नक्सल प्रभावित बस्तर की बदलेगी पहचान, कांगेर घाटी में बनने जा रहा ग्लास ब्रिज, टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

Deeksha Nandini Mehra | Jun 15, 2024, 14:19 IST
Share
तीरथगढ़ जलप्रपात पर बनेगा ग्लास ब्रिज
तीरथगढ़ जलप्रपात पर बनेगा ग्लास ब्रिज

बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़ एक बड़ा जलप्रपात है। बिहार के राजगीर में बने ग्लास ब्रिज की तर्ज पर यहां ग्लास ब्रिज बनने जा रहा है। इससे बस्तर के टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

Chhattisgarh Glass Bridge : छत्तीसगढ़ में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है। वैसे तो बस्तर घने और हरे-भरें जंगलों से खूबसूरत है, लेकिन इसकी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए जल्द ही यहां ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। गिलास ब्रिज की ऊंचाई करीब 100 फीट होगी।

इससे बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत नजारों का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों का अनुभव और भी अच्छा होगा। ये ग्लास ब्रिज बस्तर के कांगेर वैली नेशनल पार्क (Kanger Valley National Park) में तीरथगढ़ के नजदीक बनाया जाएगा। ग्लास ब्रिज से प्रदेश के मशहूर चित्रकोट वाटर फॉल और तीरथगढ़ वाटर फॉल में आने वाले पर्यटक अब वाटरफॉल को और भी करीब से देख सकेंगे।

तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन


बस्तर के चित्रकोट वाटर फॉल और तीरथगढ़ वाटर फॉल पिकनिक स्पॉट है। यहां अक्सर लोग छुटियां बिताने स्थानीय और बाहरी लोग पहुंचते है। खूबसूरत नजारों को देखने के लिए हर साल दूसरे देशों से लाखों टूरिस्ट बस्तर पहुंचते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान टूरिस्टों का लोकप्रिय स्थान में से एक माना जाता है। यहां ग्लास ब्रिज बनाने के लिए जिला प्रशासन और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान तैयारियों में जुट गया है।

सर्वे के बाद बनेगा ग्लास ब्रिज


वाइल्ड लाइफ के सीसीएफ राजेश कुमार पांडेय ने ग्लास ब्रिज की जानकारी के अनुसार, बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़ एक बड़ा जलप्रपात है। इस जलप्रपात के नजदीक वन विभाग की ओर से ग्लास ब्रिज बनाये जाने की योजना है।

जिस टीम ने राजगीर बिहार में ग्लास ब्रिज बनाया वही टीम बस्तर पहुंचकर तीरथगढ़ जलप्रपात के नजदीक सर्वे करेगी। सर्वे में कितनी ऊंचाई और कितनी लंबाई, किस तरह का ब्रिज वो प्रपोज करेंगे? उसकी लागत कितनी होगी?

टूरिस्ट का क्यों लोकप्रिय है कांगेर वैली नेशनल पार्क


कांगेर वैल्ली नेशनल पार्क के भीतर विशालकाय जलप्रपात के अलावा विशालकाय गुफाएं भी हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की राजकीय पक्षी पहाड़ी मैंना भी काफी संख्या में कांगेर वैल्ली में पाई जाती है।

कई ऐसे विलुप्तप्राय वन्य जीव हैं, जो कांगेरवेली नेशनल पार्क के भीतर मौजूद हैं। इस कारण कांगेर वैली नेशनल पार्क को देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक बस्तर पहुंचते हैं। तीरथगढ़ जलप्रपात के नजदीक ग्लास ब्रिज बनता है, तो देश ही नहीं बल्कि विदेशों के भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।



thesootr links



सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

deeksha nandini mehra
deeksha nandini mehra


कांगेर घाटी में ग्लास ब्रिज | Tirathgarh Waterfall



Tags:
  • Kanger Valley National Park
  • कांगेर वैली नेशनल पार्क
  • ग्लास ब्रिज
  • कांगेर घाटी में ग्लास ब्रिज
  • तीरथगढ़ वाटर फॉल
  • चित्रकोट वाटर फॉल
  • Tirathgarh Waterfall
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा