धर्मांतरण विरोधी बिल के ड्राफ्ट को मिली मंजूरी, 7 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान
Harrison Masih | Mar 11, 2026, 12:45 IST
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छत्तीसगढ़ की सरकार ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। अवैध धर्मांतरण के मामलों में 7 से 20 साल तक की जेल और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान रखा गया है।
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी
- बल, प्रलोभन, दबाव या मिथ्या जानकारी से धर्मांतरण को अवैध माना जाएगा
- स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए जिला मजिस्ट्रेट को पहले सूचना देना अनिवार्य
- अवैध धर्मांतरण पर 7 से 20 साल तक की सजा और 5 से 10 लाख तक जुर्माना का प्रावधान
- सामूहिक धर्मांतरण पर 10 साल से आजीवन कारावास और 25 लाख जुर्माना का प्रावधान
NEWS IN DETAIL
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के ड्राफ्ट को मंजूरी
सरकार के अनुसार इस कानून से धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी रूप से नियंत्रित किया जाएगा।
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धर्म परिवर्तन के लिए पूर्व सूचना अनिवार्य
धर्म परिवर्तन के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा और इसके बाद 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।
कानून में कई शब्दों की स्पष्ट परिभाषा
- प्रलोभन
- प्रपीड़न
- दुर्व्यपदेशन
- सामूहिक धर्मांतरण
- डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण
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अवैध धर्मांतरण पर कड़े दंड का प्रावधान
यदि पीड़ित महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से है, तो 10 से 20 साल की जेल और कम से कम 10 लाख रूपए जुर्माना।
सामूहिक धर्मांतरण पर और कड़ी सजा
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विशेष न्यायालय में होगी सुनवाई
सरकार का कहना है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए नहीं बल्कि अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया जा रहा है।
Knowledge
- भारत में कई राज्यों में पहले से धर्म स्वतंत्रता या एंटी-कन्वर्जन कानून लागू हैं।
- ओडिशा 1967 और मध्यप्रदेश 1968 में पहले ऐसे कानून लागू करने वाले राज्यों में शामिल हैं।
- हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और कर्नाटक ने भी सख्त प्रावधान वाले कानून बनाए हैं।
आगे क्या
निष्कर्ष
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