छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में डायरिया का कहर, अबतक पांच लोगों की मौत, टॉर्च की रोशनी में हो रहा मरीजों का इलाज

Sanjay Dhiman | Oct 24, 2025, 17:40 IST
Share
CG Abuchhmad kalra effect
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में डायरिया फैलने से घोट और रेकावाया गांवों में पांच लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मेडिकल टीम ने टॉर्च की रोशनी में रातभर इलाज किया।

BIJAPUR. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का अबूझमाड़ इलाका बहुत दूर और कठिन पहुंच वाला क्षेत्र है। यहां आज भी ठीक से इलाज की सुविधाएं नहीं हैं। हाल ही में इस इलाके में डायरिया फैल गया। इस कारण ही घोट और रेकावाया गांवों में पांच लोगों की मौत हो गई।
खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। गांव में रात में बिजली नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग के अमले ने टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में मरीजों का इलाज किया। यह हालत बताती है कि सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि इलाके की बदहाली भी मौत का कारण बनी है।

दस किमा पैदल चली स्वास्थ्य विभाग की टीम

अबूझमाड़ के डूंगा पंचायत के घोट और रेकावाया गांवों में यह बीमारी तीन दिन से ज्यादा से फैली हुई थी। लोगों को जब उल्टी-दस्त के लक्षण दिखे, तो उन्हें जरूरी डॉक्टर की मदद (Medical Aid) नहीं मिल पाई।

इलाका इतना मुश्किल है कि हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम के लिए भी वहां पहुंचना आसान नहीं था। टीम को पहले इंद्रावती नदी को नाव से पार करना पड़ा। इसके बाद गांव तक जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।

मेडिकल टीम जब बुधवार देर रात घोट गांव पहुंची, तो उन्हें एक झोपड़ी में संचालित स्कूल में अस्थायी शिविर लगाकर इलाज शुरू करना पड़ा। बिजली न होने के कारण मेडिकल स्टाफ को टॉर्च की रोशनी में ही मरीजों का उपचार करना पड़ रहा था।

यह खबरें भी पढ़ें..

अबूझमाड़ मुठभेड़: सुप्रीम कोर्ट का आदेश लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंची नक्सली नेता की पत्नी,जानें पूरा मामला

नक्सलियों के गढ़ अबूझमाड़ में रक्षाबंधन की नई तस्वीर, डर की जगह बंधा विश्वास का धागा

कितनी मौतें हुईं और क्यों फैली बीमारी?

घोट गांव में तीन और रेकावाया गांव में दो लोगों की मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि घोट गांव में कुछ दिन पहले एक मृत्यु भोज का कार्यक्रम हुआ था। वहां सबने एक साथ खाना खाया। उसके बाद ही कई लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई।

इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह बीमारी खराब (दूषित) पानी या खराब खाने की वजह से फैली होगी। ऐसे दूर-दराज के इलाकों में ऐसी बीमारियों का असली जड़ यही दूषित पानी और खाना ही होता है।

अबूझमाड़ क्षेत्र में फैली बीमारी और विकास को ऐसे समझें



  1. अबूझमाड़ क्षेत्र छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का एक दूरदराज और दुर्गम इलाका है, जहां स्वास्थ्य सुविधाएँ न के बराबर हैं।
  2. हाल ही में अबूझमाड़ डायरिया का प्रकोप फैलने से घोट और रेकावाया गांवों में पांच की मृत्यु हो गई।
  3. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में इलाज किया।
  4. उल्टी-दस्त का प्रकोप की गंभीरता को और प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे की कमजोरी को उजागर करती है।
  5. प्रशासन ने साफ पानी का सेवन और लक्षण दिखने पर जल्दी इलाज कराने की अपील की है।

कलेक्टर ने माना देर से मिली खबर

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने माना कि मामला बहुत गंभीर है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क की दिक्कत के चलते खबर थोड़ी देर से मिली। मगर, जैसे ही जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन इलाकों में भेज दीं।

जो ग्रामीण बहुत ज्यादा बीमार थे, उन्हें अच्छे इलाज के लिए भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। टीमें गांवों में जरूरी दवाइयां, ओआरएस के पैकेट बांट रही हैं और साथ ही यह भी चेक कर रही हैं कि पानी के स्रोत (Water Sources) में कोई खराबी तो नहीं है।

ग्रामीणों को उबला हुआ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने और लक्षण दिखते ही तुरंत सूचित करने की सलाह दी जा रही है।

यह खबरें भी पढ़ें..

खुशखबरी: छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाई पीएम आवास की राशि, मकान बनाने मिलेंगे अब इतने रूपए

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में राजस्थान तीसरे नंबर पर, मध्यप्रदेश में 500 तो छत्तीसगढ़ में 350 फीसदी का इजाफा

अबूझमाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां

चुनौतीविवरण
सड़क मार्गपूरी तरह अनुपलब्ध
संचार सुविधाअत्यंत कमजोर
स्वास्थ्य केंद्रदूर-दराज़ में स्थित
परिवहननदी पार नाव से
बिजलीनहीं

डायरिया के प्रमुख लक्षण

  • लगातार उल्टी
  • बार-बार पतला दस्त
  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
  • चक्कर आना या कमजोरी
  • तेज बुखार (कुछ मामलों में)
Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • अबूझमाड़
  • उल्टी-दस्त का प्रकोप
  • अबूझमाड़ डायरिया का प्रकोप
  • कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा