राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2024 के मूल्यांकन पर उठे सवालों को CGPSC ने किया खारिज, कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2024 की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कुछ समाचार पोर्टल्स में प्रकाशित खबरों पर कड़ी आपत्ति जताई है।

author-image
Pravesh Shukla
New Update
cpsc-mains-exam-evaluation-controversy-2024
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

रायपुर।  लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2024 की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कुछ समाचार पोर्टल्स में प्रकाशित खबरों पर कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने यह साफ किया है कि मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर कर परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का प्रयास किया गया है, जो कि पूरी तरह निराधार है। आयोग ने खुद को एक निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित संस्था बताया है।

पढ़ें:क्या कोर्ट ने रद्द नहीं की एसआई भर्ती 2021 परीक्षा, जानिए इस बारे में मंत्री जोगाराम पटेल ने क्या कहा

'कई स्तरों में होती है जांच'

आयोग के अनुसार, प्रत्येक विषय के लिए बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञों (subject-matter experts) को मूल्यांकन कार्य के लिए बुलाया जाता है। मूल्यांकन की प्रक्रिया कई स्तरों पर जांच से गुजरती है और इसमें गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है।

'निजी स्वार्थ में सामने लाए गए नाम'

आयोग का मानना है कि कुछ व्यक्तियों ने निजी स्वार्थ या विद्वेष की भावना से कुछ मूल्यांकनकर्ताओं (मूल्यांकनकर्ता-evaluators) के नाम उजागर किए हैं, जो एक ही संस्था में कार्यरत हैं। यह कदम जानबूझकर आयोग की प्रक्रिया को संदिग्ध साबित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पढ़ें:  Weather Update: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से 40 मौतें, MP में बारिश का दौर जारी

खबर को पांच प्वॉइंट में समझें

  1. आपत्ति और खंडन:छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2024 के मूल्यांकन पर प्रकाशित खबरों पर कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा है कि इन खबरों में परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाया गया है, जो पूरी तरह से निराधार है।

  2. गोपनीय और त्रुटिरहित प्रक्रिया: CGPSC ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया बेहद गोपनीय होती है। इसमें बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञों को शामिल किया जाता है और यह कई स्तरों की जांच से गुजरती है, जिससे त्रुटिरहित परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

  3. व्यक्तिगत द्वेष का आरोप: आयोग का मानना है कि कुछ व्यक्तियों ने व्यक्तिगत स्वार्थ या विद्वेष के कारण उन मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर किए हैं, जो एक ही संस्थान में कार्यरत हैं। इसका मकसद जानबूझकर आयोग की प्रक्रिया को संदिग्ध बनाना था।

  4. पारदर्शिता की प्रतिबद्धता: CGPSC ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। आयोग ने कहा है कि वह अपनी प्रक्रिया में पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी है।

  5. कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: आयोग ने मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर करने वाले स्रोतों की जानकारी जुटाने की बात कही है। दोषियों के खिलाफ जल्द ही विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पढ़ें: मनमर्जी की सीईओ-आरोप,आंदोलन,नाराज़गी हर जगह, फिर भी कुर्सी सलामत

पारदर्शिता की प्रतिबद्धता 

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अपने संवैधानिक दायित्वों और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता (transparency) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। आयोग ने यह भी कहा है कि वह उन स्रोतों की जानकारी जुटा रहा है, जिन्होंने मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर किए हैं। दोषियों के खिलाफ जल्द ही विभागीय या अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पढ़ें: नशे में धुत-हेडमास्टर, न कलेक्टर पता न पीएम का पूरा नाम, रमन सिंह को बताया मुख्यमंत्री

thesootr links

सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती | सीजीपीएससी विवाद | Chhattisgarh Public Service Commission | CGPSC Controversy | exam results | evaluation process

evaluation process exam results CGPSC Controversy Chhattisgarh Public Service Commission सीजीपीएससी विवाद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग