मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ में CBI ने मारे छापे , करोड़ों की हेराफेरी से जुड़ा है ये केस
Marut raj | Sept 02, 2024, 20:25 IST
Chhattisgarh madhya pradesh CBI Raid Jampali Open Cast Mine the sootr
साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड ( SECL ) बिलासपुर की ओर से जारी टेंडर में हेराफेरी कर करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया गया। इस केस से जुड़े मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आरोपियों के ठिकानों पर रेड मारी गई।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में सीबीआई ने छापेमार कार्रवाई की है। ओपन कास्ट माइन के वरिष्ठ सर्वेयर और निजी कंपनी के साझेदार समेत 2 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज है। इस केस में 6 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्य प्रदेश के उमरिया में भी की गई है।
ज्ञात हो कि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ क्षेत्र में जमपाली ओपन कास्ट माइन ( OCM) के सीनियर सर्वेयर और एक निजी निर्माण कंपनी के पार्टनर के विरूद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया है। इन पर साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड ( SECL ) बिलासपुर की ओर से जारी टेंडर में हेराफेरी कर 6 करोड़ 10 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार एसईसीएल ने जमपाली ओसीएम में ओवर बर्डन रिमूवल ( ओबीआर ) और अन्य संबंधित कार्यों के लिए हेवी अर्थ मूविंग मशीन ( एचईएमएम ) को किराए पर लेने के लिए टेंडर जारी किया था। इस टेंडर को 2 प्राइवेट कंपनियों के ज्वॉइंट वेंचर को आवंटित किया गया।
आरोप है कि जमपाली ओसीएम के तत्कालीन कोलियरी सर्वेयर ( ये वर्तमान में सीनियर सर्वेयर हैं ) ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक अन्य आरोपी, जो निजी कंपनी के मालिक थे ( अब निधन हो चुके हैं ) के साथ मिलकर साजिश रची। इसके तहत ओबीआर की मात्रा के रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। इस झूठे रिकॉर्ड के आधार पर संयुक्त उद्यम कंपनियों को एसईसीएल से 6 करोड़ 10 लाख 26 हजार 141 रुपए का अधिक भुगतान किया गया।
सीबीआई ने सोमवार को इस मामले में आरोपियों के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी मध्य प्रदेश के उमरिया जिले और रायपुर में की गई।
ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड से जुड़ा मामला
इस तरह की धोखाधड़ी
आरोप है कि जमपाली ओसीएम के तत्कालीन कोलियरी सर्वेयर ( ये वर्तमान में सीनियर सर्वेयर हैं ) ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक अन्य आरोपी, जो निजी कंपनी के मालिक थे ( अब निधन हो चुके हैं ) के साथ मिलकर साजिश रची। इसके तहत ओबीआर की मात्रा के रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। इस झूठे रिकॉर्ड के आधार पर संयुक्त उद्यम कंपनियों को एसईसीएल से 6 करोड़ 10 लाख 26 हजार 141 रुपए का अधिक भुगतान किया गया।
सीबीआई ने सोमवार को इस मामले में आरोपियों के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी मध्य प्रदेश के उमरिया जिले और रायपुर में की गई।
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