फिर अटकी अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी, 36 नेताओं के नाम पर मंथन

Arun Tiwari | Sept 19, 2026, 10:56 IST
अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी अटकी
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में निष्कासित नेताओं की वापसी का मुद्दा फिर चर्चा में है। अनुशासन समिति ने करीब 36 मामलों पर चर्चा की, जबकि अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह के मामलों पर अभी फैसला लंबित है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किए गए नेताओं की वापसी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने ऐसे नेताओं से जुड़े करीब 36 आवेदनों और अनुशासनात्मक मामलों पर मंथन किया। हालांकि, सभी मामलों पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है।



राजीव भवन में हुई बैठक में पार्टी में वापसी के लिए मिले आवेदनों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित अनुशासन समिति के सदस्य मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से अभिमत लेने का निर्णय किया गया है। वहीं, कुछ नेताओं के आवेदन पर आगे विचार के लिए मामला लंबित रखा गया है। अमित जोगी की वापसी का मामला फिर अटक गया है।



जोगी परिवार और बृहस्पति सिंह का मामला लंबित:

अमित जोगी, डॉ. रेणु जोगी और पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह से जुड़े मामलों पर भी समिति में चर्चा हुई। इन मामलों में तत्काल अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। अमित जोगी के मामले को अनुशासन समिति के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने विचाराधीन बताया है। ऐसे में इन नेताओं की कांग्रेस में वापसी को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।जोगी परिवार की कांग्रेस में वापसी को लेकर पहले भी राजनीतिक स्तर पर चर्चा होती रही है।



दिसंबर 2024 में भी अमित और रेणु जोगी की संभावित वापसी को लेकर खबरें सामने आई थीं। उस समय कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि आवेदन आने पर संबंधित समिति और पार्टी नेतृत्व निर्णय लेगा। अमित जोगी ने वापसी और जोगी कांग्रेस का कांग्रेस में विलय करने का आवेदन भी दिया। लेकिन अमित जोगी को कांग्रेस में लेने पर सभी नेता एकमत नहीं है। इस मामले को एक बार फिर टाल दिया गया।



करीब 36 प्रकरणों पर हुई चर्चा:

अनुशासन समिति के सामने कुल 36 प्रकरण रखे गए थे। इनमें विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई झेल चुके नेताओं के मामले शामिल हैं। कुछ नेताओं ने पार्टी में वापसी के लिए आवेदन के साथ माफी भी मांगी है।



सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में नेताओं की वापसी को लेकर सकारात्मक रुख सामने आया है, जबकि कुछ प्रकरणों में स्थानीय संगठन की राय को महत्वपूर्ण माना गया है। जिला और ब्लॉक स्तर से रिपोर्ट मिलने के बाद ही ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।



पार्टी विरोधी गतिविधियों पर भी चर्चा:

बैठक में केवल पुराने निष्कासन मामलों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी और अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। कांग्रेस संगठन की ओर से लगातार यह संकेत दिया जाता रहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और सार्वजनिक बयानबाजी को अनुशासन के दायरे में रखा जाएगा।



बृहस्पति सिंह का मामला भी इसी पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है। विधानसभा चुनाव के बाद उनके द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी। अब उनकी वापसी के आवेदन पर भी समिति स्तर पर विचार किया जा रहा है।



अगली बैठक में हो सकता है फैसला:

अनुशासन समिति ने जिन मामलों में स्थानीय संगठन की राय मांगी है, उनमें संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से अभिमत लेने के बाद आगे निर्णय किया जाएगा। लंबित प्रकरणों पर भी अगली बैठक में चर्चा होने की संभावना है।इस तरह फिलहाल 36 नेताओं की वापसी को लेकर कांग्रेस ने कोई एकमुश्त निर्णय नहीं लिया है।



कुछ मामलों में प्रक्रिया आगे बढ़ी है, जबकि कई प्रकरणों पर अंतिम फैसला बाद में होगा। खास तौर पर अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह जैसे प्रमुख नामों को लेकर कांग्रेस के अगले निर्णय पर नजर रहेगी।



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