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NEWS IN SHORT
छत्तीसगढ़ में अब होली के दिन शराब की दुकानें बंद नहीं रहेंगी।
नई आबकारी नीति के तहत अब तीन छुट्टियों पर शराब की बिक्री होगी।
त्योहार पर शराब मिलने से हुड़दंग और झगड़ों का खतरा बढ़ सकता है।
शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को अब दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी।
NEWS IN DETAIL
रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब के शौकीनों के लिए खुशखबरी है। अब होली के दिन भी वे शराब खरीद सकेंगे। होली पर ड्राई डे खत्म कर दिया गया है। मदिरा प्रेमियों के लिए तो खुशी की बात है, लेकिन इससे पुलिस की चुनौती दो गुना बढ़ गई है।
तीन ड्राई डे खत्म
नई आबकारी नीति लागू होने के बाद होली पर शराब की दुकानें बंद नहीं रहेंगी। पहले होली पर ड्राई डे घोषित किया जाता था, लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया है। नई पॉलिसी के तहत सात तय ड्राई डे में से तीन कम कर दिए गए हैं, जिसमें होली, मुहर्रम और महात्मा गांधी का निर्वाण दिवस शामिल हैं।
होलिका दहन के अगले दिन भी राज्य भर में शराब की दुकानों पर बिक्री जारी रहेगी। इस फैसले से पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना और हुड़दंग करने वालों को कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती है।
पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
इस फैसले ने राज्य पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी कर दी है। होली एक संवेदनशील त्योहार है, जिसमें शराब की बढ़ती उपलब्धता ने संघर्ष का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे माहौल में छोटी सी बात भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
पुलिस विभाग को अब शराब पीकर गाड़ी चलाने और सार्वजनिक गड़बड़ी को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना होगा। इस फैसले से रेवेन्यू तो बढ़ेगा, लेकिन त्योहार के दिन शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन को दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी।
पहले बंद रहती थीं दुकानें
अभी तक छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब दुकानों पर पूरी तरह ताला लगा रहता था। होली की शाम पुलिस भी विभिन्न स्थानों पर गहन जांच अभियान चलाती थी।
त्योहार के लिए पहले से शराब लेकर जाने वालों से पूछताछ की जाती थी और कई बार जब्ती या कार्रवाई की नौबत भी आ जाती थी। लेकिन नई आबकारी नीति लागू होने के बाद इस बार स्थिति अलग रहेगी। बिक्री पर रोक नहीं होगी।
गांधी जी की पुण्यतिथि पर खुली थी शराब दुकानें
छत्तीसगढ़ में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कांग्रेसियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहर की शराब दुकान के सामने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नियमों में तत्काल बदलाव की मांग की थी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बापू के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत ऐसे दिन पर शराब दुकान का खुला रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के विचारों और जनभावनाओं का अपमान बताया था।
छत्तीसगढ न्यूज़
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