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News in Short
- छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर नक्सलियों से मुठभेड़ हुई।
- महाराष्ट्र C-60 कमांडोज ने तीन नक्सलियों को मार गिराया।
- एक जवान दीपक चिन्ना मदावी शहीद, दूसरा घायल हुआ।
- मुठभेड़ में AK-47 और SLR राइफल बरामद हुई।
- 2026 में अब तक 11 माओवादी मारे गए, 163 माओवादी 2025 में मारे गए।
News in Detail
छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से गोलियां चली। महाराष्ट्र के C-60 कमांडोज ने तीन नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ, दूसरा घायल हुआ। घायल जवान को एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया।
मौके से एक AK-47 और एक SLR राइफल बरामद की गई। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। मुठभेड़ की पुष्टि महाराष्ट्र पुलिस ने की है। यह घटना गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ तहसील क्षेत्र में हुई।
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नक्सली में हमले में जवान शहीद
छह फरवरी को अबूझमाड़ के जंगल में सर्चिंग के दौरान फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान सी-60 के जवान दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवान को हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ा।
एक दिन पांच फरवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सली कमांडर उधम सिंह का एनकाउंटर किया। उधम सिंह 2021 के टेकुलगुड़ेम एनकाउंटर में शामिल था। उस हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। उधम सिंह प्लाटून नंबर 30 का कमांडर था। वह जगरगुंडा एरिया कमेटी का भी कमांडर था। इस पर 8 लाख का इनाम था।
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2026 में अब तक 11 माओवादी ढेर
बीजापुर एसपी डॉ जितेंद्र कुमार यादव के मुताबिक, 2025 में जिले में हुए मुठभेड़ों में 163 माओवादी मारे गए। 2026 में अब तक 11 माओवादी ढेर किए गए हैं। जनवरी 2024 से अब तक जिले में 232 नक्सली मारे गए, 1163 गिरफ्तार हुए और 888 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।
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इन नक्सलियों की तलाश में पुलिस
- बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया गया। वह पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में वह नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र की पुलिस इसकी तलाश में है। इस पर छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है।
- गणपति तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले वह नक्सल संगठन का महासचिव था। बीमारी और बढ़ती उम्र के कारण उसने 4-5 साल पहले यह पद छोड़ दिया। इसके बाद बसवाराजू को जिम्मेदारी दी गई। इस पर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है।
- पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वह वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) का सदस्य है। साथ ही, वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव के पास AK-47 राइफल है। वह बस्तर के जल, जंगल, जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बच चुका है। अगर वह सरेंडर करता है या एनकाउंटर में मारा जाता है तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी।
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