छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में आज आखिरी सत्र: जानिए 25 साल की यात्रा के बड़े पल, रायपुर के नए भव्य भवन में होगा अगला सत्र

छत्तीसगढ़ की विधायी इतिहास का अहम अध्याय आज समाप्त हुआ, जब रायपुर स्थित पुराने विधानसभा भवन में अंतिम बार एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। यह भवन पिछले 25 सालों से सत्ता परिवर्तन, अविश्वास प्रस्तावों और ऐतिहासिक फैसलों का साक्षी रहा है।

author-image
Harrison Masih
New Update
chhattisgarh-vidhan-sabha-old-building-last-session-new-assembly-nava-raipur the sootr
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

Raipur. छत्तीसगढ़ की संसदीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय आज समाप्त हो गया। रायपुर स्थित पुराना विधानसभा भवन, जिसने राज्य की राजनीति के लगभग ढाई दशक के उतार-चढ़ावों को देखा, आज आखिरी बार सत्र की मेजबानी कर रहा है। इसके बाद विधानसभा का शीतकालीन सत्र नवा रायपुर के नए, अत्याधुनिक और स्मार्ट विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा।

यह क्षण सिर्फ़ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि उस दौर को विदाई है जिसने छत्तीसगढ़ के लोकतंत्र को आकार दिया, कई ऐतिहासिक फैसलों को जन्म दिया और सत्ता व विपक्ष के बीच तीखी बहसों का मंच बना।

25 साल की संसदीय यात्रा: बहस, सत्ता परिवर्तन और यादगार फैसलों का इतिहास

पुराना विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ की जन्म से लेकर विकास तक की यात्रा का साक्षी रहा है। यहां बीते 25 वर्षों में सत्ता बदली, विपक्ष ने तल्खी दिखाई, मंत्री वॉकआउट कर गए, अविश्वास प्रस्ताव लाए गए और कई बार बहसें घंटों तक चलीं।

अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ विधानसभा में अब तक 9 अविश्वास प्रस्ताव पेश हुए। एक अवसर पर लगातार 19 घंटे तक रातभर बहस चली, जिसे आज भी छत्तीसगढ़ की संसदीय परंपरा का स्वर्णिम क्षण माना जाता है।

मंत्री का सदन में ही वॉकआउट
कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष की आक्रामक टकरावों ने इस सदन को सुर्खियों में रखा।

जनता की आवाज का सबसे बड़ा मंच
यह भवन सिर्फ कानून बनाने का स्थल नहीं था, बल्कि हर वह फैसला यहीं जन्मा जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति की दिशा बदली।

संसदीय यात्रा की शुरुआत—टेंट से यहां तक का सफर
1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ 26वां राज्य बना। लेकिन तब तक स्थायी विधानसभा भवन नहीं था, इसलिए राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में टेंट लगाकर पहला सत्र आयोजित हुआ।

14 से 19 दिसंबर 2000
इन्हीं तिथियों में छत्तीसगढ़ का पहला सत्र चला। राजेंद्र प्रसाद शुक्ल पहले विधानसभा अध्यक्ष बने और महेंद्र बहादुर सिंह को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया। यही वह क्षण था जब छत्तीसगढ़ की संसदीय परंपरा शुरू हुई।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 साल के सफर का समापन, पुराने भवन के आखिरी सत्र का भावुक पल 18 को

PM मोदी ने किया नए विधानसभा भवन का उद्घाटन, अटल बिहारी की भव्य प्रतिमा का भी अनावरण, रोड शो में उमड़ा जनसैलाब

यादगार पल: 19 घंटे की ऐतिहासिक बहस

22 दिसंबर 2017 को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे लंबी बहस थी।

  • 19 घंटे लगातार बहस
  • 47 विधायकों की सहभागिता
  • मौजूदा और विपक्ष के नेताओं की टक्कर
  • गौरीशंकर अग्रवाल की अध्यक्षता
  • टीएस सिंहदेव का 2 घंटे लंबा भाषण
  • डॉ. रमन सिंह पूरी रात सदन में उपस्थित

यह लोकतंत्र की जीवंत तस्वीर थी, जिसकी गूंज आज भी विधानसभा की दीवारों में सुनाई देती है।

5 विधानसभा चुनावों का गवाह

इस भवन ने राज्य के सभी 5 विधानसभा चुनावों को देखा— 2003, 2008, 2013, 2018 और 2023। इनमें सत्ता कई बार बदली। अजीत जोगी, डॉ. रमन सिंह, भूपेश बघेल, विष्णुदेव साय इन चार मुख्यमंत्रियों के सभी बड़े फैसले इसी सदन से निकले।

आज का सत्र — सिर्फ कार्यवाही नहीं, एक युग को विदाई

पुराने विधानसभा भवन में आयोजित यह एकदिवसीय विशेष सत्र सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि 25 वर्षों की संसदीय यात्रा को याद करने और इतिहास को सलाम करने का अवसर है।

अब शुरुआत नए अध्याय की: नवा रायपुर का स्मार्ट विधानसभा भवन

छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस भवन का उद्घाटन 1 नवंबर को राज्योत्सव के मौके पर पीएम मोदी ने किया। यह न सिर्फ आधुनिक है बल्कि तकनीकी रूप से देश के सबसे उन्नत विधानसभा परिसरों में से एक बन चुका है।

324 करोड़ में बना है छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन, कल पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण, जानिए इसकी खासियतें

राज्योत्सव के मुख्य अतिथि होंगे पीएम मोदी, नए विधानसभा भवन का करेंगे लोकार्पण, पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल

200 सदस्यों तक विस्तार की क्षमता
भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर सदन को 200 सदस्यों तक विस्तारित किया जा सकेगा।

पेपरलेस विधायी कार्य
नई तकनीक के साथ यह भवन 'स्मार्ट विधानसभा' के रूप में विकसित होगा।

51 एकड़ में फैला, 324 करोड़ की लागत—शानदार भव्य परिसर

पूरा परिसर 51 एकड़ में बना है और इसके निर्माण पर 324 करोड़ रूपए खर्च हुए हैं। इसे तीन विंग में विभाजित किया गया है:

  • विंग-A: विधानसभा सचिवालय
  • विंग-B: सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय
  • विंग-C: मंत्रियों के कार्यालय

500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल

नया परिसर: 500 लोगों की क्षमता वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, 100 सीटर सेंट्रल हॉल के साथ तैयार किया गया है। भवन की आर्किटेक्चर में आधुनिकता और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी डिजाइन का मेल देखने को मिलता है।

पुराना विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ की राजनीति, लोकतंत्र, संघर्ष और संवाद का प्रतीक रहा है। आज जब यह अंतिम बार सत्र की मेजबानी कर रहा है, तब राज्य एक नए भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। नवा रायपुर का नया विधानसभा भवन सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए लोकतंत्र का नया मंदिर बनने जा रहा है।

छत्तीसगढ़ Raipur छत्तीसगढ़ विधानसभा छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन
Advertisment