न्यूज, हे राम और भक्त प्रह्लाद आए सामने, बोले हमारे यही नाम हैं

Arun Tiwari | Aug 08, 2026, 18:46 IST
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CGPSC भर्ती विवाद
CGPSC भर्ती विवाद

CGPSC SI भर्ती की मेरिट लिस्ट में न्यूज, हे राम और भक्त प्रह्लाद जैसे नाम वायरल हुए। अभ्यर्थियों ने बताया कि ये उनके वास्तविक नाम हैं। CGPSC ने कहा कि नाम ऑनलाइन आवेदन में अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज किए गए हैं, आयोग ने कोई बदलाव नहीं किया।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की एक मेरिट लिस्ट इन दिनों परीक्षा के नतीजों से ज्यादा उसमें दर्ज कुछ नामों को लेकर चर्चा में है। सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की सूची सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर न्यूज, स्पेस रानी, हे राम, भक्त प्रह्लाद और तुफैल जैसे नाम तेजी से वायरल होने लगे। देखते ही देखते मामला राजनीतिक बहस तक पहुंच गया और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे। अब ये नाम वाले अभ्यर्थी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा यही नाम है। CGPSC ने स्पष्ट किया है कि सूची में नाम वही दर्ज हैं, जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान स्वयं भरे थे।

341 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के तहत सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के कुल 341 पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। प्रारंभिक परीक्षा 12 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में आयोजित की गई थी। इसके बाद 4 अगस्त को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया गया, जिसमें कुल 7,301 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया। इसी सूची में कुछ ऐसे नाम दिखाई दिए, जो आम तौर पर किसी सरकारी भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट में नजर नहीं आते। सोशल मीडिया पर सूची के स्क्रीनशॉट वायरल होते ही लोगों ने इन नामों को देखकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। किसी ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया तो किसी ने भर्ती प्रक्रिया पर ही संदेह जताया। मामला इतना बढ़ा कि राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने असामान्य नामों के साथ सूची में कुछ जगहों पर अधूरे विवरण और अलग तरह के अक्षरों का उल्लेख करते हुए CGPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल नामों का मामला न मानकर भर्ती प्रक्रिया में संभावित लापरवाही और सिस्टम की खामियों से जोड़ते हुए जांच की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले को लेकर सवाल उठाए और इसे व्यवस्था की खामी से जोड़ते हुए सरकार तथा आयोग पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच यह चर्चा होने लगी कि आखिर आधिकारिक परीक्षा परिणाम में इस तरह के नाम कैसे पहुंच गए।

CGPSC ने दी सफाई नाम हमने नहीं बदले

विवाद बढ़ने के बाद CGPSC ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। आयोग के मुताबिक प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम ऑनलाइन आवेदन में दर्ज जानकारी के आधार पर स्वचालित रूप से तैयार होता है। आवेदन भरते समय अभ्यर्थी अपना नाम, जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत विवरण स्वयं दर्ज करते हैं। परिणाम जारी करते समय आयोग इन नामों में मैन्युअल बदलाव नहीं करता। इसलिए सूची में जो नाम दिखाई दे रहे हैं, वे आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज किए गए नामों के अनुरूप ही हैं। आयोग का कहना है कि इन अभ्यर्थियों ने केवल ऑनलाइन आवेदन ही नहीं किया था, बल्कि भर्ती प्रक्रिया के पहले के चरणों में भी इन्हीं नामों के साथ शामिल हुए थे। यानी उनके एडमिट कार्ड और संबंधित रिकॉर्ड में भी यही नाम दर्ज रहे हैं।

वायरल नामों के पीछे की कहानी भी सामने आई

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिन अभ्यर्थियों के नाम चर्चा में आए, उनमें से कुछ खुद सामने आए और अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज और वीडियो साझा कर यह बताने की कोशिश की कि उनके नाम वास्तविक हैं। ‘न्यूज’ नाम वाले अभ्यर्थी ने बताया कि यह नाम उनके माता-पिता ने रखा है। वहीं ‘हे राम’ नाम वाले अभ्यर्थी ने दस्तावेजों में नाम से जुड़ी जानकारी स्पष्ट की। भक्त प्रह्लाद और तुफैल नाम वाले अभ्यर्थियों ने भी लोगों से बिना पुष्टि के अफवाह फैलाने से बचने की अपील की।सोशल मीडिया पर कुछ ही घंटों में चर्चा का विषय बने ये अभ्यर्थी दरअसल सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे सामान्य उम्मीदवार हैं। उनके नाम भले ही लोगों को असामान्य लगे हों, लेकिन उनके लिए यह परीक्षा वर्षों की मेहनत और नौकरी की उम्मीद से जुड़ी हुई है।

अब असली सवाल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर ऑनलाइन भर्ती प्रणाली में दर्ज व्यक्तिगत जानकारी की सत्यता और उसे सार्वजनिक करने के तरीके पर बहस छेड़ दी है। CGPSC ने फिलहाल किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और कहा है कि सूची में दर्ज नाम आवेदन पत्रों में उपलब्ध जानकारी के अनुरूप हैं। ऐसे में अब विवाद केवल ‘नाम अजीब क्यों हैं’ तक सीमित नहीं रह गया है। बड़ा सवाल यह है कि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन किस तरह किया जाता है। यदि दस्तावेज सत्यापन और अन्य चरणों में यही अभ्यर्थी पात्र पाए जाते हैं, तो केवल नाम की असामान्यता के आधार पर उनकी योग्यता पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा।

FAQ

  1. CGPSC मेरिट लिस्ट में वायरल हुए नाम कौन-कौन से हैं?
    GPSC SI भर्ती की सूची में न्यूज, हे राम, भक्त प्रह्लाद, स्पेस रानी और तुफैल जैसे नाम चर्चा में आए हैं।
  2. क्या CGPSC ने अभ्यर्थियों के नाम बदले थे?
    नहीं। CGPSC ने स्पष्ट किया है कि मेरिट लिस्ट में नाम ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज जानकारी के आधार पर जारी किए गए हैं।
  3. CGPSC SI भर्ती परीक्षा में कितने पदों के लिए परीक्षा हुई है?
    छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के कुल 341 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

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