सरकारी अफसर क्रिस्टीना की जाति पर सवाल, जांच समिति ने रद्द किया एसटी प्रमाणपत्र
The Sootr | Jul 28, 2026, 17:15 IST
क्रिस्टीना लाल का एसटी प्रमाण पत्र रद्द
करीब दस साल पहले विवादों में आए एक अनुसूचित जनजाति जाति प्रमाण पत्र का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय जाति जांच समिति ने क्रिस्टीना एस लाल के अनुसूचित जनजाति जाति प्रमाण पत्र को दोबारा निरस्त कर दिया है।
समझें क्या है पूरा मामला
इसके बाद उनकी नौकरी मुश्किल में आ गई है। इस आधार पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होती है तो उनकी नौकरी जा सकती है। हालांकि इससे पहले भी इस तरह की बात सामने आई थी जिस पर उनको हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था। जांच कमेटी फिर से बनाई गई और इस कमेटी ने भी उनके जाति प्रमाणपत्र को नहीं मानते हुए उसे रद्द कर दिया।
अफसर की जाति पर सवाल
विभिन्न स्तरों पर कानूनी प्रक्रिया चलने के बाद एक बार फिर पूरे मामले की विस्तृत जांच की गई। हाई लेवल स्क्रूटनी समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, वंशावली, राजस्व अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि वे अनुसूचित जनजाति वर्ग का दावा प्रमाणित नहीं कर सकीं। इसी आधार पर समिति ने एसटी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने का आदेश जारी किया।
एसटी प्रमाणपत्र पर मिली नौकरी
दस साल पहले भी उनकी जाति की जांच की गई थी जिसमें भी उनके जाति प्रमाणपत्र को मान्य नहीं किया गया था। लेकिन उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एक बार फिर हाईलेवल जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी ने उनके गांव जाकर पड़ताल की लेकिन इस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला। इस आधार पर कमेटी ने उनके अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया।
फर्जी जाति का मुद्दा फिर चर्चा में
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों में यह स्पष्ट किया जा चुका है कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी या गलत आधार पर प्राप्त जाति प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी या अन्य लाभ हासिल करता है तो प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद संबंधित लाभ भी वापस लिए जा सकते हैं। ऐसे मामलों की जांच के लिए राज्य स्तर पर गठित स्क्रूटनी समितियों को अधिकार प्राप्त हैं और उनके निर्णय के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।
पूरे सिस्टम पर असर
और जांच प्रक्रिया को तेज करने पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल हाई लेवल स्क्रूटनी समिति का आदेश संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। अब विभागीय स्तर पर नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी। यदि संबंधित पक्ष इस फैसले को चुनौती देना चाहता है तो उसे कानून के तहत उपलब्ध न्यायिक विकल्पों का सहारा लेना होगा।
FAQ
- क्रिस्टीना एस लाल कौन हैं?
क्रिस्टीना एस लाल छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक पद पर कार्यरत अधिकारी हैं। उनका नाम ST जाति प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर चल रही जांच के बाद चर्चा में आया है। - क्रिस्टीना एस लाल का मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी क्रिस्टीना एस लाल के अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाणपत्र की वैधता से जुड़ा है। - जांच समिति ने क्या फैसला दिया है?
राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय जाति जांच समिति ने क्रिस्टीना एस लाल के ST जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है। - जाति प्रमाणपत्र रद्द होने के बाद क्या असर पड़ सकता है?
प्रमाणपत्र रद्द होने के बाद उनकी सरकारी नौकरी और सेवा लाभों पर असर पड़ सकता है। विभाग नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
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