महंत ने कहा वाहवाही लूटने लाशों के पास भरमार बंदूक रख देती है पुलिस, बघेल बोले इनका चलन बंद, नक्सलियों के पास AK 47
Arun Tiwari | Jul 27, 2024, 22:39 IST
Bhupesh Baghel
विधानसभा में सरकार को घेरने के बाद कांग्रेस नेताओं ने मीडिया के सामने फिर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलियों के मामले में सरकार को आड़े हाथों लिया।
Raipur : प्रदेश में नक्सलियों पर फिर सियासत गर्म हो गई है। विधानसभा में सरकार को घेरने के बाद कांग्रेस नेताओं ने मीडिया के सामने फिर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलियों के मामले में सरकार को आड़े हाथों लिया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि, प्रदेश में आम लोगों की हत्या के बाद उनके शवों के पास पुलिस भरमार बंदूक रख रही है। उन्हें नक्सली बता रही है। इस मुद्दे को 24 जुलाई को विधानसभा में भी उठाया गया था। महंत ने कहा कि, सदन में मैंने असलियत को रखने की कोशिश की। बस्तर के थानों में पहले से भरमार बंदूक जमा हैं। उन बंदूकों को ले जाते हैं, जहां आम आदमी की हत्या हो जाती है या इनके गोली से मरते हैं, तो उस शव के सामने पुरानी भरमार बंदूक रख देते हैं। उसको नक्सली घोषित कर देते हैं या करने की कोशिश करते हैं।
महंत ने आगे कहा कि, आप सोचिए कब से भरमार बंदूक का चलन हमारे देश में बंद हो चुका है। नक्सली बड़े-बड़े आधुनिक मशीन गन रखते हैं, जिनके पास लॉन्चर है, वह क्या भरमार बंदूक का इस्तेमाल करते होंगे। मैंने सरकार से सदन में पूछा कि क्या कभी आपने भरमार बंदूकों की जांच कराई है । उसकी संख्या कितनी है । सिर्फ हमारे आम नागरिकों को नक्सली बताने में भरमार बंदूक का उपयोग हो रहा है। सदन में हमने सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाई है।
भरमार बंदूक को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, हमारी सरकार के समय यूनिफाइड कमांड की बैठक हुई थी। मैंने कहा था कि भरमार बंदूक की जब्ती दिखाएंगे तो मैं मालखाने में जाकर गिनती करूंगा। उसके बाद से 5 साल तक आप देखेंगे की भरमार बंदूक जब्ती में बड़ी गिरावट आई थी। जब से बीजेपी की सरकार आई है, तब से भरमार बंदूक को दिखाया जा रहा है। इसका कारण यह है कि दबाव में गिरफ्तारियां कर रहे हैं। आपको एनकाउंटर कर बताना है, तो दबाव पूर्वक अगर पुलिस से कार्रवाई करवाएंगे तो गलती ही करेंगे। उनको तो उपलब्धि बताना है, इसलिए किसी को भी गिरफ्तार कर रहे हैं। किसी का भी एनकाउंटर कर रहे हैं।
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4 जुलाई को विधानसभा में जब चरणदास महंत ने भरमार बंदूक को शवों के पास रखने की बात कही थी, तब जवाब गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया था। उन्होंने कहा था कि, इस तरीके से पेश करना कि कोई खत्म (निधन) हो गया। उसके पास में जाकर बंदूक रखकर फोटो खींच दिए, यह विषय स्वीकार्य नहीं है। ऐसा कहना भी बिल्कुल उचित नहीं है। वैसे एक और जानकारी आई है वह मैं आपके सामने रख देता हूं। अभी तक भरमार बंदूक का मामला नहीं है। विधानसभा में कांग्रेसी नेताओं को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, आप जवानों की शहादत और सुरक्षाबलों को लेकर इस तरह की बात नहीं कर सकते। आपको माफी मांगनी होगी। जवानों की शहादत पर यह बात करना गलत है। किसी निर्दोष को जवानों ने नहीं मारा है। आप नक्सलियों का साथ देना बंद करें।
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भरमार बंदूक नहीं एके 47 रखते हैं नक्सली
बघेल ने भी साधा निशाना
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