CG में 500 करोड़ के मेडिकल घोटाले में छोटी मछलियां सलाखों के पीछे, मगरमच्छों पर मेहरबानी क्यों?
Harish Divekar | May 13, 2025, 14:54 IST
Chhattisgarh medical scam little scammers caught big scammers still out the sootr
जिन अफसरों ने रातों रात करोड़पति बनने के लिए छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में खून की जांच और दवाएं सप्लाई करने के नाम पर छत्तीसगढ़ मेडिक्ल सर्विसेज कॉर्पोरेशन CGMSC के अधिकारियों ने गरीब मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया है।
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से खेलकर अफसर रातों-रात अरबपति बन गए। दवा, मेडिकल किट और ब्लड टेस्टिंग उपकरणों की खरीद के नाम पर राज्य सरकार के खजाने को करीब 500 करोड़ रुपए की चपत लगाई गई। जैसा कि अक्सर होता है, घोटाले उजागर होते हैं तो केवल छोटी मछलियां पकड़ी जाती हैं और असली मगरमच्छ जांच एजेंसियों की नजरों से दूर ही रहते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। रायपुर में सामने आया 500 करोड़ का मेडिकल घोटाला उसी पुरानी स्क्रिप्ट को दोहरा रहा है।
![c68fe1b3-42f]()
जैसे ही घोटाला सामने आया तो छत्तीसगढ़ की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) हरकत में आई। मोक्षित कॉर्पोरेशन पर कार्रवाई की गई। इसी कंपनी के हिस्से दवा सप्लाई का काम था। इस प्रकरण में अब तक छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
इनमें...
खबर यह भी...छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन को मिलेगा नया मुखिया, यूपीएससी सलेक्शन कमेटी की बैठक में होगा नाम तय
गौरतलब है कि इस मेडिकल घोटाले का केंद्र छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) है। यही वह संस्था है, जो सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं, लैब किट और अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद करती है। CGMSC ने पिछले साल जो खरीद की, वह सिर्फ आपूर्ति नहीं, बल्कि सुनियोजित लूट की योजना निकली।
सिर्फ 15-15 दिन के भीतर 300-300 करोड़ की दवाओं और लैब किट्स के बिना टेंडर या स्वीकृत बजट के ऑर्डर पास किए गए। अनुमान है कि बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति के 2 जून 2023 को 314.81 करोड़ रुपए के ऑर्डर जारी कर दिए गए।
![b5dc5e39-014]()
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब लाखों गरीब मरीजों की जिंदगी से जुड़ा यह भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है तो बड़े अफसरों को बचाने की कोशिशें क्यों हो रही हैं? क्यों जांच पूछताछ से आगे नहीं बढ़ रही? कौन है वो ताकत जो इन अधिकारियों को संरक्षण दे रही है? क्या यह जांच भी वही मोड़ लेगी, जैसा जनता ने पुराने घोटाले में देखा है, जहां बरसों तक जांच चलती रही, मुकदमे लटके रहे और असली दोषी कानून की पकड़ से बाहर ही रहे?
खबर यह भी...छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फॉरेस्ट नियुक्ति पर सरकार से मांगा जवाब
![378375df-0ff]()
यह घोटाला छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरी चोट है। जहां बच्चों को ब्लड टेस्ट की सस्ती ट्यूब मिलनी चाहिए थी, वहां उन्हें हजारों में खरीदा गया, शायद इस्तेमाल करने लायक भी न हों... ऐसी ट्यूबें दी गईं। जहां अस्पतालों में दवाएं मुफ्त मिलनी चाहिए थीं, वहां खराब हो चुकी करोड़ों की दवाएं गोदामों में सड़ गईं। अगर इस मामले में भी बड़े अफसरों को बचा लिया गया तो यह खतरनाक उदाहरण बन जाएगा कि इस देश में घोटाला करो, लेकिन अगर तुम्हारे पास ताकत है, तो सुरक्षित हो।
IAS Officer | IAS | Chhattisgarh ACB action | CG ACB | cgmscscam | CGMSC Scam CG News | cg newscg news hindi
c68fe1b3-42f
बड़े अफसरों के नाम पर चुप्पी क्यों?
इनमें...
- शशांक चोपड़ा, मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक
- कमल कांत पाटनवार, CGMSC के तकनीकी महाप्रबंधक
- खिरौद रावतिया, बायोमेडिकल इंजीनियर
- बसंत कोशिक, पूर्व तकनीकी महाप्रबंधक
- डॉ. अनिल परसाई, स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर
- दीपर कुमार बांधे, अन्य संबद्ध अधिकारी।
खबर यह भी...छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन को मिलेगा नया मुखिया, यूपीएससी सलेक्शन कमेटी की बैठक में होगा नाम तय
खरीदी नहीं, सुनियोजित लूट की योजना
सिर्फ 15-15 दिन के भीतर 300-300 करोड़ की दवाओं और लैब किट्स के बिना टेंडर या स्वीकृत बजट के ऑर्डर पास किए गए। अनुमान है कि बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति के 2 जून 2023 को 314.81 करोड़ रुपए के ऑर्डर जारी कर दिए गए।
ऊंचे दाम, घटिया माल और करोड़ों की कमाई
b5dc5e39-014
जांच में पता चला है कि जिन सामानों की सप्लाई की गई, वे या तो बाजार रेट से कई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदे गए या फिर उनकी क्वालिटी इतनी खराब थी कि वे उपयोग में ही नहीं आ सके। उदाहरण के तौर पर ब्लड टेस्ट में इस्तेमाल की जाने वाली ईडीटीए ट्यूब बाजार में अधिकतम 8.50 रुपए की मिलती है, मोक्षित कॉर्पोरेशन से इसे 2,352 रुपए प्रति ट्यूब के भाव पर खरीदा गया। ऐसे ही CBC मशीन बाजार में 5 लाख रुपए की आती है, CGMSC ने इसी मशीन को 17 लाख रुपए में खरीदा। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करीब 28 करोड़ की लैब किट सप्लाई होने के बाद खराब हो गईं।
क्या जांच में भी है राजनीतिक दखल?
खबर यह भी...छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फॉरेस्ट नियुक्ति पर सरकार से मांगा जवाब
राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का सवाल
378375df-0ff
यह घोटाला छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरी चोट है। जहां बच्चों को ब्लड टेस्ट की सस्ती ट्यूब मिलनी चाहिए थी, वहां उन्हें हजारों में खरीदा गया, शायद इस्तेमाल करने लायक भी न हों... ऐसी ट्यूबें दी गईं। जहां अस्पतालों में दवाएं मुफ्त मिलनी चाहिए थीं, वहां खराब हो चुकी करोड़ों की दवाएं गोदामों में सड़ गईं। अगर इस मामले में भी बड़े अफसरों को बचा लिया गया तो यह खतरनाक उदाहरण बन जाएगा कि इस देश में घोटाला करो, लेकिन अगर तुम्हारे पास ताकत है, तो सुरक्षित हो।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
IAS Officer | IAS | Chhattisgarh ACB action | CG ACB | cgmscscam | CGMSC Scam CG News | cg newscg news hindi
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari