प्रदेश में हर साल डेढ़ दर्जन अफसर आए एसीबी की चपेट में, इनमें एमडी, सीईओ जैसे अधिकारी शामिल
Arun Tiwari | Jun 18, 2024, 15:52 IST
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इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिन बड़े मामलों में ईडी की जांच चल रही है, उनके अलावा हर साल प्रदेश के डेढ़ दर्जन अफसर एसीबी या ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़े हैं। इनके आधे मामलों में तो अभी जांच ही चल रही है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों में करप्शन का काला खेल खुले रूप से चला है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि एंटी कॅरप्शन ब्यूरो ( Anti Corruption Bureau ) और ईओडब्ल्यू ( EOW ) की रिपोर्ट कह रही है। सीएम विष्णुदेव साय ( CM Vishnudev Say ) ने एसीबी ( ACB ) और ईओडब्ल्यू ( EOW ) की पिछले तीन साल की रिपोर्ट तलब की है।
इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिन बड़े मामलों में ईडी की जांच चल रही है उनके अलावा हर साल प्रदेश के डेढ़ दर्जन अफसर एसीबी या ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़े हैं।
इनके आधे मामलों में तो अभी जांच ही चल रही है। सीएम इन सभी अधिकारियों पर केस चलाने की मंजूरी देने जा रहे हैं। सुशासन का दावा करने वाली साय सरकार ने एसीबी को फ्री हैंड दिया है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में घूसखोरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा है। यानी अब सीएम की कोशिश सुशासन बाबू बनने की है।
एसीबी और ईओडब्ल्यू की ये रिपोर्ट भूपेश सरकार के समय की है। यह रिपोर्ट पिछले तीन साल यानी 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2023 तक की है।
दिसंबर में नई सरकार का गठन हो गया। इन पिछले तीन सालों में एसीबी ने 51 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की कार्रवाई की है। यानी हर साल डेढ़ दर्जन अधिकारी भ्रष्टाचार करते हुए एसीबी और ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़े हैं। कुछ के खिलाफ चालान पेश हो गए हैं तो कुछ को अभियोजन की स्वीकृति का इंतजार है।
1.अशोक चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर, पाठ्य पुस्तक निगम _ इन पर आय से 117 फीसदी ज्यादा संपत्ति _ चालान
2. ज्योति चतुर्वेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर_ इन पर आय से 84 फीसदी ज्यादा संपत्ति _ चालान
3. विनय गुप्ता, सीईओ, जनपद पंचायत,रामचंद्रपुर _ चालान
4. कुलेश्वर गायकवाड़, सीईओ,जनपद पंचायत,बिलाईगड़ _ चालान
5.संजय सिंह, महाप्रबंधक,पर्यटन मंडल _ विवेचना लंबित
6.प्रमोद गुप्ता, सेकंड क्लास, डीईओ कार्यालय,बतौली_ चालान
7.किशोर मेश्राम, डीईओ कार्यालय, नारायणपुर _ चालान
8.प्रमोद कुमार गर्ग, मैनेजर, राज्य भंडार गृह निगम _ विवेचना लंबित
9. डीएस पटेल, उपायुक्त,आदिम जाति विकास _ विवेचना लंबित
10. रामचंद्र हीराधर, डीईओ,बिलासपुर_ चालान पेश
11.नारायण प्रसाद गबेल,तहसीलदार,बिलासपुर _ खात्मा पेश
12.सीएल जायसवाल, सहायक आयुक्त,आदिमजाति विकास _ विवेचना लंबित
13.एनके अग्रवाल,सहायक संचालक, स्कूल शिक्षा _ चालान
14.डीडी जायसवाल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर _ चालान
15.देवेंद्र पांडे, अध्यक्ष,सहकारी बैंक,बिलासपुर _ विवेचना लंबित
15.भावेश विश्वकर्मा, ब्रांच मैनेजर,बैंक ऑफ इंडिया _ विवेचना लंबित
16.एके त्रिपाठी, मलेरिया अधिकारी _ विवेचना लंबित
कुछ बड़े घोटाले ऐस हैं जिनमें एसीबी और ईओडब्ल्यू के अलावा ईडी भी शामिल हैं। इन घोटालों में बड़े राजनेताओं के साथ आईएएस अफसरों के नाम शामिल हैं।
1.शराब घोटाला
2.कोयला घोटाला
3.कस्टम मिलिंग घोटाला
4. महादेव सट्टा एप घोटाला
इनमें ये राजनेता और अफसर शामिल : सौम्या चौरसिया तत्कालीन सीएम की उपसचिव, रानू साहू आईएएस, समीर विश्नोई आईएएस, अरुणपति त्रिपाठी आईएएस, अनिल टुटेजा आईएएस, विवेक ढांढ,आईएएस, अनवर ढेबर कारोबारी, सूर्यकांत तिवारी राजनेता, त्रिलोक सिंह ढिल्लन कारोबारी
