बीजेपी की राजनीति में फिर आया उबाल, सीएम की एसपी कान्फ्रेंसिंग में नहीं पहुंचे गृहमंत्री
Arun Tiwari | Sept 14, 2024, 18:15 IST
Chhattisgarh CM Vishnudev Sai, Home Minister Vijay Sharma differences the sootr
सीएम ने अफसरों की हाईलेवल मीटिंग बुलाई थी। इसमें गृहमंत्री का रहना भी जरूरी था, लेकिन गृहमंत्री का रायपुर में होने के बाद भी बैठक में न पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
रायपुर . बीजेपी की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। सीएम ने प्रदेश के सभी जिलों के एसपी और आला अधिकारियों के साथ बैठक की लेकिन उस बैठक में गृहमंत्री विजय शर्मा नजर नहीं आए।
अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि क्या सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है। क्या मुख्यमंत्री और गृहमंत्री में आपस में बन नहीं रही है। जाहिर है कानून व्यवस्था को लेकर हाईलेवल मीटिंग हो, इस मीटिंग में पुलिस मुख्यालय के अफसरों के साथ सभी जिलों के एसपी - आईजी बुलाए गए और इस मीटिंग से गृहमंत्री का नदारद रहना, सवाल तो खड़े करता है। वो भी तब जब गृहमंत्री रायपुर में ही मौजूद हों और उनके मीटिंग में बोलने का समय भी तय हो फिर भी उनकी गैर मौजूदगी चर्चा का विषय तो बनेगी ही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो दिन लगातार प्रदेश भर के कलेक्टर और एसपी से मीटिंग की। पहले दिन कलेक्टरों से और दूसरे पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक हुई। एसपी के साथ बैठक में कानून व्यवस्था पर चर्चा की। 12 और 13 सितंबर को सीएम ने कलेक्टर-एसी कान्फ्रेंस बुलाई।
12 तारीख को कलेक्टरों के साथ बैठक हुई और 13 तारीख को पुलिस अफसरों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में डीजीपी,एडीजी से लेकर आईजी और सभी जिलों के एसपी मौजूद थे। इस बैठक में गृहमंत्री विजय शर्मा को भी शामिल होना था। सीएम के बाद उनकी स्पीच का स्लॉट भी तय था] लेकिन इस बैठक में विजय शर्मा नहीं पहुंचे।
हैरानी की बात ये है कि इस दिन विजय शर्मा रायपुर में ही मौजूद थे। शाम को कवर्धा चले गए थे। मीटिंग हाईलेवल थी इसलिए इसमें गृहमंत्री का रहना भी जरूरी था, लेकिन गृहमंत्री का रायपुर में होने के बाद भी बैठक में न पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
राजनीतिक गलियारों में तो यहां तक चर्चा है कि सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। हालांकि गृहमंत्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वो बैठक सीएम ने बुलाई और उसमें गृहमंत्री का जाना अपेक्षित नहीं था।
सीतापुर कांड पर भी सीएम नाराज हैं। एसपी कान्फ्रेंस में भी सीएम ने इस पर भारी नाराजगी दिखाई थी। सीएम ने आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। सीतापुर हत्याकांड का मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडे फरार है।
सीतापुर में इस मामले के सामने आने बाद बवाल मचा हुआ है। आदिवासी मृतक के परिजन लगातार चक्काजाम और आंदोलन कर रहे हैं। स्थानीय विधायक राजकुमार टोप्पो भी परिजनों के साथ आ गए हैं।
ठेकेदार अभिषेक पांडे और उसके साथियों ने मिस्त्री संदीप की हत्या कर उसके शव को पानी की टंकी के नीचे गाड़ दिया था। वहां पर पुलिस ने खुदाई कर शव बरामद किया है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव लेने से इनकार कर दिया है। सीतापुर में तनाव बना हुआ है।
अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि क्या सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है। क्या मुख्यमंत्री और गृहमंत्री में आपस में बन नहीं रही है। जाहिर है कानून व्यवस्था को लेकर हाईलेवल मीटिंग हो, इस मीटिंग में पुलिस मुख्यालय के अफसरों के साथ सभी जिलों के एसपी - आईजी बुलाए गए और इस मीटिंग से गृहमंत्री का नदारद रहना, सवाल तो खड़े करता है। वो भी तब जब गृहमंत्री रायपुर में ही मौजूद हों और उनके मीटिंग में बोलने का समय भी तय हो फिर भी उनकी गैर मौजूदगी चर्चा का विषय तो बनेगी ही।
क्या सरकार के अंदर सब-कुछ ठीक नहीं है
12 तारीख को कलेक्टरों के साथ बैठक हुई और 13 तारीख को पुलिस अफसरों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में डीजीपी,एडीजी से लेकर आईजी और सभी जिलों के एसपी मौजूद थे। इस बैठक में गृहमंत्री विजय शर्मा को भी शामिल होना था। सीएम के बाद उनकी स्पीच का स्लॉट भी तय था] लेकिन इस बैठक में विजय शर्मा नहीं पहुंचे।
हैरानी की बात ये है कि इस दिन विजय शर्मा रायपुर में ही मौजूद थे। शाम को कवर्धा चले गए थे। मीटिंग हाईलेवल थी इसलिए इसमें गृहमंत्री का रहना भी जरूरी था, लेकिन गृहमंत्री का रायपुर में होने के बाद भी बैठक में न पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
राजनीतिक गलियारों में तो यहां तक चर्चा है कि सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। हालांकि गृहमंत्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वो बैठक सीएम ने बुलाई और उसमें गृहमंत्री का जाना अपेक्षित नहीं था।
सीतापुर कांड पर नाराज सीएम
सीतापुर में इस मामले के सामने आने बाद बवाल मचा हुआ है। आदिवासी मृतक के परिजन लगातार चक्काजाम और आंदोलन कर रहे हैं। स्थानीय विधायक राजकुमार टोप्पो भी परिजनों के साथ आ गए हैं।
ठेकेदार अभिषेक पांडे और उसके साथियों ने मिस्त्री संदीप की हत्या कर उसके शव को पानी की टंकी के नीचे गाड़ दिया था। वहां पर पुलिस ने खुदाई कर शव बरामद किया है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव लेने से इनकार कर दिया है। सीतापुर में तनाव बना हुआ है।
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