रामगोपाल को शराब घोटाले में मिले 1 हज़ार करोड़, EOW ने पेश किया दसवां चालान, 20 व्यक्ति और 22 कंपनियां आरोप

Arun Tiwari | Oct 14, 2026, 19:41 IST
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शराब घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई<br>
शराब घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों व कंपनियों के खिलाफ दसवां चालान पेश किया है। 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किए गए इस चालान के साथ करीब 27 हजार पृष्ठों के दस्तावेज भी दाखिल किए गए हैं।

जांच एजेंसी ने शराब के अवैध उत्पादन और बिक्री से लेकर कमीशनखोरी, हवाला के जरिए रकम के लेन-देन और संपत्तियों में निवेश तक के साक्ष्य मिलने का दावा किया है। एसीबी-ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस मामले में रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा और अख्तर ढेबर समेत 20 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा कई डिस्टिलरी संचालकों, शराब आपूर्तिकर्ताओं, मैनपावर एजेंसियों, होलोग्राम निर्माता कंपनियों और अन्य व्यावसायिक संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।जांच एजेंसी ने चालान में शराब घोटाले से संबंधित विभिन्न मदों की कुल राशि 3,076.34 करोड़ रुपये आंकी है। इसमें अवैध शराब की बिक्री का सकल मूल्य, कमीशन और विदेशी शराब से जुड़ी लाइसेंसी कंपनियों का सकल लाभ शामिल है। एजेंसी ने मामले को 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले से संबंधित बताया है।

15 जिलों में 60.50 लाख पेटियों की अवैध बिक्री का दावा

जांच एजेंसी के मुताबिक, शराब घोटाले में डिस्टिलरी संचालकों, अधिकारियों और सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर आबकारी व्यवस्था का दुरुपयोग किया। इसके तहत वैध शराब की आपूर्ति पर कमीशन लेने के साथ बिना आबकारी शुल्क चुकाए अतिरिक्त शराब का उत्पादन कराया गया। इस शराब को जांच में 'पार्ट-बी' नाम दिया गया है।

कस्टम मिलिंग घोटाला: रामगोपाल अग्रवाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर, ED की पूछताछ पूरी | Custom Milling Scam: Ramgopal Agarwal sent to 14-day judicial remand, ED's interrogation complete
कस्टम मिलिंग घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड, ED की पूछताछ खत्म होते ही जेल भेजने का आदेश
13 Oct 2026 ,
By VINAY VERMA
<b>Raipur. </b>छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। कस्टम मिलिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पांच दिन की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार, 13 अक्टूबर को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। पूछताछ खत्म होने के बाद अब उन्हें जेल जाना होगा।
<b>Raipur. </b>छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। कस्टम मिलिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पांच दिन की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार, 13 अक्टूबर को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। पूछताछ खत्म होने के बाद अब उन्हें जेल जाना होगा।

चालान में चिह्नित 15 जिलों में पार्ट-बी शराब की 60 लाख 50 हजार 950 पेटियों की अवैध बिक्री का आकलन किया गया है। इसका सकल बिक्री मूल्य लगभग 2,174.67 करोड़ रुपये बताया गया है।एजेंसी का आरोप है कि इस शराब को डुप्लीकेट होलोग्राम और फर्जी या डुप्लीकेट परिवहन परमिट के जरिए सरकारी शराब दुकानों तक पहुंचाया जाता था। शराब की बिक्री सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाती थी। इससे प्राप्त नकद राशि को नियमित बिक्री से अलग रखा जाता था और बाद में सिंडिकेट तक पहुंचाया जाता था।

तीन तरह से कमीशन वसूली का आरोप

चालान के अनुसार, शराब कारोबार में कमीशन वसूली के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गई थीं।

पार्ट-ए कमीशन: देशी शराब की वैध आपूर्ति पर लगभग 319.27 करोड़ रुपये कमीशन मिलने का आकलन किया गया है।

पार्ट-सी कमीशन: सप्लाई एरिया, जोन और मार्केट शेयर के नाम पर लगभग 52 करोड़ रुपये कमीशन मिलने की बात कही गई है।

विदेशी शराब से कमीशन: विदेशी शराब की आपूर्ति और उससे जुड़े विभिन्न मदों में लगभग 281.89 करोड़ रुपये कमीशन का आकलन किया गया है।

इसके अलावा FL-10A लाइसेंस वाली कंपनियों का सकल लाभ लगभग 248.51 करोड़ रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इन मदों को मिलाकर अवैध शराब बिक्री और कमीशन से संबंधित कुल राशि लगभग 3,076.34 करोड़ रुपये होती है।एजेंसी का आरोप है कि कमीशन की रकम का समायोजन नकद भुगतान, ओवर बिलिंग और फर्जी बिलिंग के माध्यम से किया जाता था।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED का सनसनीखेज दावा, कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे 880 करोड़, पूर्व कोषाध्यक्ष की संपत्ति कुर्क | Chhattisgarh Liquor Scam: ED's Sensational Claim, 880 Crores Reached Congress Headquarters, Former Treasurer's Property Attached
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED का बड़ा दावा, कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे 880 करोड़ रुपए, पूर्व कोषाध्यक्ष की संपत्ति कुर्क
12 Oct 2026 ,
By Umeshwari Baghel
<b>RAIPUR।</b> छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नया दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुटाई गई कथित अवैध कमाई में से 860 से 880 करोड़ रुपए कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन तक पहुंचाए गए थे। इस मामले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
<b>RAIPUR।</b> छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नया दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुटाई गई कथित अवैध कमाई में से 860 से 880 करोड़ रुपए कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन तक पहुंचाए गए थे। इस मामले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

डिस्टिलरी संचालकों से लेकर होलोग्राम कंपनियों तक की भूमिका

चालान में छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी लिमिटेड के प्रमुख संचालक नवीन केडिया, वेलकम डिस्टिलरी के संचालक राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल और भाटिया वाइन्स मर्चेंट्स से जुड़े भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया उर्फ गोल्डी भाटिया तथा प्रिंस भाटिया की भूमिका का उल्लेख किया गया है।जांच एजेंसी के अनुसार, इन संस्थाओं के माध्यम से वैध शराब की आपूर्ति पर कमीशन देने के अलावा कथित तौर पर अतिरिक्त शराब का उत्पादन कराया गया। अतिरिक्त शराब की लागत और कमीशन का समायोजन नियमित आपूर्ति के बिलों में रकम बढ़ाकर किया जाता था।

इसी तरह, प्रिज्म होलोग्राफी एंड सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक विधु गुप्ता पर वैध होलोग्राम के साथ डुप्लीकेट होलोग्राम तैयार कराने और उन्हें पार्ट-बी शराब की बोतलों पर इस्तेमाल करने में सहयोग का आरोप है। डिस्टिलरियों को अतिरिक्त खाली बोतलें उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है। वहीं, परिवहनकर्ताओं के जरिए वैध शराब के साथ कथित तौर पर अवैध शराब भी सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जाती थी।

मैनपावर एजेंसियों को 182.98 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान

शराब दुकानों में सुपरवाइजर, सेल्समैन और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाली मैनपावर एजेंसियों की भूमिका भी चालान में दर्ज है।एजेंसी का आरोप है कि इन एजेंसियों के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों से पार्ट-बी शराब बिना स्कैन किए उतरवाई जाती थी। उसे नियमित स्टॉक से अलग रखकर बेचा जाता था। इसकी बिक्री न तो निर्धारित सिस्टम में दर्ज होती थी और न ही दैनिक बिक्री रजिस्टर में। इससे मिलने वाली रकम को अलग रखकर सिंडिकेट के नकद संग्रहकर्ताओं को सौंप दिया जाता था।जांच में विकास कुमार, राजीव द्विवेदी, एन. उदय राव और बीआर लोहिया की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने उदय राव को दी अंतरिम जमानत, आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष | Chhattisgarh Liquor Scam: Supreme Court Grants Interim Bail to Uday Rao, Accused Claims Innocence
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने उदय राव की अंतरिम जमानत की मंजूर, आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
01 Oct 2026 ,
By Harrison Masih
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एन. उदय राव को अंतरिम जमानत दे दी है, जो कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित मामला है। अभियोजन पक्ष इसे सीएसएमसीएल मैनपावर घोटाला मानता है। एन. उदय राव ने इन सभी आरोपों का मजबूती से खंडन किया है और अपनी बेगुनाही का दावा किया है।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एन. उदय राव को अंतरिम जमानत दे दी है, जो कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित मामला है। अभियोजन पक्ष इसे सीएसएमसीएल मैनपावर घोटाला मानता है। एन. उदय राव ने इन सभी आरोपों का मजबूती से खंडन किया है और अपनी बेगुनाही का दावा किया है।

चालान के मुताबिक, मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त दिनों के भुगतान और सर्विस चार्ज के नाम पर लगभग 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिला। कर्मचारियों ने अपने बयानों में ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त दिनों के भुगतान की रकम नहीं मिलने की बात कही है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस अतिरिक्त भुगतान में से लगभग 62.99 करोड़ रुपये नकद और बैंकिंग माध्यम से सिंडिकेट को कमीशन के रूप में दिए गए।

रामगोपाल अग्रवाल पर 1000 करोड़ से अधिक की रकम का हिसाब रखने का आरोप

चालान में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका को भी प्रमुखता से दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, उनके जरिए पार्टी फंड के नाम पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की नकद रकम प्राप्त करने, उसका हिसाब रखने, प्रबंधन करने और आगे पहुंचाने के साक्ष्य मिले हैं।

यश टुटेजा पर अवैध रकम को पारिवारिक खातों और संपत्तियों से जोड़ने तथा जमीन के क्रय-विक्रय के जरिए उसके स्रोत को वैध दिखाने में भूमिका निभाने का आरोप है।वहीं, अख्तर ढेबर पर संबंधित फर्मों और कंपनियों के खातों में अवैध रकम को अनसिक्योर्ड लोन के रूप में प्राप्त कर उसे जमीन और अन्य अचल संपत्तियों में निवेश करने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी ने अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के बीच संपर्क तथा रकम से संबंधित व्यवस्थाओं में यश टुटेजा के सहयोग के साक्ष्य मिलने का भी दावा किया है।

हवाला के जरिए दिल्ली-मुंबई से दुबई तक पहुंचाई गई रकम

एसीबी-ईओडब्ल्यू के अनुसार, शराब की अवैध बिक्री और कमीशन से प्राप्त नकद रकम को हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए देश के विभिन्न शहरों तक पहुंचाया जाता था। इसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और राजकोट समेत अन्य शहर शामिल हैं।चालान में सुमित कुमार मालू उर्फ टिंकू मालू, रवि बजाज और अन्य हवाला कारोबारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

जांच एजेंसी का दावा है कि श्रीजी आंगड़िया नेटवर्क के संचालक कुमार भाई ठक्कर उर्फ खंजन ठक्कर के जरिए मुंबई में प्राप्त रकम के बदले दुबई में विकास अग्रवाल को भुगतान उपलब्ध कराया गया। इस नेटवर्क से संबंधित हिसाब की शीट, मोबाइल फोन से प्राप्त एक्सेल रिकॉर्ड, टोकन नंबर और रकम भेजने तथा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का विवरण जांच में शामिल किया गया है।

शेल कंपनियों के जरिए रकम को लोन दिखाकर संपत्तियों में निवेश

जांच एजेंसी के मुताबिक, नकद रकम को दिल्ली पहुंचाने के बाद एनबीएफसी और शेल कंपनियों के माध्यम से विभिन्न फर्मों और कंपनियों के बैंक खातों में एंट्री कराई जाती थी। बाद में इस रकम को अनसिक्योर्ड लोन यानी बिना सुरक्षित गारंटी वाले ऋण के रूप में दर्शाया जाता था।


सफायर इस्पात, एजेएस एग्रो ट्रेड और बीएनएन मल्टीमीडिया समेत अन्य संस्थाओं के खातों में इस तरह की रकम पहुंचने का दावा किया गया है। इसके बाद रकम को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में स्थानांतरित कर जमीन, अचल संपत्तियों और व्यवसायों में निवेश किया गया।

चालान में प्राइम डेवलपर्स, ए. ढेबर बिल्डकॉन, इंडियन बिल्डकॉन और ढेबर समूह की अन्य कंपनियों के बैंक खातों तथा संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी ने सफायर इस्पात के माध्यम से प्राप्त रकम का लैंको सोलर पावर प्लांट के अधिग्रहण में इस्तेमाल किए जाने के साक्ष्य मिलने का दावा किया है।

इसके अलावा अदिप एम्पायर, जगदम्बा इंटरप्राइजेज और अदिप एग्रोटेक जैसी संस्थाओं के जरिए रकम को व्यापारिक लाभ, परिवहन खर्च और कृषि उपज की बिक्री से प्राप्त आय के रूप में दिखाकर निवेश करने की बात भी सामने आई है।

कोविड लॉकडाउन में भी शराब की बिक्री का आरोप

चालान में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान रायपुर के सिलतरा स्थित एनवी डिस्टिलरी से जुड़ी गतिविधियों का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के अनुसार, नियमित संचालन बंद होने के बाद भी पहले से रखी शराब की अवैध निकासी और बिक्री की गई। शराब को होटल ग्रैंड इम्पीरिया, होटल शेमरॉक और अन्य होटल-बार तक पहुंचाने के लिए मजदूरों तथा वाहनों की व्यवस्था की गई थी।

इसके अलावा मई 2020 में प्लांट के नियमित प्रबंधन की जानकारी और अनुमति के बिना नया उत्पादन किए जाने का विवरण भी जांच में शामिल किया गया है। इस संबंध में गवाहों के बयान, उत्पादन रिकॉर्ड, परिवहन का विवरण और चैट को चालान का हिस्सा बनाया गया है।

दो आरोपियों के खिलाफ फरारी में चालान

एसीबी-ईओडब्ल्यू ने बीआर लोहिया और कुमार भाई ठक्कर उर्फ खंजन ठक्कर के खिलाफ फरारी में चालान पेश किया है। एजेंसी के अनुसार, बीआर लोहिया वर्तमान में विदेश में निवासरत हैं। उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराया गया है। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होने पर फरारी पंचनामा तैयार किया गया।

जांच एजेंसी ने कहा है कि इन आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए इंटरपोल का सहयोग लिया जाएगा। वहीं, रामगोपाल अग्रवाल न्यायिक अभिरक्षा में हैं। चालान में साक्षियों के बयान, विभागीय और कंपनी रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, संपत्ति की रजिस्ट्रियां, व्हाट्सऐप बातचीत, कॉल डिटेल और फॉरेंसिक रिपोर्ट जैसे साक्ष्य शामिल किए गए हैं।

एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अभियोजन की बात कही है। मामले में अन्य व्यक्तियों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों को लेकर आगे की विवेचना जारी है।
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