/sootr/media/media_files/2026/02/05/cg-development-claims-vs-reality-89-percent-population-on-subsidised-ration-2026-02-05-12-11-06.jpg)
Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार दावा करती है कि प्रदेश में विकास का पहिया बहुत तेजी से घूम रहा है। छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा बजट भी पेश हो चुका है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का खाका भी तैयार हो चुका है। लेकिन 25 साल बाद भी सूबे की अधिकांश आबादी सस्ते राशन के सहारे है। तो सवाल उठता है कि ये कैसा विकास है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में नए साल से लागू होगा स्मार्ट-PDS सिस्टम, सिर्फ स्कैन करके किसी भी राशन दुकान से ले सकेंगे अनाज
संसद में आई जानकारी :
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में सवाल पूछा तो केंद्र सरकार ने ये जानकारी दी। छत्तीसगढ़ को पिछले 5 सालों में 35000 करोड़ की सब्सिडी दी जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 82.18 लाख परिवार राशन कार्ड के ज़रिए सस्ता राशन ले रहे हैं। इन राशन कार्डों के तहत 2.73 करोड़ पौने तीन करोड़ लोग आते हैं।
इस हिसाब से सूबे की अधिकांश आबादी सस्ता राशन ले रही है। सवाल है कि विकास का ये कौन सा हिसाब किताब है।
असली हितग्राहियों की पहचान:
तो क्या वे लोग भी गरीबों का राशन ले रहे हैं जो इसके हक़दार नहीं हैं। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों की पहचान कर रही है।
इसके लिए ई-केवायसी का काम किया जा रहा है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूरा हो चुका है। लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी बाकी है।
5 सालों में 30,014 शिकायतें :
पीडीएस प्रणाली को लीक प्रूफ़ बनाने के लिए सरकार डिजिटल प्रणाली अपना रही है। 2021 से 2025 के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत देश भर में 30,014 शिकायतें राज्यों को भेजी गई हैं।
संघ राज्यक्षेत्र को प्रेषित की गई है। सरकार कहती है कि लीक प्रूफ आपूर्ति के लिए सभी राज्यों में राशन कार्ड लाभार्थी डेटाबेस का 100% डिजिटली करण किया जा चुका है वर्तमान में 99. 9% राशन कार्ड आधार से जोड़े जा चुके हैं।
99. 2% लाभार्थियों की आधार सीडींग पूर्ण हो चुकी है।
89 फीसदी जनता ले रही सस्ता राशन:
सरकार कहती है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं।
वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us