बहू को हाईकोर्ट की दोटूक: सास का ख्याल रखा तो ही बचेगी नौकरी, वरना बर्खास्तगी को रहें तैयार
Umeshwari Baghel | Apr 22, 2026, 14:59 IST
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हाईकोर्ट ने कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति कोई निजी उपहार नहीं बल्कि पूरे परिवार की मदद के लिए है, इसलिए बहू को अपनी सास का ख्याल रखना होगा। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर बहू ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो उसकी सरकारी नौकरी रद्द कर दी जाएगी।
NEWS IN SHORT
- सास की सेवा या बर्खास्तगी: हाईकोर्ट की बहू को कड़ी चेतावनी
- अनुकंपा नियुक्ति वसीयत नहीं, परिवार का हक: हाईकोर्ट
- बुजुर्ग सास को बेसहारा छोड़ा तो जाएगी बहू की नौकरी
- हाईकोर्ट का कड़ा रुख: बहू निभाए बेटे जैसा फर्ज
- भरण-पोषण नहीं तो नौकरी नहीं: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
NEWS IN DETAIL
बल्कि यह संकट में फंसे पूरे परिवार की मदद के लिए दी जाती है। कोर्ट ने एक बहू को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने अपनी सास का भरण-पोषण नहीं किया, तो उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
लेकिन साल 2021 में अविनाश का निधन हो गया। इसके बाद उनकी पत्नी यानी बहू नेहा तिवारी को इस शर्त पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई कि वह अपनी बुजुर्ग सास का पूरा ख्याल रखेंगी।
नौकरी मिलते ही बदल गए बहू के तेवर
परेशान होकर बुजुर्ग सास ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि बहू की नियुक्ति रद्द कर उनकी अविवाहित पोती प्रीति तिवारी को नौकरी दी जाए।
कोर्ट ने याद दिलाई जिम्मेदारी
अनुकंपा नियुक्ति का मकसद मृतक के पूरे परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है।
बहू को अपने पति की जगह नौकरी मिली है, इसलिए उस पर वही कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है, जो एक बेटे की अपनी मां के प्रति होती है।
सरकारी नियम के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी अपने आश्रितों को बेसहारा छोड़ता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है।
हाईकोर्ट ने फिलहाल बहू को आखिरी हिदायत दी है कि वह अपनी सास का सम्मान करें और उनकी देखभाल सुनिश्चित करें, वरना उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी।
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