराध का असर केवल एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी व्यवस्था और समाज के भरोसे को नुकसान पहुंचाता है।
पेपर लीक को कोर्ट ने माना गंभीर अपराध
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब व्यवस्था संभालने वाले लोग ही इस तरह के मामलों में शामिल पाए जाते हैं तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक होती है। कोर्ट ने इसे "बाड़ ही खेत को खाने" जैसी स्थिति बताया।
बेटे को पेपर देने का लगा आरोप
आरोप है कि सचिव पद की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने मुख्य परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र अपने बेटे सुमित ध्रुव को उपलब्ध कराए। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी आधार पर सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ।
घर से मिले थे अहम दस्तावेज
सीबीआई का कहना है कि जब्त दस्तावेजों में सामान्य अध्ययन के पेपर से जुड़े कई सवाल मौजूद थे। जांच में यह भी दावा किया गया कि परीक्षा में आए कई प्रश्न इन दस्तावेजों से मेल खाते थे।
बचाव पक्ष ने दी ये दलील
बचाव पक्ष ने उनकी उम्र, सेवानिवृत्त अधिकारी होने और लंबे समय से जेल में रहने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। उन्होंने अन्य आरोपियों के मामलों का भी उदाहरण दिया था।
CGPSC घोटाले में पूर्व सचिव को झटका
हाईकोर्ट ने क्यों नहीं दी राहत
अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। अगर ऐसी घटनाएं होती हैं तो युवाओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।
CGPSC भर्ती घोटाला बना बड़ा मुद्दा
मामले की जांच सीबीआई कर रही है। जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है। अब पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज होने से मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
FAQ
- CGPSC पेपर लीक मामले में किसकी जमानत खारिज हुई है?
CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2021 घोटाले में गिरफ्तार पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। - जीवन किशोर ध्रुव पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने CGPSC की मुख्य परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र अपने बेटे को उपलब्ध कराए। इसी पेपर लीक के जरिए चयन में मदद मिलने का आरोप है। - हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले पर क्या टिप्पणी की?
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक से लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता है। अदालत ने इसे बेहद गंभीर अपराध बताते हुए जमानत देने से इनकार किया।
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