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Photograph: (the sootr)
News In Short
महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने कांग्रेस में औपचारिक वापसी की घोषणा की।
11 जनवरी को मालवीया ने कांग्रेस में लौटने की इच्छा जताई थी।
अनुशासन समिति ने 16 जनवरी को मालवीया की वापसी पर विचार किया।
एआईसीसी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अनुमोदन के बाद राजस्थान कांग्रेस ने घोषणा की।
मालवीया ने 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ज्वॉइन की थी।
News In Detail
लोकसभा चुनावों में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए महेंद्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में फिर से वापसी हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। मालवीया की कांग्रेस में घर वापसी के बाद आदिवासी इलाके में जश्न का माहौल है।
मालवीया की कांग्रेस में वापसी
पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने कांग्रेस में वापसी की औपचारिक मंजूरी प्राप्त कर ली है। इससे पहले, शुक्रवार को राजस्थान कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक हुई, जिसमें उनकी कांग्रेस में वापसी पर चर्चा की गई। मालवीया 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस में लौटने का निर्णय लिया। उनके समर्थकों ने भी इस अवसर पर उत्साह से ढोल-नगाड़े बजाए और आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया।
अनुशासन समिति की रिपोर्ट और प्रक्रिया
मालवीया की वापसी को लेकर अनुशासन समिति ने अपनी रिपोर्ट पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा को सौंप दी। इसके बाद रिपोर्ट को एआईसीसी दिल्ली भेजा गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक घंटे के अंदर इस रिपोर्ट को मंजूरी दी। इसके बाद, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पत्र भेजकर मालवीया की वापसी को मंजूरी दी।
सीडब्ल्यूसी सदस्य होने के कारण प्रक्रिया में देर
मालवीया की कांग्रेस में वापसी के मामले में एक जटिलता यह आई कि वह सीडब्ल्यूसी (कांग्रेस कार्यसमिति) के सदस्य रह चुके थे। ऐसे में उनका मामला स्टेट स्तर पर तय नहीं किया जा सकता था। अनुशासन समिति ने इसे दिल्ली तक भेजा, जहां से अनुमति मिलने के बाद उनके वापसी आदेश जारी किए गए।
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14 जनवरी को स्वागत
14 जनवरी को बांसवाड़ा के नाहरपुरा भैरवजी मंदिर परिसर में मालवीया का भव्य स्वागत हुआ। उनके समर्थक ढोल-नगाड़े लेकर पहुंचे और मालवीया ने आदिवासी परंपरा का पालन करते हुए ढोल बजाया।
आगे और नेताओं की वापसी पर चर्चा
अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना ने कहा कि मालवीया के अलावा कई और नेताओं की कांग्रेस में वापसी की संभावना है। इन नेताओं में कांता भील, खिलाड़ी लाल बेरवा, गोपाल गुर्जर, कैलाश मीणा और सुभाष तंबोली शामिल हैं। इसके अलावा, भाजपा के कई अन्य नेता भी कांग्रेस में आ सकते हैं, जिनके संपर्क में आने की संभावना जताई जा रही है।
कांग्रेस में वापसी को लेकर पूरा किस्सा :
- आधिकारिक आदेश: 17 जनवरी 2026 को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने मालवीय की वापसी को मंजूरी देते हुए आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी की सदस्यता दे दी गई है।
- अनुशासन समिति की भूमिका: राजस्थान कांग्रेस की अनुशासन समिति (जिसकी अध्यक्षता उदयलाल आंजना ने की) ने सर्वसम्मति से उनकी वापसी की सिफारिश की थी। चूंकि मालवीय पूर्व में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सदस्य रहे थे, इसलिए उनकी वापसी का अंतिम निर्णय दिल्ली स्तर पर हाईकमान द्वारा लिया गया।
- बीजेपी छोड़ने का कारण: मालवीय ने स्वीकार किया कि कांग्रेस छोड़ना उनकी एक "ऐतिहासिक भूल" थी। उन्होंने बताया कि बीजेपी में वे सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे थे और 'डबल इंजन सरकार' में आदिवासियों के काम नहीं होने से वे दुखी थे।
यह हुआ पूरा राजनीतिक घटनाक्रम
- मालवीय ने 11 जनवरी 2026 को बीजेपी से इस्तीफा दिया और जयपुर में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा व पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात कर वापसी की इच्छा जताई थी।
- बांसवाड़ा के नाहरपुरा भैरवजी मंदिर में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनकी वापसी का जश्न मनाया।
अन्य नेताओं की वापसी की चर्चा: अनुशासन समिति की रिपोर्ट में मालवीय के अलावा कांता भील, खिलाड़ी लाल बैरवा, गोपाल गुर्जर, कैलाश मीणा और सुभाष तंबोली जैसे नेताओं की वापसी पर भी चर्चा की गई है।
महेंद्रजीत सिंह मालवीया की इस वापसी को आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) में कांग्रेस को मजबूत करने वाले एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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