ग्राम सभा के हक पर सुप्रीम मुहर! याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ में एंट्री-बैन बोर्ड पर बड़ा फैसला

Rajesh Lahoti | Feb 16, 2026, 22:36 IST
Share
Big decision on entry-ban board in Chhattisgarh
Photograph: (the sootr)

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में लगे 'प्रवेश वर्जित' बोर्डों के खिलाफ याचिका खारिज कर दी। इस फैसले से ग्राम सभाओं के अधिकारों को मंजूरी मिली है।

RAIPUR. छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में लगे “बिना अनुमति प्रवेश वर्जित” बोर्डों को हटाने की मांग करने वालों को आज बड़ा झटका लगा। देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने इस मामले में दायर याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कर दिया कि वह Chhattisgarh High Court के फैसले में दखल नहीं देगी। यानी ग्राम सभाओं के अधिकारों पर लगी चुनौती फिलहाल खत्म!

क्या था पूरा मामला?

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में कुछ ग्राम सभाओं ने अपने गांव की सीमाओं पर बोर्ड लगाए थे, जिनमें बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक या पूर्व अनुमति की शर्त लिखी गई थी। इन बोर्डों को कुछ लोगों ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए अदालत में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को विशेष संवैधानिक और वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, और वे अपने सामाजिक व सांस्कृतिक संरक्षण के लिए कदम उठा सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप का कोई ठोस कारण नहीं बनता। अदालत के इस रुख को ग्राम सभा की स्वायत्तता के पक्ष में मजबूत संकेत माना जा रहा है। कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह संदेश दिया है कि जब तक स्पष्ट संवैधानिक उल्लंघन न दिखे, तब तक स्थानीय स्वशासन के अधिकारों में दखल नहीं होगा।

आदिवासी स्वायत्तता बनाम नागरिक स्वतंत्रता?

इस फैसले के बाद बहस तेज हो गई है। • एक पक्ष इसे आदिवासी स्वायत्तता और स्थानीय लोकतंत्र की बड़ी जीत बता रहा है। • दूसरा पक्ष सवाल उठा रहा है कि क्या इस तरह के बोर्ड नागरिकों की स्वतंत्र आवाजाही के अधिकार को प्रभावित करते हैं? हालांकि अदालत ने इस चरण में केवल यह देखा कि हाईकोर्ट का आदेश कानून के अनुरूप है या नहीं—और उसे सही पाते हुए याचिका खारिज कर दी।

कानूनी हलकों में चर्चा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश आने वाले समय में अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों में भी मिसाल बन सकता है।

आगे क्या?

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले से छत्तीसगढ़ की ग्राम सभाओं को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट का आदेश बरकरार है और एंट्री-बैन बोर्ड को लेकर कानूनी चुनौती खत्म हो चुकी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या इस फैसले के बाद अन्य राज्यों में भी ग्राम सभाएं अपने अधिकारों को लेकर अधिक मुखर होंगी या फिर इस मुद्दे पर नई कानूनी लड़ाई शुरू होगी? यह खबरें भी पढ़ें..

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, शाम को होगी अहम बैठक

ऑडिट से ठीक पहले रायपुर के आबकारी भवन में लगी आग, सरकार की सफाई, नहीं जले दस्तावेज

ड्रोन रजिस्ट्रेशन में MP-CG पिछड़े : कागजों में ही रह गया 'ड्रोन हब' का सपना?

कार में मिला CGMSC SDO का शव, सुबह घूमने वालों ने देखा तो फैली सनसनी



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • Chhattisgarh High Court
  • हाईकोर्ट का आदेश
  • आदिवासी
  • ग्राम सभा
  • supreme court of india
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा