350 करोड़ रुपए का DMF घोटाला... गांवों के विकास के लिए दिया था फंड
Kanak Durga Jha | Feb 19, 2025, 14:01 IST
DMF scam of Rs 350 crores Funds were used for development of villages
गांवों में विकास कार्य या सामुदायिक हित में डीएमएफ से कोई राशि खर्च नहीं की गई है। इसी अवधि में कोरोनाकाल में डीएमएफ फंड से जमकर भ्रष्टाचार किया गया।
2015 से 2022 तक जिले को डीएमएफ फंड से लगभग 350 करोड़ रुपए मिले हैं। नियम के मुताबिक खनन डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन से मिलने वाली राशि का 70 फीसदी हिस्सा खदान से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों पर खर्च होना है और बाकी 30 फीसदी 25 किमी तक आने वाले गांवों में, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
ये खबर भी पढ़िए...आज मिलेंगे नए पंच-सरपंच, CM विष्णुदेव साय के समधी का भी होगा फैसला
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के रायगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार, खरसिया और पुसौर ब्लाक में 55 गांव सीधे और 864 गांव अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हैं लेकिन 2015 से 2022 तक इन गांवों में विकास कार्य या सामुदायिक हित में डीएमएफ से कोई राशि खर्च नहीं की गई है। इसी अवधि में कोरोनाकाल में डीएमएफ फंड से जमकर भ्रष्टाचार किया गया।
ये खबर भी पढ़िए...CG Breaking : शराब घोटाला केस में 4 मार्च तक जेल में रहेंगे कवासी लखमा
ऊंची कीमतों पर उपकरण खरीदे गए। कृषि, स्वास्थ्य विभाग के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने डीएमएफ फंड से जमकर खर्च किया। जिन इलाकों में खदान है, खनन गतिविधियां होती हैं। वहां शासन को मिलने वाली रायल्टी का एक हिस्सा डीएमएफ में जाता है।
खनन प्रभावित गांव की ग्राम पंचायत से काम की सूची बनवाई जाती है। प्रस्ताव बनता है, मिनटबुक में एंट्री होती है। स्वीकृत कामों को डीएमएफ के पोर्टल में दर्ज किया जाता है। पोर्टल में किसी भी गांव में कोई काम हुए नहीं दिखते हैं।
ये खबर भी पढ़िए...लॉटरी दिलाएगी हितग्राहियों को मकान... साय सरकार दे रही बड़ा चांस
हर गांव को मिल सकता है 30 लाख रुपए आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी कहते हैं, जिले में 550 ग्राम पंचायतें हैं। 2015-22 तक जितना डीएमएफ मिला उससे प्रत्येक प्रभावित गांवों पर खर्च करें तो 30 लाख रुपए प्रति गांव से अधिक मिल सकते थे। इससे प्रभावित गांवों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, नाली, सड़क, पेयजल जैसे काम हो सकते हैं। कुछ सालों में खरीदी के नाम पर जमकर धांधली हुई है।
ये खबर भी पढ़िए...मुस्लिम नेताओं ने कराया 30 हजार एकड़ जमीन पर कब्जा... चला कानूनी डंडा
ये खबर भी पढ़िए...आज मिलेंगे नए पंच-सरपंच, CM विष्णुदेव साय के समधी का भी होगा फैसला
कोरोनाकाल में जमकर भ्रष्टाचार
ये खबर भी पढ़िए...CG Breaking : शराब घोटाला केस में 4 मार्च तक जेल में रहेंगे कवासी लखमा
ऊंची कीमतों पर उपकरण खरीदे गए। कृषि, स्वास्थ्य विभाग के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने डीएमएफ फंड से जमकर खर्च किया। जिन इलाकों में खदान है, खनन गतिविधियां होती हैं। वहां शासन को मिलने वाली रायल्टी का एक हिस्सा डीएमएफ में जाता है।
खनन प्रभावित गांव की ग्राम पंचायत से काम की सूची बनवाई जाती है। प्रस्ताव बनता है, मिनटबुक में एंट्री होती है। स्वीकृत कामों को डीएमएफ के पोर्टल में दर्ज किया जाता है। पोर्टल में किसी भी गांव में कोई काम हुए नहीं दिखते हैं।
ये खबर भी पढ़िए...लॉटरी दिलाएगी हितग्राहियों को मकान... साय सरकार दे रही बड़ा चांस
ऐसे हुई धांधली
ये खबर भी पढ़िए...मुस्लिम नेताओं ने कराया 30 हजार एकड़ जमीन पर कब्जा... चला कानूनी डंडा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari