रेडियो पर अपने लगा रहे पुकार, माओवादियों से हिंसा छोड़ घर लौटने की गुहार

Arun Tiwari | Feb 11, 2026, 13:31 IST
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chhattisgarh government radio campaign maoists appeal
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छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों की घर वापसी के लिए एक रेडियो अभियान शुरू किया है। इस अभियान में माओवादी कैडरों के परिवार वाले उन्हें हथियार छोड़कर घर वापस लौटने की अपील कर रहे हैं। यह अभियान 25 फरवरी तक चलने वाला है।

News In Short

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों के घर लौटने के लिए रेडियो अभियान शुरू किया है।
  • अभियान में माओवादी कैडरों के परिजन उनसे हथियार छोड़ने की अपील कर रहे हैं।
  • रेडियो संदेश गोंडी भाषा में सुबह और शाम के समय प्रसारित किए जा रहे हैं।
  • यह अभियान छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्य प्रदेश में भी प्रसारित हो रहा है।
  • सरकार ने आत्मसमर्पण करने वालों को बेहतर पुनर्वास और सहयोग का भरोसा दिलाया है।

News In Detail

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों को मुख्यधारा में लौटाने के मकसद से रेडियो पर एक नया अभियान शुरू किया है।

आकाशवाणी के माध्यम से चल रहे इस अभियान में माओवादी कैडरों के परिजन रेडियो पर संदेशों के जरिए उनसे हथियार छोड़कर घर लौटने की अपील कर रहे हैं। य

ह अभियान 5 फरवरी से शुरू हुआ है और 25 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा।

क्या कहती है सरकार

सरकार का मानना है कि दुर्गम और घने जंगलों में मोबाइल नेटवर्क की सीमित पहुंच के कारण रेडियो आज भी सबसे प्रभावी माध्यम है।

माओवादी अपने ठिकानों और शिविरों में रेडियो को सूचना के प्रमुख साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसी कारण इस माध्यम को रणनीतिक रूप से चुना गया है।

रेडियो पर भावुक संदेश

यह संदेश हर रोज सुबह 9 से 10 बजे और शाम 5 से 6 बजे तक प्रसारित होते हैं। ये संदेश गोंडी भाषा में होते हैं। इन संदेशों में परिवार, पुनर्वास और जंगल से बाहर सम्मानजनक जीवन की बात की जाती है। इसका मकसद है कि ये संदेश सीधे लोगों के दिलों तक पहुंच सके।

एक बहन की अपने भाई से अपील

अभियान के तहत कई भावुक संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। कहीं बहन अपने भाई से हथियार छोड़ने की अपील कर रही है। कहीं पत्नी अपने पति से आत्मसमर्पण कर सुरक्षित भविष्य चुनने का आग्रह कर रही है। यह पहल छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित इलाकों के साथ-साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्य प्रदेश के रेडियो स्टेशनों से भी प्रसारित हो रही है।

नक्सलियों पर इमोशनल कार्ड

अधिकारियों के अनुसार देश के लगभग 85 प्रतिशत सशस्त्र माओवादी बस्तर और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों से जुड़े हैं। ऐसे में परिजनों की आवाज उन्हें हिंसा छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। सरकार ने आत्मसमर्पण करने वालों को बेहतर पुनर्वास और पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है।

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