दरअसल ये पूरी कवायद सीएम के सुशान मॉडल को लेकर है। सीएम नौकरशाही को ये दिखाना चाहते हैं कि वे भ्रष्टाचार के मामले में कोई कोताही नहीं बरतेंगे। उन्होंने एक कलेक्टर का सिंगल ऑर्डर पर ट्रांसफर कर और एसपी_कलेक्टर को सस्पेंड कर अपनी धमक दिखा दी है। सीएम इसके जरिए न सिर्फ जनता का भरोसा जीतना चाहते हैं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की गुडबुक में भी शामिल होना चाहते हैं।
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इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिन बड़े मामलों में ईडी की जांच चल रही है उनके अलावा हर साल प्रदेश के डेढ़ दर्जन अफसर एसीबी या ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़े हैं।
इनके आधे मामलों में तो अभी जांच ही चल रही है। सीएम इन सभी अधिकारियों पर केस चलाने की मंजूरी देने जा रहे हैं। सुशासन का दावा करने वाली साय सरकार ने एसीबी को फ्री हैंड दिया है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में घूसखोरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा है। यानी अब सीएम की कोशिश सुशासन बाबू बनने की है।
भूपेश सरकार के समय की रिपोर्ट
एसीबी और ईओडब्ल्यू की ये रिपोर्ट भूपेश सरकार के समय की है। यह रिपोर्ट पिछले तीन साल यानी 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2023 तक की है।
दिसंबर में नई सरकार का गठन हो गया। इन पिछले तीन सालों में एसीबी ने 51 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की कार्रवाई की है। यानी हर साल डेढ़ दर्जन अधिकारी भ्रष्टाचार करते हुए एसीबी और ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़े हैं। कुछ के खिलाफ चालान पेश हो गए हैं तो कुछ को अभियोजन की स्वीकृति का इंतजार है।
एसीबी के हत्थे चढ़े ये घूसखोर अफसर
1.अशोक चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर, पाठ्य पुस्तक निगम _ इन पर आय से 117 फीसदी ज्यादा संपत्ति _ चालान
2. ज्योति चतुर्वेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर_ इन पर आय से 84 फीसदी ज्यादा संपत्ति _ चालान
3. विनय गुप्ता, सीईओ, जनपद पंचायत,रामचंद्रपुर _ चालान
4. कुलेश्वर गायकवाड़, सीईओ,जनपद पंचायत,बिलाईगड़ _ चालान
5.संजय सिंह, महाप्रबंधक,पर्यटन मंडल _ विवेचना लंबित
6.प्रमोद गुप्ता, सेकंड क्लास, डीईओ कार्यालय,बतौली_ चालान
7.किशोर मेश्राम, डीईओ कार्यालय, नारायणपुर _ चालान
8.प्रमोद कुमार गर्ग, मैनेजर, राज्य भंडार गृह निगम _ विवेचना लंबित
9. डीएस पटेल, उपायुक्त,आदिम जाति विकास _ विवेचना लंबित
10. रामचंद्र हीराधर, डीईओ,बिलासपुर_ चालान पेश
11.नारायण प्रसाद गबेल,तहसीलदार,बिलासपुर _ खात्मा पेश
12.सीएल जायसवाल, सहायक आयुक्त,आदिमजाति विकास _ विवेचना लंबित
13.एनके अग्रवाल,सहायक संचालक, स्कूल शिक्षा _ चालान
14.डीडी जायसवाल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर _ चालान
15.देवेंद्र पांडे, अध्यक्ष,सहकारी बैंक,बिलासपुर _ विवेचना लंबित
15.भावेश विश्वकर्मा, ब्रांच मैनेजर,बैंक ऑफ इंडिया _ विवेचना लंबित
16.एके त्रिपाठी, मलेरिया अधिकारी _ विवेचना लंबित
इन घोटालों की जांच में ईडी शामिल
कुछ बड़े घोटाले ऐस हैं जिनमें एसीबी और ईओडब्ल्यू के अलावा ईडी भी शामिल हैं। इन घोटालों में बड़े राजनेताओं के साथ आईएएस अफसरों के नाम शामिल हैं।
1.शराब घोटाला
2.कोयला घोटाला
3.कस्टम मिलिंग घोटाला
4. महादेव सट्टा एप घोटाला
इनमें ये राजनेता और अफसर शामिल : सौम्या चौरसिया तत्कालीन सीएम की उपसचिव, रानू साहू आईएएस, समीर विश्नोई आईएएस, अरुणपति त्रिपाठी आईएएस, अनिल टुटेजा आईएएस, विवेक ढांढ,आईएएस, अनवर ढेबर कारोबारी, सूर्यकांत तिवारी राजनेता, त्रिलोक सिंह ढिल्लन कारोबारी
सुशासन मॉडल खड़ा करना चाहते हैं सीएम
दरअसल ये पूरी कवायद सीएम के सुशान मॉडल को लेकर है। सीएम नौकरशाही को ये दिखाना चाहते हैं कि वे भ्रष्टाचार के मामले में कोई कोताही नहीं बरतेंगे। उन्होंने एक कलेक्टर का सिंगल ऑर्डर पर ट्रांसफर कर और एसपी_कलेक्टर को सस्पेंड कर अपनी धमक दिखा दी है। सीएम इसके जरिए न सिर्फ जनता का भरोसा जीतना चाहते हैं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की गुडबुक में भी शामिल होना चाहते हैं।
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